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INDORE. इंदौर के कनाडिया रोड स्थित गोल्फ ग्रीन कॉलोनी में मेंटेनेंस के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा खेल उजागर हुआ है। इंदौर की किसी भी कॉलोनी में मेंटेनेंस के नाम पर सामान्य चार्ज लिया जाता है। वहीं यहां रहवासियों से मनमाफिक शुल्क लिया जा रहा है। मेंटेनेंस के नाम पर 20 पैसे से बढ़ाकर सीधे 1 रुपए प्रति वर्गफुट वसूला जा रहा है।
यानी जहां पहले 10 हजार स्क्वायर फीट के प्लॉट का सालाना मेंटेनेंस सिर्फ 12 हजार रुपए बनता था। वही अब 1 लाख 20 हजार रुपए बन रहा है। वहीं मेंटेनेंस में देरी होने पर 21 पर्सेंट का ब्याज वसूला जा रहा है। दिलचस्प बात कॉलोनी में 5,000 स्क्वायर फीट से छोटा कोई प्लॉट है ही नहीं। इस पूरे मामले की शिकायत कॉलोनी सेल में हुई है।
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बिना बताए बनाई सोसायटी, रहवासी हुए बाहर
250 प्लॉट की कॉलोनी में सिर्फ 40 मकान हैं। रहवासियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलकर गोल्फ ग्रीन रहवासी वेलफेयर एसोसिएशन बना ली। आधे से ज्यादा प्लॉट मालिकों को इसकी खबर तक नहीं दी। इसके अध्यक्ष राम राख्या हैं तो वहीं सचिव नितिन शर्मा हैं।
एडवोकेट अमित सलगिया के मुताबिक न मीटिंग, न सहमति, न सूचना तो फिर सोसायटी बनी कैसे? किसकी अनुमति से बनी? ये गठन ही संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि प्लॉट की खरीदी-बिक्री पर टैक्स से भी महंगा टैक्स है।
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50 रुपए प्रति स्क्वायर फीट का टैक्स
इतना ही नहीं, RWA के सचिव नितिन शर्मा ने एक और नियम बना दिया है। संपत्ति बेचो या खरीदो, 50 रुपए प्रति वर्गफुट ट्रांसफर शुल्क दो। यह पूरी तरह गलत है। इस हिसाब से 5,000 वर्गफुट प्लॉट के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए, 10,000 वर्गफुट प्लॉट के लिए 5 लाख रुपए और 15,000 वर्गफुट प्लॉट के 7 लाख 50 हजार रुपए देने होंगे। बता दें कि इंदौर में किसी भी RWA में ट्रांसफर चार्ज की यह दर सुनी ही नहीं गई।
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स्पीड ब्रेकर लगाने-हटाने में 5 लाख रुपए बर्बाद
सोसायटी ने मनमर्जी से कॉलोनी में स्पीड ब्रेकर बनाए। इन्हीं में से एक स्पीड ब्रेकर के कारण हुई दुर्घटना में एक महिला की जान चली गई। यह स्पीड ब्रेकर भी मेंटेनेंस के 5 लाख रुपए से बना दिया। इसके लिए भी किसी से बात नहीं की। महिला मौत होने पर निगम द्वारा सभी स्पीड ब्रेकर को तोड़ दिया गया। इससे rwa के पैसों के दुरुपयोग भी हुए हैं।
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3.26 लाख का नोटिस और 21% ब्याज
रहवासी शर्माजी को 7 सितंबर 2025 को नोटिस मिला। इसमें उन पर 3 लाख 26 हजार 304 रुपए बकाया बताया गया। इसमें बताया गया कि 2025–26 के लिए 81 हजार 576 रुपए नया मेंटेनेंस चार्ज है और समय पर नहीं भरने पर 21% वार्षिक ब्याज लगाया गया है। इस पर एडवोकेट सलगिया ने कहा कि RBI गाइडलाइन के अनुसार, कोई सोसायटी बैंक की ब्याज दर से ज्यादा ब्याज नहीं ले सकती। यहां अवैध वसूली हो रही है।
इस खेल को ऐसे समझें
20 पैसे प्रति स्क्वायर फीट से 1 रुपए किया मेंटनेंस
रजिस्ट्री के समय मेंटनेंस केवल 20 पैसे प्रति वर्गफुट तय था, लेकिन अचानक यह शुल्क बढ़ाकर 1 प्रति वर्गफुट कर दिया। कॉलोनी में 5, 10 और 15 हजार स्क्वायर फीट आदि के प्लॉट हैं। ऐसे में मेंटनेंस शुल्क 1 रुपए किए जाने से लाखों रुपए का भार रहवासियों पर पड़ रहा है।
नए शुल्क के बाद 5,000 स्क्वायर फीट वाले प्लॉट पर 5 हजार रुपए मासिक (60 हजार रुपए वार्षिक), 10,000 स्क्वायर फीट वाले प्लॉट पर 10 हजार रुपए मासिक (1 लाख 20 हजार रुपए वार्षिक) और 15,000 स्क्वायर फीट प्लॉट पर 15 हजार रुपए मासिक (1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक) मेंटनेंस देना होगा। इंदौर की किसी भी कॉलोनी में इतना अधिक मासिक शुल्क नहीं लिया जाता।
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रजिस्ट्री के समय यह था चार्ज
एडवोकेट सालगिया ने बताया कि शर्माजी ने रजिस्ट्री कराई थी। उस समय डेवलपर्स अपोलो क्रिएशन ने बेल डीड में लिखा था कि 20 पैसे प्रति स्क्वायर फीट, प्रतिमाह के हिसाब से एक हजार रुपए प्रतिमाह होते हैं। यह मेंटनेंस राशि भुगतान करने का था। अब यह राशि बढ़ाकर मांगी जा रही है। इस पूरे मामले में रहवासी संघ से बात करना चाही तो उन्होंने ऑफिशियल बात करने से मना कर दिया।
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