MP : उच्च वेतनमान के मामले में मुख्य सचिव वीरा राणा के जवाब से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट, अवमानना पर 29 जुलाई को सुनवाई
Vikram Jain | Jul 06, 2024, 16:33 IST
MP pay scale case Chief Secretary reply High Court not satisfied
मुख्य सचिव वीरा राणा के जवाब से असंतुष्ट हाईकोर्ट अब अवमानना पर 29 जुलाई को सुनवाई करेगी। मामला हाईकोर्ट के कर्मचारियों को उच्च वेतनमान से जुड़ा हुआ है। जिस पर कोर्ट के आदेश का 6 साल बाद भी पालन नहीं हुआ है।
JABALPUR. हाईकोर्ट के कर्मचारियों के उच्च वेतनमान के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट मध्य प्रदेश शासन की मुख्य सचिव वीरा राणा के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ है। अब मामले में हाईकोर्ट अब अवमानना पर 29 जुलाई को सुनवाई होगी।
इससे पहले मुख्य सचिव वीरा राणा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हाई कोर्ट की कार्यवाही में उपस्थित हुई थी लेकिन उनके जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। कर्मचारियों के उच्च वेतन मान के आदेश का पालन नहीं करने के मामले में मुख्य सचिव वीरा राणा के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला निर्धारित करने के लिए हाईकोर्ट द्वारा 29 जुलाई की तारीख निर्धारित कर दी गई है।
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति अमरनाथ केसरवानी की युगलपीठ ने बुधवार की सुनवाई में ही सख्ती दिखाते हुए गुरुवार की सुनवाई में मुख्य सचिव वीरा राणा को वर्चुअली पेश होने के आदेश दिए थे। युगलपीठ ने सरकार का मंतव्य स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद मामले में मुख्य सचिव वीरा राणा वर्चुअली हाजिर हुईं थीं। जिसके बाद मुख्य सचिव जवाब दिया, जिस पर पीठ ने असंतोष जाहिर किया।
बता दें कि हाईकोर्ट कर्मचारी किशन पिल्लई सहित 109 कर्मचारियों ने याचिका दायर कर उच्च वेतनमान और भत्ते देने के लिए 2016 में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में हाईकोर्ट ने 2017 में राज्य शासन को आदेश जारी किए थे। पालन नहीं होने पर 2018 में अवमानना याचिका प्रस्तुत की गई। जिस पर कोर्ट के आदेश का 6 साल बाद भी पालन नहीं हुआ है।
इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट कर्मचारियों के लिए उच्च वेतनमान की अनुशंसा की थी। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने कंपलायंस रिपोर्ट पेश कर बताया कि यदि उक्त अनुशंसा को मान लिया जाएगा तो सचिवालय व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मियों से भेदभाव होगा और वे भी उच्च वेतनमान की मांग करेंगे। इसलिए कैबिनेट ने अनुशंसा को अस्वीकर कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने पहले भी यही ग्राउंड लिया था, जिसे अस्वीकार किया जा चुका है।
जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ हाईकोर्ट
2017 में दिए थे उच्च वेतनमान के आदेश
क्या है मामला
कैबिनेट ने अनुशंसा को किया अस्वीकर
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