रतलाम से बालाघाट तक बदहाल स्टेडियम,इधर नए खेल परिसर पर 962 करोड़ खर्च की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार अब खेल परिसर यानी खेल स्टेडियम बनाएगी। सरकार 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाएगी। जिसमें 100 ऐसे होंगे जहां इंडोर और आउटडोर दोनों तरह की सुविधाएं होंगी। इसके लिए सरकार ने 962.50 करोड़ रुपए खर्च करने का मन बनाया है। लेकिन जो खेल स्टेडियम पहले से मौजूद हैं, क्या उनकी हालत ठीक है ? क्या वहां खेल हो सकते हैं ? इन्हीं सारी बातों की पड़ताल द सूत्र ने इस रिपोर्ट में की है।
10 एकड़ मिलेगी जमीन
प्रदेश के 55 जिलों की 230 विधानसभाओं में खेल स्टेडियम या परिसर पहले से बने हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों को छोड़कर बाकी 140 विधानसभाओं में नए परिसर बनाने की योजना है। इसके लिए 10-10 एकड़ जमीन दी जाएगी। निर्माण में 893 करोड़ रुपए और संचालन में लगभग 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 40 परिसरों में सिर्फ आउटडोर स्टेडियम होंगे। सरकार यहां हेलीपैड भी बनाने का काम करेगी।
मौजूदा खेल परिसरों की हालात कैसी ?
द सूत्र की टीम ने भोपाल, रतलाम, विदिशा, बालाघाट जैसे जिलों की पड़ताल की। भोपाल के भौंरी में वार्ड नंबर 3 पर मौजूद विधायक खेल मैदान की हालात बड़ी दयनीय है। इस मैदान को देखकर लगता ही नहीं कि यहां कोई खेल हो सकता है। बारिश के बाद जो कीचड़ हुई उसकी वजह से गड्ढे हो गए हैं। मैदान पूरी तरह उबड़ खाबड़ और खस्ताहाल दिखाई दे रहा है। मैदान में गाय भैंस चरती जरूर नजर आ जाएंगी।
रतलाम में क्या हाल ?
रतलाम में मौजूद खेल परिसर पूरी तरह खस्ता हालत में नजर आया। कहीं बारिश का पानी भरा है। तो कहीं पानी सूखने के बाद कीचड़ मचा है। बैठने के लिए बेंच की जो हालत है, उस पर न ही बैठा जाए तो अच्छा है। स्टेडियम में जहां बैठने की व्यवस्था है वहां गंदगी ही गंदगी है। सीढ़ियों पर काई और धूल का डेरा है। स्टेडियम में इंसान तो नहीं दिखाई दे रहे हालांकि आवारा कुत्ते वहां टहलते नजर आ जाएंगे।
5 करोड़ देने की हुई थी घोषणा
रतलाम में मौजूद हमारे साथी आमीन हुसैन बताते हैं कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में यहां रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ था। तब नेहरू स्टेडियम के विकास और सुधार के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई थी। लेकिन एक साल से ज्यादा का वक्त बीत गया, स्टेडियम आज भी वैसा का वैसा पड़ा है। अब रतलामवासी इंतजार में हैं कि सरकार फंड दे, जिससे स्टेडियम की सूरत बदली जा सके।
विदिशा में क्या हाल ?
विदिशा में मौजूद खेल परिसर की जब द सूत्र ने पड़ताल की तो यहां स्थिति थोड़ी बेहतर तो है, लेकिन साफ सफाई की और गुंजाइश है। स्टेडियम में लगी टाइल्स टूटने लगी हैं। आसपास गंदगी भी नजर आती है। हालांकि मैदान के अंदर स्थिति उतनी बुरी नहीं है।
बालाघाट में सबसे खराब स्थिति
बालाघाट का खेल मैदान तो किसी खेत की तरह नजर आता है। ऐसा खेत जिसमें हाल फिलहाल में पानी डाला गया हो। चारों तरफ सिर्फ पानी और कीचड़। रही सही कसर मैदान पर पड़ी रेत और गिट्टी से पूरी हो जाती है। हमारे साथी पूनम राउत के मुताबिक जिला मुख्यालय में अंबेडकर चौक के नजदीक ही ये खेल मैदान है। मैदान का नाम उत्कृष्ट है, लेकिन इसकी हालात सबसे दयनीय।
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