अफसरों की फिजूलखर्ची पर लगेगी रोक, इकोनॉमी क्लास में उड़ान,होटलों में मीटिंग बैन
Sanjay Dhiman | Jul 18, 2026, 18:11 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश सरकार ने अफसरों की विदेश यात्रा, बिजनेस क्लास सफर और होटल मीटिंग पर रोक लगाई। यह फैसला वित्तीय स्थिति ठीक न होने से लिया गया और दो साल तक लागू रहेगा।
मध्यप्रदेश सरकार ने अफसरों के खर्चों पर बड़ी सख्ती दिखाई है। अब अफसर सिर्फ इकोनॉमी क्लास में हवाई सफर करेंगे। सरकारी बैठकें और ट्रेनिंग फाइव स्टार होटलों में नहीं होंगी। यह फैसला राज्य के कमजोर वित्तीय हालात को देखकर लिया गया है। नए नियम अगले दो वित्तीय वर्षों तक लागू रहेंगे।
राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में अफसरों पर पाबंदी लगाई है। इसमें एक हजार अखिल भारतीय सेवा के अफसर शामिल हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के 150 सुपर क्लास-1 अफसर भी दायरे में आते हैं। साथ ही प्रथम और द्वितीय श्रेणी के करीब 30 हजार अफसरों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगी है।
इन सभी अफसरों को अब विदेश जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह रोक तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आदेश तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कोई नया निर्देश नहीं देती।
वित्त विभाग ने साफ कहा है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है। इसी वजह से फिजूलखर्ची में कटौती जरूरी हो गई है। यह पाबंदी वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 तक जारी रहेगी। मतलब आने वाले दो साल तक सरकार सख्ती बरतेगी।
यह आदेश सभी विभागों पर लागू होता है। इसमें विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त और कलेक्टर भी शामिल हैं। सार्वजनिक उपक्रमों को भी इन नियमों का पालन करना होगा।
सरकारी विभागों की वर्कशॉप और ट्रेनिंग अब महंगे होटलों में नहीं होंगी। इसके बजाय यह काम सरकारी भवनों में ही किया जाएगा। जहां संभव होगा, वहां अफसरों को वर्चुअल प्रशिक्षण और वेबिनार से जोड़ा जाएगा। इससे होटल और आयोजन पर होने वाला भारी खर्च बचेगा।
नए साल पर छपने वाली डायरी और कैलेंडर पर भी अब रोक लगा दी गई है। इनकी छपाई और खरीद दोनों बंद कर दी गई हैं। इसके साथ ही निगम, मंडल और उपक्रमों में उपहार देने की परंपरा पर भी रोक है। भव्य स्वागत समारोह और दफ्तरों की महंगी साज-सज्जा पर भी अब खर्च नहीं होगा।
विभागाध्यक्षों को कहा गया है कि वे इन खर्चों की नियमित समीक्षा करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है।
सरकार ने निगम, मंडल और उपक्रमों को भी निर्देश दिए हैं। इन्हें अपनी अधिकतम योग्य लाभांश राशि जल्द से जल्द राज्य सरकार के खाते में जमा करानी होगी। इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह कदम भी वित्तीय स्थिति सुधारने की दिशा में उठाया गया है।
सरकार ने किराए के वाहनों को कम करने का भी फैसला किया है। इसके लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। अब अलग-अलग अफसरों को अलग वाहन नहीं मिलेगा। इसके बदले साझा वाहन व्यवस्था अपनाई जाएगी।
अगर किसी अफसर को दूसरे विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिलता है, तो उसे नया वाहन नहीं दिया जाएगा। इससे सरकार को वाहनों के किराए पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलेगी।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में लागू हो गया है। सभी विभागों को इसका पालन करना अनिवार्य होगा। आने वाले दो सालों में सरकार इस पर सख्ती से नजर रखेगी। इससे यह भी साफ होता है कि प्रदेश की वित्तीय चुनौतियां गंभीर बनी हुई हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में प्रॉपर्टी और जलकर का होगा सर्वे: सरकार घर-घर जाकर लेगी हिसाब
नीति आयोग की नई रिपोर्ट: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में एमपी सातवें नंबर पर
एमपी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में सीधी भर्ती, 30 जुलाई तक करें आवेदन
एमपी में NAAC की तर्ज पर बना SAAC, सीएम मोहन का बड़ा फैसला
किन अफसरों पर असर पड़ेगा
इन सभी अफसरों को अब विदेश जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह रोक तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आदेश तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कोई नया निर्देश नहीं देती।
वित्त विभाग ने क्यों लिया फैसला
यह आदेश सभी विभागों पर लागू होता है। इसमें विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त और कलेक्टर भी शामिल हैं। सार्वजनिक उपक्रमों को भी इन नियमों का पालन करना होगा।
होटल नहीं, अब वर्चुअल ट्रेनिंग होगी
डायरी, कैलेंडर और उपहारों पर भी रोक
विभागाध्यक्षों को कहा गया है कि वे इन खर्चों की नियमित समीक्षा करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है।
लाभांश की राशि सरकारी खजाने में जमा होगी
किराए के वाहनों की संख्या भी घटेगी
अगर किसी अफसर को दूसरे विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिलता है, तो उसे नया वाहन नहीं दिया जाएगा। इससे सरकार को वाहनों के किराए पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलेगी।
आगे क्या होगा
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में प्रॉपर्टी और जलकर का होगा सर्वे: सरकार घर-घर जाकर लेगी हिसाब
नीति आयोग की नई रिपोर्ट: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में एमपी सातवें नंबर पर
एमपी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में सीधी भर्ती, 30 जुलाई तक करें आवेदन
एमपी में NAAC की तर्ज पर बना SAAC, सीएम मोहन का बड़ा फैसला
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari