मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; CM मोहन यादव के कुनबे में भी बढ़ोतरी
वहीं, भरत यादव को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के प्रबंध संचालक की मौजूदा जिम्मेदारी के साथ जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कलेक्टरों में बालाघाट के कुमार सत्यम को हरदा और रायसेन के अरुण विश्वकर्मा को जबलपुर का कलेक्टर बनाया गया है। अंकित अस्थाना को सिंगरौली, कृषि विभाग के उप सचिव रोहित सिसोनिया को रायसेन और आईडीए के सीईओ डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े को शाजापुर कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम और आदित्य सिंह को बालाघाट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक-सह-आयुक्त, मंडी बनाया गया है। भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना को वित्त विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया है।
सीनीयर आईएएस अधिकारियों में रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है। वहीं, केसी गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
पूरी लिस्ट देखने के लिए क्लिक करें।
मध्यप्रदेश IAS तबादला सूची 2026
किन जिलों में किसे बनाया गया कलेक्टर?
| अधिकारी का नाम | वर्तमान पदस्थापना | नई पदस्थापना |
| कुमार सत्यम | कलेक्टर, बालाघाट | कलेक्टर, हरदा |
| अरुण विश्वकर्मा | कलेक्टर, रायसेन | कलेक्टर, जबलपुर |
| अंकित अस्थाना | डायरेक्टर, ईसीबी | कलेक्टर, सिंगरौली |
| कलेक्टर, सिंगरौली | उप सचिव, कृषि विभाग | कलेक्टर, रायसेन |
| परीक्षित झाड़े | सीईओ, आईडीए | कलेक्टर, शाजापुर |
| आशीष वसिष्ठ | - | कलेक्टर, नर्मदापुरम |
| आदित्य सिंह | - | कलेक्टर, बालाघाट |
| किरोड़ी लाल मीणा | कलेक्टर, भिंड | पद से हटाए गए |
| राघवेन्द्र | कलेक्टर, जबलपुर | प्रबंध संचालक, मंडी बोर्ड |
कम कार्यकाल वाले कलेक्टर भी हटाए गए
मध्यप्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त रुख से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय में कमी को तबादलों की एक वजह माना जा रहा है। इस फेरबदल में कम समय से पदस्थ कलेक्टरों को भी हटाया गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि जिला प्रशासन के कामकाज और प्रदर्शन को पदस्थापनाओं में महत्व दिया जा रहा है।
आदित्य सिंह और रोहित सिरोनिया की मुख्यधारा में वापसी
इस प्रशासनिक फेरबदल में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपने की कवायद भी आगे बढ़ी है। आदित्य सिंह और रोहित सिरोनिया को कलेक्टर की जिम्मेदारी देकर फिर मुख्यधारा में लाया गया है। दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पन्ना और बालाघाट की चुनौतियों पर नजर
सरकार ने पन्ना और बालाघाट जैसे जिलों की प्रशासनिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखा है। पन्ना में केन-बेतवा परियोजना से जुड़े भू-अर्जन के मामले महत्वपूर्ण हैं। वहीं, बालाघाट में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए अनुभवी कलेक्टरों की पदस्थापना पर जोर दिया गया है।
सुखबीर सिंह को बेहतर प्रदर्शन का इनाम
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पदस्थापना को उनके बेहतर प्रदर्शन और विभागीय कामकाज पर मजबूत पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है। वे लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
GIS की तैयारियों के लिए उद्योग विभाग में बदलाव
आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उद्योग विभाग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग को स्वतंत्र सचिव मिला है। उद्योग विभाग में भी नए सचिव की पदस्थापना हुई है।
कुमार पुरुषोत्तम को पूर्णकालिक MSME आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों और निवेश से जुड़े कामकाज को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।
मूंग खरीदी आंदोलन का भी असर?
हरदा और नर्मदापुरम जिलों में कम कार्यकाल के बाद कलेक्टरों को बदलने के फैसले को मूंग खरीदी से जुड़े किसान आंदोलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक आंदोलन के दौरान प्रभावी कार्रवाई नहीं होने और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति संभालने में कमी को बदलाव की वजह माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक कारण स्पष्ट होना बाकी है।