मध्य प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल, 5 साल में 61 हजार बालिकाएं हुई गुम
Kaushiki | Jul 22, 2026, 12:40 IST
MP GIRL CHILD MISSSING
मध्य प्रदेश में पिछले 5 सालों में 61 हजार 112 बालिकाएं लापता हुई हैं। इनमें से पुलिस 61 हजार 498 को ढूंढ चुकी है। 3 हजार 241 लड़कियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। विधानसभा में विधायक अजय सिंह के सवाल पर सरकार ने यह जानकारी दी है।
Madhya Pradesh missing girls: मध्य प्रदेश से एक बहुत ही हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। प्रदेश में हर दिन औसतन 33 बालिकाएं गायब हो रही हैं। पिछले पांच साल में प्रदेश से 61 हजार 112 बालिकाएं लापता हुई हैं। इनमें से पुलिस ने 61 हजार 498 बालिकाओं को बरामद कर लिया (पुराने लंबित मामलों सहित) है। लेकिन अभी भी 3241 बालिकाओं का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
यह जानकारी सरकार ने एमपी विधानसभा में एक लिखित जवाब में दी है। सरकार अब इस मामले को लेकर काफी सख्त कदम उठा रही है। पुलिस थानों में किडनैपिंग के केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आइए इस पूरी रिपोर्ट के आंकड़ों को समझे।
मध्य प्रदेश में पिछले पांच साल में 61 हजार से ज्यादा लड़कियां गायब हुईं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 61 हजार 112 बालिकाएं लापता दर्ज हुईं। राहत की बात ये है कि 61 हजार 498 को बरामद किया गया।
इनमें पुरानी पेंडिंग लिस्ट की कई लड़कियां भी शामिल हो सकती हैं। लेकिन अभी भी तीन हजार 241 बालिकाओं का कोई सुराग नहीं लग सका है। यह आंकड़े बताते हैं कि हर दिन 33 बेटियां लापता हो रही हैं।
यह मामला विधायक अजय सिंह के एक सवाल के बाद सामने आया। उन्होंने विधानसभा में सरकार से प्रदेश में लापता बालिकाओं को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में सरकार ने पूरे आंकड़े सदन के सामने रखे। बता दें कि, बरामद की गई लड़कियों में वो लड़कियां भी शामिल हैं, जो गायब तो पांच साल पहले हुई थी लेकिन मिली इन पांच सालों में।
![Madhya Pradesh missing girls]()
साल 2025 में लापता बच्चियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी थी। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले 2025 में रिकॉर्ड 13 हजार 146 बच्चियां गायब हुई थीं। साल 2026 के शुरुआती आंकड़े भी बहुत ज्यादा डराने वाले हैं।
जनवरी से मई 2026 तक छह हजार 309 बालिकाएं गुम हो चुकी हैं। यानी केवल पांच महीनों में ही छह हजार से ज्यादा बच्चियां गायब (मानव तस्करी) हुईं। यह स्थिति राज्य में बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है।
![MP MISSING GIRLS]()
लापता बच्चों की हर शिकायत पर पुलिस अब तुरंत एक्शन ले रही है। सुप्रीम कोर्ट की रिट याचिका 75/12 के आदेश का पालन हो रहा है। हर थाने में गुम नाबालिग के मामले में किड्नैपिंग का केस दर्ज होता है।
मामले की कड़ाई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस बालिकाओं की खोज के लिए अभियान चला रही है। इसके लिए राज्य में ऑपरेशन मुस्कान नाम का अभियान चल रहा है।
![Madhya Pradesh missing girls]()
किशोरावस्था की बालिकाओं के लिए 'सृजन' अभियान चलाया जा रहा है। बालकों के लिए पुलिस विभाग 'अभिमन्यु' अभियान चला रहा है। इन अभियानों से बच्चों को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है।
