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BHOPAL.मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में सख्त मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही सैकड़ों मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। कई मरीज अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर भारी दबाव बना हुआ है।
जल शुद्धिकरण में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जल शुद्धिकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जल आपूर्ति से जुड़े हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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हर महीने भेजनी होगी पानी की सैंपल रिपोर्ट
सीएम ने निर्देश दिए हैं कि हर नगरीय निकाय को जल सैंपल की मासिक जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से स्थानीय प्रशासन को भेजनी होगी। इससे समय रहते पानी की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकेगी। भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा।
मौतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक दूषित पानी से अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में फिलहाल केवल 4 मौतों की पुष्टि की गई है। इस अंतर ने प्रशासनिक स्तर पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सरकारी पुष्टि पर मंत्री का बयान
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकारी आंकड़ों में अभी चार मौतों की ही पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है और जांच प्रक्रिया जारी है। प्रशासन सभी तथ्यों को सत्यापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव सख्त, पूरे प्रदेश में सख्त मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। सीएम ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम होगा तैयार
नगरीय प्रशासन विभाग को जल वितरण की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस डिजिटल व्यवस्था से रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
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दूषित पानी में मिला हैजा फैलाने वाला जीवाणु
जांच रिपोर्ट में दूषित पानी में हैजा फैलाने वाला खतरनाक जीवाणु पाए जाने की पुष्टि हुई है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में भी हैजे की आशंका जताई गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
मरीजों को दिया जा रहा है विशेष इलाज
अस्पताल में भर्ती मरीजों को हैजा के इलाज में इस्तेमाल होने वाली डॉक्सीसाइक्लिन सहित जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके।
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