MP Police में कार्यवाहक प्रभार को लेकर नया आदेश, डीजीपी का बड़ा फैसला

Pawan Modiya | May 13, 2026, 24:06 IST
12-4
एमपी पुलिस में कार्यवाहक प्रभार नियुक्तियों पर डीजीपी कैलाश मकवाना के नए निर्देशों से प्रशासनिक व्यवस्था और पदोन्नति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव।डीजी ने कर्मचारियों से बेहतर काम की उम्मीद जताई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश पुलिस में कई नई नियुक्तियां की गई हैं।
  • पुलिस अधिकारियों को नए कार्यभार सौंपे गए हैं।
  • डीजी ने इन नियुक्तियों के लिए कुछ निर्देश दिए हैं।
  • इस कदम से पुलिस कार्य प्रणाली में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
  • डीजी ने अधिकारियों से बेहतर काम की उम्मीद भी की है।

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग Madhya Pradesh Policeमें लंबे समय से अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च पदों का “कार्यवाहक प्रभार” (Acting Charge Appointments) देने की प्रक्रिया चल रही थी। अब इस व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है।


मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP Kailash Makwana द्वारा जारी निर्देशों के बाद पुलिस महकमे में प्रशासनिक बदलावों की चर्चा तेज हो गई है।



रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजीपी ने कार्यवाहक उच्च पद प्रभार देने की प्रक्रिया पर रोक लगाने और नियमों के अनुरूप नियुक्तियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इससे पुलिस विभाग में लंबे समय से चल रही अस्थायी व्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा।



कार्यवाहक प्रभार क्या होता है?

कार्यवाहक प्रभार (Acting Charge Appointment) की प्रक्रिया

जब किसी अधिकारी या कर्मचारी को नियमित पदोन्नति दिए बिना अस्थायी रूप से उच्च पद की जिम्मेदारी दी जाती है, तो उसे कार्यवाहक प्रभार कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर एक सब-इंस्पेक्टर को निरीक्षक का कार्यभार देना। एक डीएसपी को अतिरिक्त एसपी की जिम्मेदारी देना।



यह व्यवस्था आमतौर पर खाली पदों को भरने या प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए की जाती है।



पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता लाने की कोशिश

डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा जारी निर्देशों का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग में पारदर्शिता बढ़ाना, नियमित पदोन्नति प्रक्रिया को मजबूत करना और अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भरता कम करना बताया जा रहा है। डीजीपी ने कहा है कि आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक तथा लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों को उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार प्रदान करने की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी की जाएगी। इसके लिए जिला एवं रेंज स्तर पर समितियों का गठन तीन दिवस के भीतर करने तथा 15 दिनों के अंदर कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।



सूत्रों के मुताबिक, विभाग में कई अधिकारी लंबे समय से कार्यवाहक प्रभार पर कार्य कर रहे थे, जिससे वरिष्ठता और पदोन्नति विवाद भी उत्पन्न हो रहे थे।



हाईकोर्ट के फैसले का भी पड़ा असर

हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में पदोन्नति और Officiating Appointments को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि प्रक्रिया नियमों के अनुसार समयसीमा में पूरी होनी चाहिए।



इससे क्या बदलेगा?

  • लंबित प्रमोशन प्रक्रिया में तेजी आ सकती है
  • अस्थायी नियुक्तियों की संख्या घट सकती है
  • पुलिस विभाग में प्रशासनिक विवाद कम हो सकते हैं

पुलिस विभाग में क्या हैं वर्तमान चुनौतियां?

1. खाली पदों की समस्या

एमपी पुलिस में कई पद लंबे समय से खाली हैं। ऐसे में कार्यवाहक प्रभार व्यवस्था का उपयोग किया जाता रहा है।



2. प्रमोशन में देरी

कई कर्मचारियों की नियमित पदोन्नति समय पर नहीं हो पाती, जिससे विभागीय असंतोष बढ़ता है।



3. वरिष्ठता विवाद

जब किसी जूनियर अधिकारी को उच्च प्रभार दिया जाता है, तो वरिष्ठ कर्मचारियों में विवाद की स्थिति बन जाती है।



प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञ मानते हैं कि डीजीपी के ये निर्देश पुलिस प्रशासन में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।



संभावित फायदे

  • नियमित नियुक्तियों को बढ़ावा
  • जवाबदेही तय होगी
  • कार्य क्षमता में सुधार
  • विभागीय अनुशासन मजबूत होगा

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

नियमित पदोन्नति की उम्मीद बढ़ी

कई पुलिसकर्मी अब उम्मीद कर रहे हैं कि विभाग जल्द नियमित प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करेगा।



अतिरिक्त जिम्मेदारियों में बदलाव

जो अधिकारी वर्तमान में कार्यवाहक प्रभार संभाल रहे हैं, उनकी स्थिति पर भी स्पष्टता आने की संभावना है।



विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

प्रशासनिक मामलों के जानकारों के अनुसार, लंबे समय तक अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना किसी भी विभाग के लिए सही नहीं माना जाता।उनका मानना है कि इससे नियमित चयन प्रक्रिया से दक्षता बढ़ती है। विभागीय मनोबल मजबूत होता है। भ्रष्टाचार और पक्षपात की संभावना कम होती है।



मध्य प्रदेश सरकार पहले भी पुलिस सुधारों को लेकर कई निर्देश जारी कर चुकी है। हाल ही में पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण, जवाबदेही और जनहित आधारित पुलिसिंग को लेकर भी कई आदेश जारी किए गए थे।



ये खबरें भी पढ़ें....

एमपी पुलिस को मिलेगा दोगुना इनाम, 50 हजार तक दे सकेंगे DGP, सीएम मोहन यादव ने दी मंजूरी



पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए सरकार का हाथ तंग : न बोर्ड का गठन हुआ न बिल्डिंग बनाने पूरा बजट मिला



एमपी पुलिस की जांच पर CID ने उठाए सवाल : FIR और विवेचना में हो रही गंभीर गलतियां



आंदोलन से पहले ही एमपी पुलिस ने किसान नेताओं को किया हाउस अरेस्ट, 15 सूत्रीय मांगों पर मचा घमासान



Tags:
  • एमपी पुलिस
  • Madhya Pradesh Police
  • प्रमोशन
  • DGP Kailash Makwana
  • डीजीपी कैलाश मकवाना
  • कार्यवाहक प्रभार