एमपी के एक हजार पुलिस अफसरों पर लटकी तलवार, 10 साल से जमे इंस्पेक्टर और डीएसपी के होंगे तबादले
BHOPAL. मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जून में प्रदेशभर में 5 दिन में 10 हजार पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया था।
जानकारी के अुनसार, अब एमपी के इंस्पेक्टर (Inspector) और डीएसपी (DSP) की बारी है। जो 10 साल या उससे ज्यादा समय से एक ही जिले में जमे हुए हैं। इसमें 800 से 1000 अफसरों का तबादला हो सकता है। इनमें से अधिकांश ऐसे अफसर होंगे जो एक ही जिले में 10 साल से पदस्थ हैं।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
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पीएसडब्ल्यू ने तैयार किए चार अहम सवाल
इसके लिए पीएसडब्ल्यू की कार्मिक शाखा ने चार अहम सवालों का प्रोफार्मा तैयार किया है। इनका जवाब अफसरों को देना होगा-
- क्या एक ही जिले में 10 साल से अधिक समय तक जमे हुए कई इंस्पेक्टर और उप-इंस्पेक्टर ने स्थानांतरण नीति का उल्लंघन किया है? (Yes or No)
- यदि जवाब हां है, तो उन अधिकारियों के नाम और पदों की जानकारी दीजिए।
- इन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, उसका पूरा विवरण भी प्रस्तुत किया जाए।
- कितने अधिकारी हैं जो 10 साल से एक ही जिले में पदस्थ हैं?
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इंस्पेक्टर और डीएसपी के तबादले की खबर पर एक नजर...
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5 साल में अनिवार्य तबादला
सरकार की तबादला नीति के तहत पुलिसकर्मियों को तीन साल में ट्रांसफर के लिए पात्र माना जाता है। पांच साल में यह अनिवार्य हो जाता है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि बढ़ाई जा सकती है। वहीं, 10 साल तक एक ही जिले में जमे रहना स्पष्ट रूप से उल्लंघन माना जाता है।
अफसरों की कार्यशैली पर पड़ता है प्रभाव
अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव पुलिस प्रशासन में अनुशासन और कामकाजी क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है। एक ही जगह पर लंबे समय तक काम करने से अधिकारियों का नजरिया बदल सकता है। इससे पुलिस सेवा की कार्यशैली पर बुरा असर पड़ता है।