MP में 3 साल बाद शुरू हुई BSc Nursing की परीक्षा, जानें क्यों नहीं हुए थे ये एग्जाम?
नील तिवारी@ JABALPUR. मध्य प्रदेश में 2020 से लगातार चल रही लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार मेडिकल के छात्र-छात्राओं के चेहरे फिर खिल उठे। प्रदेश में 3 साल बाद बुधवार, 15 मई से बीएससी नर्सिंग परीक्षा ( Nursing Exam 2024 ) का आयोजन किया गया। 2020 के बाद से बीएससी नर्सिंग की कोई परीक्षा नहीं हुई। क्योंकि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ( MP High Court ) में फर्जी नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों की जांच के आदेश दिए थे।
मामले में सीबीआई ने भी जांच की। जांच के बाद 3 तरह के कॉलेज पाए गए। इनमें कुछ कॉलेज ऐसे थे, जो पूरी तरह से नियम शर्तों का पालन कर रहे थे। दूसरी कैटेगरी उन कॉलेजों की थी, जिनमें कुछ कमियां थीं और तीसरी कैटेगरी उन कॉलेजों की थी, जिनमें पूरी तरह फर्जीवाड़ा हुआ था।
छात्र-छात्राओं को मिली परीक्षा देने की राहत
जांच में पात्र पाए गए कॉलेज के छात्र-छात्राओं की परीक्षा देने के रास्ते तो पहले ही खुल चुके थे। उसके बाद कोर्ट ने जिन कॉलेजों में कुछ कमियां पाई गई थी उनके छात्रों को भी परीक्षा देने दूसरे कॉलेजों में समायोजित करने के आदेश दिए थे। शुरुआत में फर्जी कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने इन्हें भी एक मौका दिया।
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लंबे समय तक चला आंदोलन
याचिका की सुनवाई और सीबीआई जांच के चलते कोर्ट के आदेशों के बाद भी छात्र-छात्राओं की परीक्षा का कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा था। जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग संगठनों के माध्यम से जबलपुर में कई बड़े आंदोलन भी किए। इस आंदोलन में प्रदेश भर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इसके साथ ही जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी ( Jabalpur Medical University) में भी लगातार आंदोलन चल रहा था। अब जाकर इन छात्र-छात्राओं को बीएससी नर्सिंग परीक्षा के प्रथम वर्ष की परीक्षा देने का मौका मिला है। हालांकि इसके बाद भी बेकसूर छात्र-छात्राओं के खराब हुए सालों की भरपाई तो कोई नहीं कर सकता पर तीसरे साल में पहुंचकर प्रथम वर्ष की परीक्षा देना भी उनको सुकून दे रहा है।
56 कॉलेज पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक
बीएससी नर्सिंग फर्जीवाड़ा ( bsc nursing fraud ) उजागर होने के बाद सीबीआई ने मध्य प्रदेश में 308 कॉलेजों की जांच की थी। जिसमे से एजेंसी ने 308 में से 169 नर्सिंग कॉलेजों को क्लीन चिट दे दी थी । CBI को 65 कॉलेजों में अनियमितता मिली थी। जबकि 74 नर्सिंग कॉलेजों में अनियमितता का स्तर कम था। सीबीआई ने अपनी जांच में 139 नर्सिंग कॉलेजों को अयोग्य बताया था। इन कॉलेजों में पढ़ने वाले हजार छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया था। इसके साथ ही 56 कॉलेज पर तो सुप्रीम कोर्ट ने ही रोक लगा रखी है।
एमपी नर्सिंग परीक्षा 2024 | जबलपुर हाईकोर्ट
पी नर्सिंग परीक्षा 2024
बीएससी नर्सिंग फर्जीवाड़ा
Jabalpur Medical University