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BHOPAL. आजाद भारत के सात दशक में पहली बार मध्यप्रदेश पुलिस विभाग अपनी भर्तियां खुद कर सकेगा। यानी पुलिस महकमे में भर्ती के लिए विभाग को किसी दूसरी संस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने का ऐलान किया था।
पुलिस मुख्यालय ने तेजी से नए भवन का निर्माण चंद महीनों में पूरा कर लिया है। कुछ महीनों में 60 हजार वर्ग मीटर में पांच फ्लोर का यह भवन तैयार हो जाएगा। पुलिस भर्ती बोर्ड पर सरकार 26 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। यह भवन राजधानी की सबसे खूबसूरत पुलिस इमारतों में से एक होगा।
मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड
मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड का नया विशाल और खूबसूरत भवन कैसा होगा, यह कहां आकार ले रहा है। अब तक निर्माण की स्थिति कैसी है द सूत्र सबसे पहले यह सामने लेकर आया है। द सूत्र की टीम ने श्यामला हिल्स पर निर्माणाधीन भवन के खासियतों को जाना और अधिकारियों से भी बात की। पुलिस महकमे की इस खूबसूरत बिल्डिंग की डिजाइन किसने तैयार की, और निर्माण का जिम्मा किसने उठाया, द सूत्र अपने दर्शकों को यह भी बता रहा है।
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इसी साल से नए भवन में होगा कामकाज
मध्य प्रदेश में एक अरसे से पुलिस भर्ती बोर्ड की मांग की जा रही थी। साल 2024 में पुलिस बल की कमी और भर्तियों में देरी को देखते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने भर्ती बोर्ड को मंजूरी दी थी। सीएम की घोषणा के बाद पुलिस महकमे ने प्रस्ताव के साथ ही बोर्ड के लिए नए भवन की डिजाइन-ड्राइंग कर इसका निर्माण शुरू कर दिया था।
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने भी निर्माण में तेजी दिखाई और अब भवन धरातल पर आकार ले चुका है। जल्द ही इसकी फिनिशिंग और दूसरे काम भी पूरे कराने की तैयारी कर ली गई है। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा भर्ती बोर्ड के नए भवन को जल्द पूरा कर हैंडओवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बोर्ड के गठन के बाद निर्माण में आई तेजी
सरकार से पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की मंजूरी के बाद पूरे महकमे ने एक साथ काम शुरू किया था। इसके लिए डीजी कैलाश मकवाना के निर्देश पर श्यामला हिल्स पर जनजातीय संग्रहालय के पास जमीन का चयन किया गया।
स्पेशल डीजी (रेडियो) संजीव शमी ने भर्ती बोर्ड के नए भवन की डिजाइन- ड्राइंग तैयार कराई। वहीं डीजी अजय कुमार शर्मा के निर्देशन में पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने निर्माण की जिम्मेदारी संभाली।
नतीजा अब सामने हैं कि साल 2025 पूरा होते- होते भवन का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब भवन की फिनिशंग और संसाधनों के इंस्टालेशन का ही काम शेष रह गया है।
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आधुनिक संसाधनों से लैस होगा भवन
मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष डीजी अजय कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस भर्ती बोर्ड के भवन निर्माण को 19 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इसके लिए कुछ बजट और मांगा गया है। भवन निर्माण लगभग 26 करोड़ में पूरा कर लिया जाएगा। कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट इंजीनियर जयदीप सैनी ने बताया कि भवन में कुल पांच फ्लोर हैं। तीन फ्लोर ऊपर हैं जबकि बेसमेंट सहित दो फ्लोर नीचे रहेंगे।
भवन में सामने प्रवेश के लिए 25 फीट चौड़ी और लगभग 70 फीट लंबाई में सीढ़ियां बनाई गई हैं। भवन के बीच में गुंबद के आकार की संरचना और सेंट्रल एरिया होगा। इसके पूर्व और पश्चिम में अधिकारियों के बैठने के कक्ष और अन्य इकाइयां स्थित होंगी। पूरा भवन सेंट्रलाइज्ड वातानुकूलित और आधुनिक संसाधनों से लैस होगा।
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अब नियमित पुलिस भर्ती की खुली राह
पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन के बाद इसे साल 2026 में ही अपना कार्यालय भवन भी मिल जाएगा। इसके साथ ही भर्ती संबंधी दूसरे विभागों और एजेंसियों की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी। पुलिस महकमा इस साल से नियमित भर्तियां कर पाएगा। इससे सालों की देरी और बल की कमी की समस्याएं दूर होंगी। पुलिस मुख्यालय को पहले बल की कमी का डेटा जुटाकर गृह विभाग को प्रस्ताव भेजना पड़ता था।
सरकार से स्वीकृति के बाद कर्मचारी चयन मंडल और मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं कराई जाती थीं। इन एजेंसियों के पास दूसरे विभागों की भर्तियों की जिम्मेदारी होती थी, जिससे दो-तीन साल या उससे ज्यादा समय लग जाता था। मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई एसआई भर्ती परीक्षा 2017 के बाद अब हुई है। इसी तरह आरक्षक भर्ती में भी दो-तीन साल का समय लगता रहा है।
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