लापता बालिकाओं की खोज के लिए हर महीने समीक्षा बैठक होती है। अधिकारी हर महीने केस की प्रगति रिपोर्ट की जांच करते हैं। मानव दुर्व्यापार रोकने के लिए राज्य स्तर पर ब्यूरो बना है।
प्रदेश के सभी जिलों में महिला पुलिस थानों को एक्टिव किया गया है। राज्य के 52 जिलों के महिला थानों में विशेष टीमें बनाई गई हैं। इन थानों में मानव दुर्व्यापार विरोधी इकाई काम कर रही है। ये यूनिट केवल बालिकाओं के अपहरण और तस्करी के केस देखती है। सरकार का दावा है कि जल्द ही बाकी बच्चियों को भी ढूंढ लेंगे। बच्चों की सुरक्षा (बालिका सुरक्षा) के लिए अभिभावकों को भी सतर्क रहना होगा।
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यह जानकारी सरकार ने एमपी विधानसभा में एक लिखित जवाब में दी है। सरकार अब इस मामले को लेकर काफी सख्त कदम उठा रही है। पुलिस थानों में किडनैपिंग के केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आइए इस पूरी रिपोर्ट के आंकड़ों को समझे।
Madhya Pradesh missing girls
पांच साल में बच्चियों के गायब होने के आंकड़े
इनमें पुरानी पेंडिंग लिस्ट की कई लड़कियां भी शामिल हो सकती हैं। लेकिन अभी भी तीन हजार 241 बालिकाओं का कोई सुराग नहीं लग सका है। यह आंकड़े बताते हैं कि हर दिन 33 बेटियां लापता हो रही हैं।
यह मामला विधायक अजय सिंह के एक सवाल के बाद सामने आया। उन्होंने विधानसभा में सरकार से प्रदेश में लापता बालिकाओं को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में सरकार ने पूरे आंकड़े सदन के सामने रखे। बता दें कि, बरामद की गई लड़कियों में वो लड़कियां भी शामिल हैं, जो गायब तो पांच साल पहले हुई थी लेकिन मिली इन पांच सालों में।
Madhya Pradesh missing girls
2025 में बना बच्चियों का नया रिकॉर्ड
जनवरी से मई 2026 तक छह हजार 309 बालिकाएं गुम हो चुकी हैं। यानी केवल पांच महीनों में ही छह हजार से ज्यादा बच्चियां गायब (मानव तस्करी) हुईं। यह स्थिति राज्य में बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है।
MP MISSING GIRLS
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पुलिस हुई सख्त
मामले की कड़ाई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस बालिकाओं की खोज के लिए अभियान चला रही है। इसके लिए राज्य में ऑपरेशन मुस्कान नाम का अभियान चल रहा है।
Madhya Pradesh missing girls
सृजन और अभिमन्यु अभियान की हुई शुरुआत
लापता बालिकाओं की खोज के लिए हर महीने समीक्षा बैठक होती है। अधिकारी हर महीने केस की प्रगति रिपोर्ट की जांच करते हैं। मानव दुर्व्यापार रोकने के लिए राज्य स्तर पर ब्यूरो बना है।
52 जिलों में बनी एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट
FAQ
- पिछले पांच साल में एमपी में कितनी बालिकाएं लापता हुईं?
पिछले पांच साल में मध्यप्रदेश से 61 हजार 112 बालिकाएं लापता हुई हैं। इनमें से ज्यादातर को पुलिस ने बरामद कर लिया है। - अब तक कितनी बालिकाओं का पता नहीं चल सका?
सरकार के मुताबिक, अभी भी 3241 बालिकाओं का कोई सुराग नहीं मिल सका है। यह जानकारी विधानसभा में दी गई है। - सरकार बालिकाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ऑपरेशन मुस्कान, सृजन और अभिमन्यु जैसे अभियान चला रही है। इसके अलावा मानव दुर्व्यापार निरोधी ब्यूरो और जिला स्तर पर विशेष इकाइयां भी बनाई गई हैं।
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