मंत्री राकेश सिंह ने आईएएस अरविंद शाह को धमकाया, बोले- एक इशारे पर सिख कौम तुम्हें मार देगी, डिप्रेशन में अफसर
मोहन सरकार में PWD मंत्री राकेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप हैं कि उन्होंने जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO, आईएएस अरविंद शाह को अपने बंगले पर तलब किया और फिर आधे घंटे तक अपमानित किया...गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी।
मंत्री ने आईएएस अफसर से कहा कि एक इशारे पर पूरी सिख कौम तलवारें लेकर तुम्हें खत्म कर देगी। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अपने अपमान से आहत IAS Arvind Shah डिप्रेशन में हैं।
उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी मुख्य सचिव अनुराग जैन को दी है। साथ ही भोपाल में एमपी आईएएस एसोसिएशन के सामने अपना पक्ष रखा है, जिसके बाद मामला तूल पकड़ रहा है।
क्या हुआ IAS अरविंद शाह के साथ...पढ़िए शिकायत का मजमून...
कहानी की शुरुआत...
यह मामला 17 मार्च 2026 से शुरू होता है, जब IAS अरविंद शाह ने जबलपुर नगर निगम में एडिशनल कमिश्नर के साथ जबलपुर स्मार्ट सिटी का प्रभार संभाला। पदभार संभालते ही उन्होंने कर्मचारियों की बैठक बुलाई और कामकाज को ठीक करने के संकेत दिए।
मार्च की सैलरी वितरण के दौरान सीनियर अफसरों के निर्देश पर उन्होंने स्मार्ट सिटी के कर्मचारियों के अटेंडेंस रिकॉर्ड की जांच करवाई। इसमें छह कर्मचारी ऐसे पाए गए, जिनकी अनुपस्थिति का ठोस कारण नहीं था। कुछ तो बिना सूचना दिए ही गायब थे। नियमों के मुताबिक, इन कर्मचारियों का वेतन स्पष्टीकरण मिलने तक रोक दिया गया।
दिलप्रीत कौर विवाद की कड़ी
इन कर्मचारियों में एक नाम था- दिलप्रीत कौर भल्ला का। रिकॉर्ड के मुताबिक, वह न तो किसी बैठक में शामिल हुई थीं और न ही अनुपस्थिति का कोई कारण बताया था। 21 अप्रैल को आयुक्त ने निर्देश दिए कि दिलप्रीत कौर का वेतन सशर्त जारी हो। उन्हें काम सौंपा जाए और उनकी उपस्थिति पर नजर रखी जाए।
इसके बाद 22 अप्रैल को आईएएस अरविंद शाह ने दिलप्रीत कौर को सहायक अभियंता कविश मिश्रा की मौजूदगी में दफ्तर में बुलाया। यह उनकी पहली मुलाकात थी। बातचीत के दौरान जब अरविंद शाह ने पूछा कि वे CEO के रूप में कब से कार्यरत हैं।
इसके जवाब में दिलप्रीत ने कहा कि करीब 3-4 महीने से, जबकि हकीकत यह थी कि शाह को इस पद पर आए सिर्फ एक महीना हुआ है। यहां से यह साफ हो गया कि दिलप्रीत नियमित रूप से दफ्तर नहीं आ रही थीं। यहां से दिलप्रीत चली गईं और आईएएस शाह नियमित कामकाज निपटाने लगे, तभी अचानक उनके पास फोन आया और 22 अप्रैल का दिन उनके करियर का सबसे खराब दिन बन गया।
और फिर… सत्ता का बुलावा
दरअसल, 22 अप्रैल को ही कुछ घंटों बाद घटनाक्रम ने खतरनाक मोड़ ले लिया। IAS अरविंद शाह को अचानक मंत्री राकेश सिंह के बंगले पर बुलाया गया। मंत्री बेहद गुस्से में थे। हालात को भांपते हुए नगर निगम कमिश्नर राम अहिरवार ने अरविंद शाह को फोन पर सलाह दी कि वे किसी भी तरह स्थिति को शांत करें और बिना शर्त माफी मांग लें। अरविंद शाह सम्मान स्वरूप गुलदस्ता लेकर मंत्री आवास पहुंचे। वहां नगर निगम आयुक्त पहले से मौजूद थे। मंत्री राकेश सिंह कर्मचारी दिलप्रीत के मामले को लेकर आग बबूला हो रहे थे।
30 मिनट तक अपमान
तीन बार मांगी माफी
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि IAS अरविंद शाह ने मंत्री, संबंधित महिला कर्मचारी और उसके पिता तीनों से कम से कम तीन-तीन बार बिना किसी शर्त के माफी मांगी। नगर निगम आयुक्त राम अहिरवार ने बीच-बचाव करते हुए मंत्री को समझाने की कोशिश की कि शाह एक पेशेवर अधिकारी हैं और किसी महिला या जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं कर सकते, लेकिन मंत्री का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालात बिगड़ते देख जबलपुर कलेक्टर आईएएस राघवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने की कोशिश की।
