एमपी में रेवेन्यू केस की सुनवाई होगी तेज, 426 अधिकारियों को मिले कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार
BHOPAL. मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। अब 426 अधिकारियों को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए गए हैं। यह बदलाव 144 अधीक्षक भू-अभिलेख (LLR) और 282 सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (ALLR) के लिए किया गया है। इस कदम से विभाग के कार्यों में गति आएगी और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान संभव होगा।
नई व्यवस्था का क्या है असर?
बदल गया प्रशासनिक ढांचा
मप्र में पहले 610 तहसीलदार थे, लेकिन अब 144 अधीक्षक भू अभिलेख के समायोजन के बाद उनकी संख्या बढ़कर 754 हो गई है। यह समायोजन तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरा भू-अभिलेख कैडर रिटायर नहीं हो जाता। इसके साथ ही एलआर पद पर नियुक्त अधिकारी पहले की तरह डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए पात्र रहेंगे।
विभाग में सुधार की दिशा
नई व्यवस्था से तहसील और ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक सुविधा में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय अधिकारियों को अधिक अधिकार मिलेंगे। साथ ही, वे अपनी जिम्मेदारी अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे। इससे शासन स्तर पर कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता भी बढ़ेगी।
क्या है आगे का प्लान?
यह बदलाव सितंबर 2025 में ही प्रस्तावित किया गया था। शुक्रवार, 25 अक्टूबर से इसका कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। मप्र सरकार का उद्देश्य है कि राजस्व मामलों में गति लाकर आम नागरिकों को जल्दी और सही तरीके से न्याय मिले।