EOW में FIR, हाईकोर्ट में सरकार से लड़ाई, फिर भी ट्रांसफर से बचे इंदौर के जिला पंजीयक अंबरेश नायडू
समझें क्या है पूरा मामला...
- पंजीयन विभाग ने 16 जून की रात को बड़े पैमाने पर तबादला सूची जारी की।
- इंदौर की वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल का तबादला उज्जैन कर दिया गया।
- ईओडब्ल्यू की एफआईआर और विवादों में घिरे अंबरेश नायडू का नाम सूची में नहीं आया।
- नायडू पहले भी तबादले के खिलाफ हाईकोर्ट जाकर राहत हासिल कर चुके हैं।
- सूत्र राजनीतिक मजबूती और पुराने कानूनी मामलों को तबादले से बचने की वजह बता रहे हैं।
एमपी वित्त विभाग के अधीन आने वाले पंजीयन विभाग में 16 जून की रात को ट्रांसफर सूची जारी हुई। इसमें वरिष्ठ जिला पंजीयक, जिला पंजीयक, वरिष्ठ उप पंजीयक और उप पंजीयक शामिल हैं। इंदौर-1 में करीब एक साल पहले ही पदस्थ हुई वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल का ट्रांसफर उज्जैन हो गया है।
वहीं इंदौर-1 में रजनेश सोलंकी को पदस्थ किया गया है। वह अभी रायसेन में पदस्थ हैं। वहीं उज्जैन में पदस्थ वरिष्ठ जिला पंजीयक ऋतुंभरा द्विवेदी को रतलाम ट्रांसफर किया गया है। इसके बावजूद, विवादों और जांच में घिरे वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉ. अंबरेश नायडू बच गए हैं।
नायडू ने दिखाई ताकत, ट्रांसफर से बचे
उधर इस ट्रांसफर सूची में इंदौर में पदस्थ वरिष्ठ जिला पंजीयक अंबरेश नायडू का नाम आने की चर्चा जोरों पर चल रही थी। इसकी वजह भी थी। विवादित रजिस्ट्री मामले में ईओडब्ल्यू इंदौर ने उन पर एफआईआर दर्ज की है। इस केस में प्रशासन की जांच में भी करोड़ों की राजस्व चोरी होने की बात कही गई थी।
बाद में, इस मामले में नायडू हाईकोर्ट गए और जांच पर रोक लग गई थी। वहीं बीते साल उनका ट्रांसफर किया गया था, तब वह हाईकोर्ट पहुंचे थे और इस आदेश को रद्द करवा लिया था। इस मामले में शासन से उनके लगातार विवाद चल रहे थे। इससे भोपाल स्तर पर नाराजगी भी बताई जा रही थी।
राजनीतिक मजबूती के चलते मिला अभयदान
सूत्रों के अनुसार शासन के खिलाफ लगातार हाईकोर्ट जाने के बाद भी नायडू इसलिए बच गए क्योंकि वह राजनीतिक रूप से मजबूत हैं। वहीं हाईकोर्ट में भी सरकार एक बार नायडू से ट्रांसफर विवाद में हार चुकी है। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से उनका नाम तबादला सूची में आने से बच गया, जबकि नायडू के खिलाफ पंजीयन से जुड़ी अन्य शिकायतें भी चल रही थीं।
पंजीयन शाखा में तबादले के सात आदेश
मध्य प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग ने पंजीयन शाखा जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री का काम देखता है। भोपाल से 16 जून 2026 को सात अलग आदेश जारी हुए हैं। इनमें जिला पंजीयक, वरिष्ठ उप पंजीयक और उप पंजीयक जैसे तीन अलग स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
