नर्सिंग कॉलेज घोटाला : खुद CBI की जांच ही सवालों के घेरे में...

ग्वालियर के नर्सिंग कॉलेजों को उपयुक्त बताते हुए सीबीआई ने जो रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की थी, वह अब सवालों के घेरे में हैं।

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Pratibha ranaa
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नर्सिंग कॉलेज घोटाला
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मध्य प्रदेश में कुछ साल पहले सामने आया नर्सिंग कॉलेज घोटाला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप में अपने ही 3 अधिकारियों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस केस में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रदेश में एक नर्सिंग कॉलेज की जांच में उपयुक्त रिपोर्ट देने के लिए सीबाआई निरीक्षक राहुल राज द्वारा 10 लाख रुपए की रिश्वत लेने और उसकी गिरफ्तारी के बाद कॉलेजों की जांच सवालों के घेरे में आ गई है। हाई कोर्ट ने 364 कॉलेजों की जांच सीबीआई ( CBI ) को सौंपी थी। इसमें एजेंसी ने 318 कॉलेजों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। वहीं 169 कॉलेजों को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है। (mp nursing scam )

अब सवालों के घेरे में सीबीआई

नर्सिंग कॉलेज घोटाले में खुद जांच करने वाली देश की सबसे बड़ी एजेंसी CBI के अधिकारी फंस गए है। नर्सिंग कॉलेजों को उपयुक्त बताते हुए सीबीआई ने जो रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की थी, वह अब सवालों के घेरे में हैं। फरवरी 2024 में मप्र हाई कोर्ट ने सीबीआई की निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए ग्वालियर-चंबल अंचल के 5 कॉलेजों को उपयुक्त बताया था। इसी आधार पर इन कॉलेज के छात्र वर्तमान में बीएससी नर्सिंग की परीक्षा भी दे रहे हैं।

...और खुल गई सीबीआई की रिपोर्ट की कलई 

बताया जा रहा है कि ग्वालियर के 3 कॉलेजों की जब जांच की गई तो सीबीआई की रिपोर्ट की कलई खुल गई। ग्वालियर के सबसे पुराने नर्सिंग कॉलेज में से एक, ग्रंथम कॉलेज के परिसर में मैरिज गार्डन खोल लिया गया है। जबकि शिवपुरी लिंक रोड स्थित जिन दो कॉलेजों को रिपोर्ट में उपयुक्त बताया गया है, उन कॉलेज का प्रबंधन मेडिकल विवि को पत्र लिखकर कॉलेज बंद करने के लिए आवेदन दे चुके हैं। जांच में पचा चला कि अस्पताल पांच महीने से बंद है और एक कॉलेज में 10 से 12 छात्र ही हैं। इसके अलावा कॉलेज और अस्पताल के एक जैसे हालात है, वहां ना स्टाफ और ना ही डॉक्टर है। 

2 कॉलेज एक ही परिसर में हो रहे हैं संचालित 

यहां एक परिसर में दो कॉलेज और दो अस्पताल हैं। सिटी अस्पताल और श्रीराम अस्पताल बंद मिले। वहीं कॉलेज में स्टाफ के नाम पर सिर्फ दो कर्मचारी मिले। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले नर्सिंग कॉलेज बंद करने के लिए मेडिकल विवि और मप्र नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल को पत्र लिखा है। अस्पताल बंद करने की सूचना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीएमएचओ कार्यालय को दी जा चुकी है। वर्तमान में एक कॉलेज में 10 से 12 तो दूसरे में बीएससी नर्सिंग के 8 छात्र हैं।

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