एमपी में पहली बार बनेगी ड्रोन विंग, आसमान से होगी अपराधियों पर नजर
पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...
- मध्य प्रदेश पुलिस अपनी पहली बार अपनी ड्रोन विंग बना रही है।
- ये ड्रोन लगातार 6 घंटे तक निगरानी और 100 किमी की उड़ान भरेंगे।
- देश में पहली बार पुलिस के पास 3 फिक्स्ड विंग ड्रोन होंगे।
- इंदौर स्थित PRTS को नोडल ड्रोन ट्रेनिंग का सेंटर बनाया जाएगा।
- प्रदेश में भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत कुल 7 ड्रोन सेंटर खुलेंगे।
मध्य प्रदेश पुलिस अब ड्रोन के जरिए अपराधों पर लगाम लगाएगी। प्रदेश में पहली बार पुलिस की अपनी ड्रोन विंग बनाई जा रही है। नई ड्रोन विंग में अत्याधुनिक उपकरणों को शामिल किया जा रहा है। ये ड्रोन ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर काम करेंगे। इनकी क्षमता 100 किलोमीटर तक उड़ान भरने की होगी।
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फिक्स्ड विंग ड्रोन की खासियत
पुलिस विभाग में 3 फिक्स्ड विंग ड्रोन शामिल किए जा रहे हैं। ये ड्रोन विमान की तरह पंखों वाले होते हैं। ये दृश्य रेखा से परे (BVLOS) उड़ान भरने में सक्षम हैं। इनका उपयोग लंबी दूरी की निगरानी और सर्च ऑपरेशन में किया जाएगा।
इंदौर बनेगा ट्रेनिंग का केंद्र
इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (PRTS) नोडल सेंटर होगा। यहां ड्रोन पायलट और पे-लोड ऑपरेटर तैयार किए जाएंगे। शुरुआती चरण में 50 पुलिसकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ये कर्मी बाद में जिलों में ट्रेनर के रूप में जाएंगे।
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दिन-रात रियल टाइम निगरानी
स्पेशल डीजी संजीव शमी ने बताया कि ये ड्रोन दिन-रात उड़ेंगे। लाइव वीडियो फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी।
सात शहरों में ड्रोन सेंटर
प्रदेश में कुल 7 ड्रोन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं। उज्जैन में भी ड्रोन सेंटर बनाया जाएगा। इन केंद्रों से पूरे प्रदेश की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
फिक्स्ड विंग ड्रोन क्या है?
फिक्स्ड विंग ड्रोन विमान की तरह पंखों वाले ड्रोन होते हैं। ये मल्टी-रोटर ड्रोन की तुलना में ज्यादा दूरी तय कर सकते हैं। इनकी विशेषताएं और उपयोग नीचे दिए गए हैं:
- लंबी दूरी: ये मल्टी-रोटर ड्रोन के मुकाबले अधिक दूरी तय करने में सक्षम हैं।
- उपयोग: इनका इस्तेमाल खासकर बॉर्डर पेट्रोलिंग, बड़े सर्च ऑपरेशन और लंबी दूरी की निगरानी के लिए किया जाता है।
- निगरानी: इनसे अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकती है।
- सुरक्षा: ये भीड़ नियंत्रण और वीआईपी मूवमेंट के दौरान मदद करते हैं।