पहला तबादला आदेश
पहला आदेश प्रभारी वरिष्ठ जिला पंजीयकों से जुड़ा है। इसमें ऋतंभरा द्विवेदी का तबादला उज्जैन से रतलाम हुआ है। मंजूलता पटेल इंदौर-1 से उज्जैन भेजी गई हैं। रजनेश कुमार सोलंकी रायसेन से इंदौर-1 गए हैं। यह तबादला प्रशासकीय कार्य सुविधा को देखते हुए किया गया है।
दूसरा तबादला आदेश
दूसरा आदेश उप पंजीयकों की एक बड़ी सूची से जुड़ा है, जो प्रशासकीय आधार पर हुआ है। इसमें नरोत्तम बाथम का तबादला भिंड जिले के गोहद से लाहार भेजा गया है। हरजीत ठाकुर खरगौन से इंदौर-1 गए हैं। ज्योति रावत इंदौर क्र-3 से खरगौन जिले के महेश्वर भेजी गई हैं। रजेंद्र अरवा डिंडौरी जिले के शाहपुरा से जबलपुर-1 गए हैं।
इसी आदेश में विजय कुमार मेश्राम का तबादला सिवनी जिले के बारघाट से उमरिया हुआ है। महेंद्र सिंह कौरव ग्वालियर जिले के डबरा से ग्वालियर-2 गए हैं। राम भरौस चौरे नर्मदापुरम से इंदौर जिले के सुवेर भेजे गए हैं। गिरीश चौरसिया देवास जिले के सुनकच्छ से इंदौर-1 गए हैं। सचिन गुप्ता दमोह जिले के बटियागढ़ से दमोह जिले के पथरिया भेजे गए हैं। गरिमा चौहान खरगौन जिले के महेश्वर से इंदौर-3 गई हैं।
तीसरा तबादला आदेश
तीसरा आदेश उन उप पंजीयकों के लिए है, जिन्हें अपने खर्च पर तबादला करना होगा। इसमें परशुराम अहिरवार का तबादला नर्मदापुरम जिले के सिवानीमालवा से रतलाम हुआ है। प्रवीण सिंह शुजालपुर से भोपाल-1 गए हैं। श्वेता चंदेरिया भिंड जिले के लहार से गोहद भेजी गई हैं। कपिल व्यास ग्वालियर-1 से गुना जिले में गए हैं। अंशुल श्रीवास्तव पन्ना जिले के पवई से सागर भेजे गए हैं।
चौथा तबादला आदेश
चौथा आदेश प्रभारी वरिष्ठ उप पंजीयकों के तबादले से जुड़ा है, जो अपने खर्च पर होगा। इसमें अरविंद चौहान का तबादला रायसेन से नर्मदापुरम हुआ है। महेश पवार रीवा से नरसिंहपुर भेजे गए हैं। सुधीर डेहरिया शहडोल से मंडला गए हैं। नीता तवर इंदौर जिले के देपालपुर से इंदौर जिले के सांवेर भेजी गई हैं।
पांचवां तबादला आदेश
पांचवां आदेश भी प्रभारी वरिष्ठ उप पंजीयकों का है, लेकिन यह प्रशासकीय कार्य सुविधा के तहत हुआ है। इसमें प्रदीप सोरते का तबादला इंदौर जिले के सांवेर से इंदौर जिले के देपालपुर हुआ है। रामगोपाल अस्के खरगौन से देवास भेजे गए हैं। लक्ष्मण शाह उइके जबलपुर क्र-2 से शहडोल जिले भेजे गए हैं। के.एन. वर्मा ग्वालियर क्र-1 से मुरैना गए हैं।
छठा तबादला आदेश
छठा आदेश जिला पंजीयक स्तर का है, जो प्रशासकीय आधार पर हुआ है। इसमें अभिषेक सिंह बघेल का तबादला सीधी से जबलपुर-2 हुआ है। प्रबल प्रताप सिंह बुरहानपुर से सिंगरौली भेजे गए हैं।
सातवां तबादला आदेश
सातवां और आखिरी आदेश भी जिला पंजीयक स्तर का है, जो अपने खर्च पर होने वाला तबादला है। इसमें नवमीदास चौकीकर का तबादला नरसिंहपुर से बालाघाट हुआ है। उपेंद्र झा छिंदवाड़ा से नर्मदापुरम भेजे गए हैं।
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