इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से ही हुई मौत, सैंपल की जांच रिपोर्ट से खुलासा, अब तक 14 मौत

भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 14 मौतें हो चुकी है। MGM मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए। अब तक 1400 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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Sanjay Gupta
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Indore. इंदौर के भागीरथपुरा में हुई मौतों का औपचारिक कारण सामने आ गया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि पानी दूषित निकला है। उधर अभी तक 14 मौत हो चुकी है। गुरुवार 1 जनवरी को भागीरथपुरा निवासी 43 वर्षीय अरविंद की भी मौत हो गई। अभी तक 1400 संक्रमित सामने आ चुके हैं। 

रिपोर्ट में आए खतरनाक बैक्टिरिया

सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिली है। यह रिपोर्ट महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की है।

इससे पुष्टि होती है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। पाइपलाइन में लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हुआ। यह किस तरह से हुआ यह अधिकारी ही बता सकेंगे। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि क्षेत्र से लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया मिले हैं।

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मौतों के आंकड़ों पर अभी भी असमंजस

अभी भी सरकारी आंकड़े और मैदान में हो रहे मौत के दावे अलग-अलग है। शासन ने अभी तक चार ही मौत की पुष्टि की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह जरूर कहा कि हमे मैदान से आठ मौत की खबर आई है, इसे देख रहे हैं। लाइन ऑफ ट्रीटमेंट से साबित हो जाएगा कि उनकी मौत डायरिया से हुई या नेचुरल डेथ थी। उधर वहीं एरिया में डायरिया केस आने के बाद मौत का आंकड़ा 14 तक पहुंचने की बात आई है। 

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अस्पतालों में करीब 200 मरीज

उधर अस्पतालों में करीब 200 मरीज भर्ती है। चार मरीजों को गुरूवार को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एरिया के 40 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। लक्षण वाले मरीज संजीवनी क्लीनिक पहुंच रहे हैं। वहां लक्षण गंभीर नजर आने पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की सहायता राशि दी जा रही है। हालांकि कई परिजनों ने यह चेक लेने से ही इंकार कर दिया और उनमें भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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पुलिस चौकी के टायलेट से हुआ कांड

द सूत्र ने ही सबसे पहले यह खुलासा किया था कि यह पानी दूषित होना शुरू भागारीथपुरा की पुलिस चौकी के शौचालय से हुआ था। पानी की मुख्य टंकी के मुख्य लाइन के पास यह चौकी बनी हुई थी। यहां बिना चैंबर के ही टायलेट बना लिया गया, जिसका मल-मूत्र सीधे नीचे जा रहा था। लीकेज के कारण मुख्य लाइन में मिल रहा था। करीब 15-20 दिन से इसी लाइन से वाटर सप्लाय हो रही थी जो दूषित था।

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