इंदौर ED की शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 70 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ईडी इंदौर ने 71 करोड़ के आबकारी फर्जी चालान घोटाले में कार्रवाई की। जांच के बाद, ईडी ने 70 करोड़ की संपत्तियां अटैच की। ये संपत्तियां इंदौर, मंदसौर और खरगोन में स्थित हैं। मामला शराब ठेकेदारों द्वारा ट्रेजरी चालान में हेरफेर से जुड़ा है।

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Sanjay Gupta
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Photograph: (The Sootr)

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Indore. ED इंदौर सब रीजनल ऑफिस ने एमपी के सबसे बड़े 71 करोड़ के आबकारी फर्जी चालान घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में केस दर्ज करने के बाद ईडी ने छापे भी मारे थे। अब जांच के बाद ईडी ने 70 करोड़ की संपत्तियां अटैच की है। 

तीन शहरों में हैं संपत्तियां

ईडी ने विभिन्न शराब ठेकेदारों की इंदौर, मंदसौर और खरगोन में विभिन्न स्थानों पर स्थित संपत्तियों को अटैच किया है। इसमें भूमि और फ्लैट शामिल हैं। कुर्क की गई संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 70 करोड़ रुपए आंका गया है। 

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रावजी थाने में दर्ज FIR पर हो रही जांच

ईडी ने इंदौर के रावजी पुलिस स्टेशन की एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। एफआईआर में शराब ठेकेदारों पर ट्रेजरी चालान में जालसाजी और हेरफेर का आरोप है। इन आरोपों के तहत सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की बात की गई है। इसमें आरोपी व्यक्ति छोटी-छोटी राशि के चालान तैयार करके बैंक में जमा करते थे। चालान के निर्धारित प्रारूप में रुपए अंकों में और रुपए शब्दों में लिखा होता था। 

मूल्य अंकों में भरा जाता था और रुपए शब्दों में के लिए रिक्त स्थान छोड़ दिया जाता था। राशि जमा करने के बाद, जमाकर्ता बाद में रुपए अंकों में राशि में हेरफेर करता था और रुपए शब्दों में के रिक्त स्थान में बढ़ी हुई राशि भर देता था। बढ़ी हुई राशि के चालान की प्रतियां संबंधित मदिरा गोदाम में जमा की जाती थीं। यह प्रक्रिया जिला आबकारी कार्यालय में होती थी।

इसे देशी मदिरा गोदाम या जिला आबकारी कार्यालय, इंदौर के अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करके और मदिरा शुल्क/मूल लाइसेंस शुल्क/न्यूनतम गारंटी के रूप में राशि जमा करके, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया जाता था। इस प्रकार, कम शुल्क चुकाने के बावजूद अधिक मदिरा स्टॉक जमा कर लिया जाता था, जिससे राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। 

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ईडी की जांच में यह भी आया

ईडी की पीएमएलए जांच में यह खुलासा हुआ है। राजू दशवंत, अंश त्रिवेदी और अन्य शराब ठेकेदार जालसाजी और धोखाधड़ी में शामिल थे। इन पर आपराधिक षडयंत्र का आरोप है। इससे पहले, ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजू दशवंत और अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार किया था। यह जेल में हैं। ईडी की जांच जारी है।

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