गजब की बिजली कंपनी- किसानों को दस घंटे बिजली, लेकिन आधी रात ठंड में देंगे
INDORE. मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव किसानों के हित में भावांतर योजना ला रहे हैं। इस योजना के तहत किसानों के खातों में राशि डाल रहे हैं। इसके अलावा, दस घंटे बिजली को लेकर विवादित आदेश वाले अधिकारी पर कार्रवाई हो रही है।
इसके बावजूद बिजली कंपनी मानने को तैयार नहीं है। अब दस घंटे बिजली देने का शेड्यूल ही बदल दिया है। इसमें आधी बिजली ठंड के दिनों में आधी रात को दी जाएगी, कुछ बिजली अल सुबह तो बाकी दिन में।
इस तरह के जारी हो रहे हैं शेड्यूल
यह आदेश डिवीजन देपालपुर और वितरण केंद्र गौतमपुरा के जरिए जारी किया गया है।
किसानों में गुस्सा
इंदौर क्षेत्र में बिजली कंपनी के जरिए ग्रामीण कृषि फीडरों की सप्लाई का शेड्यूल अचानक बदल दिया गया है। पहले किसानों को दिन के समय 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी।
वहीं, अब नए शेड्यूल के तहत सप्लाई समय में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। रात में सप्लाई मिलने से जिलेभर के किसान भारी नाराज हैं। किसानों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में रात के समय खेतों में जाकर सिंचाई करना बेहद कठिन और असुरक्षित है।
किसानों को दस घंटे बिजली की खबर पर एक नजर...
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यह बोल रहे किसान
बरोदा पंथ के किसान चंदनसिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, नैनोद के दिलीप बोरिया, सतीश मकवाना, प्रवीण ठाकुर, अरशद पटेल, सतीश मोर्य ने बताया कि रात में नंगे पैर खेतों में चलना पड़ता है। इससे सांप के काटने का खतरा बढ़ जाता है।
किसान नेता बबलू जाधव ने कहा कि बिना किसी पूर्व सलाह-मशविरा के कंपनी ने शेड्यूल बदल दिया, जो किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि रात में सिंचाई करना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि इससे किसानों की सेहत और मेहनत दोनों पर विपरीत असर पड़ता है।
बबलू जाधव ने मांग की कि मुख्यमंत्री की दिन में 10 घंटे बिजली देने संबंधी घोषणा का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाए। यदि बिजली कंपनी ने जल्द शेड्यूल में बदलाव नहीं किया, तो किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे।