स्टेमफील्ड स्कूल मैनेजमेंट ने सबूत मिटाने चली ये चाल , पेरेंट्स को ऐसे ले रहे झांसे में
Aparajita Priyadarshini | Jun 02, 2024, 16:19 IST
ihihoiho
जबलपुर शहर के 11 स्कूल्स के खिलाफ अधिक फीस वसूली और बिना आईएसबीएन नंबर की किताब चलाने की जांच चल रही है। जांच के दायरे में स्टेमफील्ड स्कूल भी है। जिला प्रशासन ने स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
हाल ही में जबलपुर शहर के11 स्कूलों पर अवैध फीस वसूली और किताबों पर कमीशन कमाने का आरोप लगा है, ऐसी ही एक शिकायत रविवार को जिला प्रशासन को मिली। इसमें बताया गया कि विजय नगर स्थित स्टेमफील्ड स्कूल द्वारा अभिभावकों को फोन कर उनसे बच्चों को स्कूल द्वारा दी गई किताबें वापस बुलवाई गई हैं।
इनमें वे किताबें भी शामिल थीं, जिनमें इंटरनेशनल स्टैंडर्स बुक नंबर यानि आइएसबीएन नहीं हैं और फर्जी है। आइये जानते हैं क्या है ISBN नंबर
अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या (ISBN) पुस्तकों के लिए एक मानक पहचान संख्या है। यह एक अद्वितीय 13-अंकीय कोड है जो प्रत्येक प्रकाशित पुस्तक को उसकी पहचान करने और उसे अन्य पुस्तकों से अलग करने के लिए दिया जाता है। ISBN प्रणाली पुस्तक विक्रेताओं, पुस्तकालयों और अन्य संगठनों को पुस्तकों की कुशलतापूर्वक पहचान करने और ऑर्डर करने में मदद करने के लिए बनाई गई थी।
ये भी पढ़ें...
Taj Hotel : स्ट्रीट डॉग्स के एंट्री की अनुमति, कुत्ते का क्या है रतन टाटा से कनेक्शन!
ISBN में चार भाग होते हैं, देश कोड, प्रकाशक कोड, शीर्षक कोड और चेक अंक। देश कोड उस देश की पहचान करता है जिसमें प्रकाशक स्थित है। प्रकाशक कोड पुस्तक के प्रकाशक की पहचान करता है। शीर्षक कोड पुस्तक के विशिष्ट शीर्षक की पहचान करता है, और चेक अंक का उपयोग ISBN की सटीकता को सत्यापित करने के लिए किया जाता है।
आईएसबीएन आमतौर पर किताब के पिछले कवर पर, बारकोड के पास या कॉपीराइट पेज पर छपे होते हैं। इन्हें अक्सर इलेक्ट्रॉनिक किताबों के मेटाडेटा में भी शामिल किया जाता है, जैसे कि ePub या Kindle फॉर्मेट में।
आईएसबीएन किताबों की पहचान करने और उन पर नज़र रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे किसी किताब के विशिष्ट संस्करणों की पहचान करने के लिए एक सुसंगत और विश्वसनीय तरीका प्रदान करते हैं। इनका उपयोग पुस्तकालयों, पुस्तक विक्रेताओं और अन्य संगठनों द्वारा पुस्तकों को सूचीबद्ध करने और ऑर्डर करने के लिए किया जाता है, और अक्सर शोधकर्ताओं और विद्वानों द्वारा संदर्भ के रूप में भी इनका उपयोग किया जाता है।
कॉपी - किताब पर कमीशन और स्कूल फीस बढ़ाने पर घिरे गया। रविवार को स्कूल मैनेजमेंट हिंदी ग्रामर बुक जमा करा रहा था। पेरेंट्स को बकायदा मैसेज कर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक बुक के साथ आने को कहा गया था।
कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना तक शिकायत पहुंची। उन्होंने शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम गठित कर मौके पर भेज दी। अधारताल एसडीएम शिवाली सिंह ने स्कूल में रेड की। टीम को देख स्कूल मैनेजमेंट के होश उड़ गए। मौके से 6वीं, 7वीं और 8वीं क्लास की 35 बुक जब्त की गईं।
एसडीएम का कहना है कि मामला कोर्ट में है, इसके बाद भी स्टेमफील्ड स्कूल मैनेजमेंट ने पेरेंट्स को बुक्स जमा कराने के मैसेज किए। यह बताता है कि स्कूल मैनेजमेंट जांच के दौरान सबूत के साथ छेड़खानी की कोशिश कर रहा है।
जबलपुर शहर के 11 स्कूल्स के खिलाफ अधिक फीस वसूली और बिना आईएसबीएन नंबर की किताब चलाने की जांच चल रही है। जांच के दायरे में स्टेमफील्ड स्कूल भी है। जिला प्रशासन ने स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्टेमफील्ड स्कूल के संचालक अभी भी फरार हैं। पुलिस तलाश कर रही है।
एसडीएम के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अभिभावकों ने बताया कि पिछले दो दिन से स्कूल मैनेजमेंट मैसेज और कॉल कर उन्हें स्कूल आने का कह रहा था। पेरेंट्स ने मैसेज और स्कूल के जरिए किए गए कॉल की जानकारी दी है। हिंदी ग्रामर की किताबें जब्त की गई हैं, कलेक्टर को रिपोर्ट दी जाएगी, इसके बाद वे आगे की कार्रवाई करेंगे। अभिभावक राजकुमारी ने बताया कि शनिवार की रात उन्हें स्कूल की ओर से कॉल आया था। हिंदी ग्रामर की बुक की कीमत साढे़ चार सौ रुपए से ज्यादा है।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
इनमें वे किताबें भी शामिल थीं, जिनमें इंटरनेशनल स्टैंडर्स बुक नंबर यानि आइएसबीएन नहीं हैं और फर्जी है। आइये जानते हैं क्या है ISBN नंबर
अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या ISBN नंबर क्या है
अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या (ISBN) पुस्तकों के लिए एक मानक पहचान संख्या है। यह एक अद्वितीय 13-अंकीय कोड है जो प्रत्येक प्रकाशित पुस्तक को उसकी पहचान करने और उसे अन्य पुस्तकों से अलग करने के लिए दिया जाता है। ISBN प्रणाली पुस्तक विक्रेताओं, पुस्तकालयों और अन्य संगठनों को पुस्तकों की कुशलतापूर्वक पहचान करने और ऑर्डर करने में मदद करने के लिए बनाई गई थी।
ये भी पढ़ें...
Taj Hotel : स्ट्रीट डॉग्स के एंट्री की अनुमति, कुत्ते का क्या है रतन टाटा से कनेक्शन!
ISBN में चार भाग होते हैं, देश कोड, प्रकाशक कोड, शीर्षक कोड और चेक अंक। देश कोड उस देश की पहचान करता है जिसमें प्रकाशक स्थित है। प्रकाशक कोड पुस्तक के प्रकाशक की पहचान करता है। शीर्षक कोड पुस्तक के विशिष्ट शीर्षक की पहचान करता है, और चेक अंक का उपयोग ISBN की सटीकता को सत्यापित करने के लिए किया जाता है।
आईएसबीएन आमतौर पर किताब के पिछले कवर पर, बारकोड के पास या कॉपीराइट पेज पर छपे होते हैं। इन्हें अक्सर इलेक्ट्रॉनिक किताबों के मेटाडेटा में भी शामिल किया जाता है, जैसे कि ePub या Kindle फॉर्मेट में।
आईएसबीएन किताबों की पहचान करने और उन पर नज़र रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे किसी किताब के विशिष्ट संस्करणों की पहचान करने के लिए एक सुसंगत और विश्वसनीय तरीका प्रदान करते हैं। इनका उपयोग पुस्तकालयों, पुस्तक विक्रेताओं और अन्य संगठनों द्वारा पुस्तकों को सूचीबद्ध करने और ऑर्डर करने के लिए किया जाता है, और अक्सर शोधकर्ताओं और विद्वानों द्वारा संदर्भ के रूप में भी इनका उपयोग किया जाता है।
कॉपी - किताब पर कमीशन और स्कूल फीस बढ़ाने पर घिरे गया। रविवार को स्कूल मैनेजमेंट हिंदी ग्रामर बुक जमा करा रहा था। पेरेंट्स को बकायदा मैसेज कर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक बुक के साथ आने को कहा गया था।
क्या कहा कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने
कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना तक शिकायत पहुंची। उन्होंने शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम गठित कर मौके पर भेज दी। अधारताल एसडीएम शिवाली सिंह ने स्कूल में रेड की। टीम को देख स्कूल मैनेजमेंट के होश उड़ गए। मौके से 6वीं, 7वीं और 8वीं क्लास की 35 बुक जब्त की गईं।
एसडीएम का कहना है कि मामला कोर्ट में है, इसके बाद भी स्टेमफील्ड स्कूल मैनेजमेंट ने पेरेंट्स को बुक्स जमा कराने के मैसेज किए। यह बताता है कि स्कूल मैनेजमेंट जांच के दौरान सबूत के साथ छेड़खानी की कोशिश कर रहा है।
स्कूल का संचालक फरार
जबलपुर शहर के 11 स्कूल्स के खिलाफ अधिक फीस वसूली और बिना आईएसबीएन नंबर की किताब चलाने की जांच चल रही है। जांच के दायरे में स्टेमफील्ड स्कूल भी है। जिला प्रशासन ने स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्टेमफील्ड स्कूल के संचालक अभी भी फरार हैं। पुलिस तलाश कर रही है।
पेरेंट्स पर दबाव बनाकर बुलाया गया
एसडीएम के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अभिभावकों ने बताया कि पिछले दो दिन से स्कूल मैनेजमेंट मैसेज और कॉल कर उन्हें स्कूल आने का कह रहा था। पेरेंट्स ने मैसेज और स्कूल के जरिए किए गए कॉल की जानकारी दी है। हिंदी ग्रामर की किताबें जब्त की गई हैं, कलेक्टर को रिपोर्ट दी जाएगी, इसके बाद वे आगे की कार्रवाई करेंगे। अभिभावक राजकुमारी ने बताया कि शनिवार की रात उन्हें स्कूल की ओर से कॉल आया था। हिंदी ग्रामर की बुक की कीमत साढे़ चार सौ रुपए से ज्यादा है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें<br><br>
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें<br><br>
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक<br><br>
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA