MP सरकार देगी पढ़ाई और कोचिंग का खर्च, जल्द शुरू होगी 7500 वाली श्रीमेधा योजना
Amresh Kushwaha | Sept 10, 2026, 08:23 IST
MP सरकार देगी पढ़ाई और कोचिंग का खर्च
मध्य प्रदेश सरकार निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना ला रही है। इसमें हर महीने 7,500 रूपए मिलेंगे, जिसमें NEET, JEE और CLAT कोचिंग का खर्च भी शामिल रहेगा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए नई योजना ला रही है।
- इसका नाम श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना रखा गया है।
- चुने गए बच्चों को हर महीने 7,500 हजार की मदद मिलेगी।
- इस राशि से NEET, JEE और CLAT कोचिंग की फीस भी भरी जा सकेगी।
- पहले चरण में कुल 600 बच्चों को यह लाभ मिलेगा।
इसमें पढ़ाई के साथ बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का खर्च भी जोड़ा गया है। योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा जाना है। सरकार इसे इसी साल लागू करने की तैयारी में है।
योजना क्यों लाई गई
कितनी मिलेगी राशि
किसे मिलेगा फायदा
पात्रता की शर्तें
बच्चे की उम्र आवेदन के समय 14 से 19 साल के बीच होनी चाहिए। बच्चा मध्यप्रदेश बोर्ड या सीबीएसई (Central Board of Secondary Education) का नियमित छात्र होना चाहिए। 10वीं में कम से कम 80 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है।
कैसे होगा चयन
सामान्य जिलों से अधिकतम 15 विद्यार्थी चुने जाएंगे। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों से 40-40 विद्यार्थी चुने जा सकते हैं। एक पंजीकृत श्रमिक के अधिकतम दो बच्चों को ही लाभ मिलेगा। जो बच्चा पहले से मंडल की कोई और छात्रवृत्ति ले रहा है, उसे यह योजना नहीं मिलेगी।
फायदा कब तक मिलेगा
रिपोर्ट सही मिलने पर ही अगली राशि जारी होगी। हर जिले में कलेक्टर एक मेंटर तय करेंगे। यह मेंटर अधिकारी, समाजसेवी या शिक्षाविद हो सकता है। मेंटर बच्चे की पढ़ाई और करियर में मार्गदर्शन देगा। वह यह भी देखेगा कि पैसे का सही उपयोग हो रहा है या नहीं।
मंत्री ने क्या कहा
मंत्री के अनुसार, यह योजना बच्चों की मेधा को सम्मान देने की कोशिश है। उनका यह भी कहना है कि यह पहला प्रयोग है। सफल होने पर बच्चों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
MP है पहला राज्य
आवेदन प्रक्रिया
इसके साथ APAAR ID और ई-केवाईसी वाली समग्र आईडी जरूरी है। मोबाइल नंबर और ई-मेल भी देना होगा। श्रमिक को अपनी ई-केवाईसी समग्र आईडी, बैंक पासबुक और शपथ पत्र देना होगा। 90 दिन काम की शर्त इसलिए रखी गई है, ताकि असली निर्माण श्रमिकों के बच्चों को ही फायदा मिले।
अन्य स्कॉलरशिप योजनाएं
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना और मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी चलती है। इकलौती बेटी छात्रवृत्ति 11वीं-12वीं की छात्राओं के लिए है। दिव्यांग छात्रवृत्ति, पीएम-यूएसपी यानी PM-USP और AICTE (All India Council for Technical Education) की प्रगति व सक्षम योजना भी उपलब्ध हैं। श्री मेधा योजना इसी सूची में एक नई कड़ी है।
कितने श्रमिक पंजीकृत हैं
यह खबर क्यों जरूरी है:
सरकार का यह प्रयास सामाजिक असमानता कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह योजना श्रमिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी भी दिखाती है। पात्रता, चयन और निगरानी की स्पष्ट प्रक्रिया इसे पारदर्शी बनाती है। यह जानकारी लाखों पंजीकृत श्रमिक परिवारों के लिए सीधे उपयोगी है, इसलिए यह खबर आम पाठक के लिए जरूरी है।
FAQ
- श्री मेधा योजना का लाभ किन बच्चों को मिलेगा?
यह लाभ मध्यप्रदेश में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा। माता या पिता का पंजीयन कम से कम तीन साल पुराना और 90 दिन काम का रिकॉर्ड जरूरी है। बच्चे की उम्र 14 से 19 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही 10वीं में कम से कम 80 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। एक श्रमिक के अधिकतम दो बच्चे ही इसका लाभ ले सकते हैं। - हर महीने कितनी स्कॉलरशिप मिलेगी और इसका इस्तेमाल कहां हो सकता है?
चयनित विद्यार्थियों को हर महीने ₹7,500 की सहायता मिलेगी। इस राशि से ट्यूशन फीस, किताबें और हॉस्टल का खर्च चलाया जा सकता है। इसके अलावा NEET, JEE और CLAT जैसी प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग फीस भी इसी राशि से भरी जा सकती है। यह भुगतान पहले छह महीने बाद और फिर हर छह महीने में मेंटर की रिपोर्ट के आधार पर होगा। - श्री मेधा योजना में आवेदन कैसे और कब करना होगा?
आवेदन केवल ऑनलाइन तरीके से किया जा सकेगा, ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। आवेदन की तारीख भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पोर्टल पर जारी की जाएगी। विद्यार्थी को अंकसूची, APAAR ID, ई-केवाईसी समग्र आईडी और संपर्क जानकारी देनी होगी। श्रमिक को अपनी ई-केवाईसी आईडी, बैंक पासबुक और शपथ पत्र जमा करना होगा। चयन के बाद हर साल दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है।
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