आरोप है कि मंत्री ने उनकी भी नहीं सुनी और पूरा घटनाक्रम उसी आक्रामक अंदाज में चलता रहा। इससे आईएएस अरविंद शाह बुरी तरह सहम गए।
सीएम से मिलेगा IAS एसोसिएशन
आईएएस अरविंद शाह ने अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आईएएस एसोसिएशन को भी दे दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव का कहना है कि अरविंद ने परिवार समेत मुझसे मिलकर घटनाक्रम की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी ओर से मुख्य सचिव अनुराग जैन को भी अवगत करा दिया है। जल्द ही एसोसिएशन सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेगा।
वहीं, आईएएस अरविंद शाह ने कहा कि मैंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। मुझे इस मामले में और कुछ नहीं कहना है।
दूसरा पक्ष क्या कहता है?
इस मामले में दूसरे पक्ष का अलग तर्क है। आरोप है कि आईएएस अरविंद शाह ने महिला कर्मचारी दिलप्रीत से दुर्व्यवहार किया था। मामले को लेकर जबलपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रजिंदर सिंह छावड़ा की अध्यक्षता में गोरखपुर गुरुद्वारे में बैठक हुई। इसमें पदाधिकारियों ने अधिकारी की कार्यशैली और आचरण की निंदा की।
अब स्थानीय स्तर पर नैरेटिव चलाया जा रहा है कि जैसे ही विवाद बढ़ने की खबर मंत्री राकेश सिंह तक पहुंची उन्होंने मोर्चा संभाला और कमिश्नर, कलेक्टर व एसपी के साथ उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। मंत्री के सामने आईएएस अरविंद शाह (mp ias news) को पेश किया गया, जहां उन्होंने लिखित रूप से माफी मांगी है, जबकि हकीकत यह है कि जब यह घटनाक्रम चल रहा था, तब वहां सिर्फ नगर निगम कमिश्नर और अरविंद शाह मौजूद थे। कलेक्टर आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे थे। वहीं एसपी नहीं पहुंचे थे।
कौन हैं IAS अरविंद शाह?
आईएएस अरविंद शाह 2021 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। वे मूल रूप से सिंगरौली के रहने वाले हैं। उन्होंने भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
नौकरी की शुरुआत उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर की, उसके बाद प्रशासनिक सेवा में आए। सेवा के दौरान वे शिवपुरी और सोहागपुर में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। अभी वे जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त हैं और साथ ही स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मंत्री राकेश सिंह इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में नजर आ रहे हैं।
मामले पर thesootr ने कई बार मंत्री राकेश सिंह से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, लेकिन वे स्पष्ट तौर पर बयान देने से बचते दिखे।
द सूत्र की ओर से मंत्री राकेश सिंह और उनके ओएसडी राहुल राजपूत से WhatsAppके माध्यम से वर्जन मांगा गया।
इसके अलावा, मंत्री से फोन पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई। मंत्री राकेश सिंह के नंबर पर कॉल करने पर उनके पीए ने फोन उठाया। उन्हें बताया गया कि आईएएस वाले मुद्दे पर बात करनी है, लेकिन उन्होंने बाद में बात करने की बात कहकर कॉल टाल दी। वहीं, ओएसडी राहुल राजपूत ने बातचीत में पहले बताया कि मंत्रीजी व्यस्त हैं।
बाद में दोबारा संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मैसेज मंत्रीजी (कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह) तक पहुंचा दिया गया है। वे फ्री होकर बात करेंगे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मंत्री राकेश सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ऐसे में उनका लगातार बयान देने से बचना कई सवाल खड़े करता है।
क्या यह चुप्पी किसी बड़े दबाव या संवेदनशीलता की ओर इशारा करती है। यह अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है। बता दें कि जैसे ही मंत्री राकेश सिंह की प्रतिक्रिया आएगी, उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
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