MP में 11 लाख लोग सरकारी राशन से होंगे वंचित, रेड जोन में 18 जिले

Anjali Dwivedi | Jan 31, 2026, 14:15 IST
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मध्य प्रदेश में ई-केवाईसी की धीमी रफ्तार से 11.23 लाख लोग सरकारी राशन से वंचित हैं। 18 जिले रेड जोन में शामिल हैं। शिवपुरी जिला प्रदेश में अव्वल, सतना और मैहर की स्थिति चिंताजनक है...

News In Short

  • प्रदेश में कुल 11.23 लाख सदस्यों के नाम खाद्यान्न सूची में बढ़े, लेकिन सिर्फ 50 हजार की ई-केवाईसी पूरी हुई।
  • ई-केवाईसी पूरी न होने से लाखों पात्र परिवारों की पात्रता पर्ची जारी नहीं हो पा रही है।
  • शिवपुरी जिला वेरिफिकेशन प्रोसेस में प्रदेश में पहले स्थान पर है।
  • अनूपपुर, सिंगरौली और बड़वानी समेत 18 जिलों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
  • सतना-मैहर में हजारों लोग पात्र होने के बावजूद वेरिफिकेशन की सुस्त रफ्तार के कारण राशन से वंचित हैं।

News In Detail

भोपाल: मध्य प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक चिंताजनक खबर है। पात्रता होने के बावजूद करीब 11 लाख से ज्यादा लोग सरकारी राशन (government ration) से वंचित रह सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ई-केवाईसी (e-KYC) की बेहद धीमी रफ्तार है। वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरी न होने के कारण इन सदस्यों की खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी नहीं हो पा रही है।



नाम जुड़े, लेकिन राशन नहीं मिला

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 55 जिलों में कुल 11.23 लाख नए सदस्य राशन योजना में बढ़ाए गए हैं। इनमें से 5.79 लाख वे लोग हैं जो बिल्कुल नए सदस्य के रूप में जुड़े हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 26 हजार की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है। इसी तरह, पुराने कार्डधारियों के परिवारों में भी 5.44 लाख नए नाम जोड़े गए। जिनमें से सिर्फ 24 हजार लोगों का वेरिफिकेशन हो सका है। कुल मिलाकर 11 लाख से ज्यादा लोग अब भी कागजी प्रक्रिया में फंसे हैं।



ई-केवाईसी में शिवपुरी ने मारी बाजी

ई-केवाईसी के मामले में शिवपुरी जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है। यहां 35 हजार 679 नए सदस्यों में से 3 हजार 407 की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, पुराने राशन कार्डों में जुड़े 23 हजार सदस्यों में से 2 हजार 923 का वेरिफिकेशन हो गया है। शिवपुरी के प्रदर्शन के बाद भी प्रदेश के अन्य जिलों में स्थिति काफी कमजोर बनी हुई है, जिससे गरीबों के निवाले पर संकट मंडरा रहा है।



ये हैं वो 18 जिले जो रेड जोन में शामिल हैं

प्रदेश के 18 जिलों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है, जिन्हें रेड जोन में रखा गया है। इन जिलों में प्रति जिला मात्र 200 या उससे भी कम ई-केवाईसी हो सकी है। लिस्ट इस प्रकार है- अनूपपुर, आलीराजपुर, डिंडोरी, पांढुर्णा, उमरिया, निवाड़ी, मऊगंज, मंडला, बड़वानी, आगर मालवा, हरदा, नीमच, नरसिंहपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, सिंगरौली, रतलाम और सीधी।



सतना और मैहर में स्थिति बेहद चिंताजनक

सतना जिले में 13 हजार नए सदस्यों को राशन का लाभ मिलना है, लेकिन अब तक केवल 390 सदस्यों की ई-केवाईसी हुई है। वहीं, मैहर जिले की बात करें तो यहां 7 हजार 945 नए पात्र सदस्यों में से सिर्फ 342 का ही सत्यापन हो सका है। पुराने परिवारों में बढ़े सदस्यों की स्थिति भी यहाँ वैसी ही सुस्त है, जिससे लोगों में राशन कटने का डर बना हुआ है।



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