NEET फर्जीवाड़े की जड़ें MP के आधार और लोकसेवा केंद्रों तक फैली, चल रहा है फर्जी प्रमाणपत्रों का खेल!
BHOPAL. NEET परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश की साजिश मध्यप्रदेश में फैली हुई है। भोपाल पुलिस की जांच में पता चला कि गिरोह के आरोपितों ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड में छेड़छाड़ की थी। वे आधार केंद्रों से अपने कार्ड पर मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों का पता अपडेट करवाते थे। फिर वही आधार कार्ड लोकसेवा केंद्रों से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने में इस्तेमाल किया गया था।
समग्र आईडी की अनदेखी ने खड़े किए सवाल
गिरोह ने ऐसे बनवाए फर्जी प्रमाणपत्र
फर्जीवाड़े के गिरोह ने सिर्फ मूल निवासी प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि अन्य दस्तावेज भी बनाए थे। इनमें ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी के प्रमाणपत्र शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये प्रमाणपत्र रीवा मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की मदद से बिना सत्यापन के तैयार किए गए थे। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में बिहार के हिमांशु कुमार और मुंबई की क्रिस्टल डिकोस्टा के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र यहीं से बनाए गए थे।
NEET परीक्षा में फर्जीवाड़ा की खबर पर एक नजर...
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दिल्ली आधार केंद्र ने जानकारी देने से किया मना
जांच के दौरान भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने दिल्ली के मुख्य आधार केंद्र से जानकारी मांगी थी। वहीं केंद्र के अधिकारियों ने जानकारी देने से मना कर दिया है। उनका कहना था कि वे सिर्फ हाईकोर्ट के आदेश पर ही जानकारी देंगे।
मुख्य आरोपित अभी भी फरार
पुलिस जांच में गिरोह के तीन मुख्य आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इसमें रीतेश यादव, संदीप कुमार और सुमित कुमार आदित्य का नाम शामिल है। सुमित कुमार रीवा मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर है। पुलिस को शक है कि उसने फर्जी दस्तावेजों से कॉलेज में प्रवेश लिया था। इन आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, लेकिन वे अभी तक फरार हैं। इस वजह से पूरे गिरोह का खुलासा नहीं हो पाया है।