MP में टेक होम राशन सप्लाई तीन माह से बंद, 300 करोड़ की उधारी भी बाकी

Amresh Kushwaha | May 18, 2026, 08:38 IST
mp take home ration supply stopped 30 districts
मध्य प्रदेश के करीब 30 जिलों में तीन महीने से टेक होम राशन की सप्लाई बंद है। निजी सप्लायरों का 300 करोड़ रुपए बकाया है। सागर सबसे ज्यादा प्रभावित है। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को पोषण नहीं मिल रहा है।

शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश के 30 जिलों में तीन महीने से टेक होम राशन नहीं मिला है।
  • निजी सप्लायरों का करीब 300 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है।
  • सागर संभाग की स्थिति सबसे खराब बताई गई है।
  • गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
  • विभाग ने खुद माना कि इससे जिलों की राष्ट्रीय रैंकिंग गिर रही है।

30 जिलों में टेक होम राशन बंद

मध्य प्रदेश में पूरक पोषण आहार यानी टेक होम राशन (THR - Take Home Ration) की सप्लाई इन दिनों गंभीर संकट में है। यह पोषण आहार महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जाता है। राज्य के करीब 30 जिलों में पिछले तीन महीनों से यह राशन बंद पड़ा है। इस संकट की सबसे बड़ी मार गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों पर पड़ रही है।



हालत इतनी खराब है कि खुद विभागीय पत्रों में स्वीकार किया गया है कि सप्लाई चेन टूटने से राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में जिले पिछड़ रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चे, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक यह जरूरी पोषण आहार नहीं पहुंच पा रहा है।



सागर सबसे ज्यादा प्रभावित

सबसे बुरी स्थिति सागर संभाग की बताई जा रही है। संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग ने 15 मई को पोषण आहार संयंत्र के सीईओ (CEO - Chief Executive Officer) को पत्र लिखा गया था। इसमें बताया गया है कि इस संयंत्र के जिम्मे 74 लाख रुपए परिवारों में टेक होम राशन वितरण की व्यवस्था है। वहीं, 26 फरवरी 2026 से सप्लाई पूरी तरह बंद है।



इसके अलावा नर्मदापुरम, रीवा और मंडला प्लांट के अंतर्गत आने वाले जिलों में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं।



मंडला का मामला, मार्च से बंद है राशन

मंडला जिले के एक मामले ने इस संकट की गहराई को और उजागर किया है। जिले के कार्यक्रम अधिकारी ने 17 अप्रैल 2026 को सीईओ आजीविका मिशन को पत्र लिखकर बताया कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक टेक होम राशन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे मवई और नारायणगंज जैसे पीएम (PM - Prime Minister) आकांक्षी ब्लॉक भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।



पोषण आहार बंद होने से जिले का पोर्टल एंट्री तक बंद हो गई और जिले की राष्ट्रीय रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज हुई है।



300 करोड़ की उधारी, सप्लाई ठप

इस पूरे संकट की जड़ में एक बड़ा वित्तीय कारण है। जानकारी के मुताबिक टेक होम राशन संयंत्रों को सामग्री देने वाले निजी सप्लायरों को पुराना भुगतान नहीं मिला है। इस पर उन्होंने सप्लाई रोक दी। राज्य के सात प्लांट पर करीब 300 करोड़ रुपए की उधारी बताई जा रही है।



वित्त विभाग ने 2026-27 के बजट में रेडी-टू-ईट (Ready-to-Eat) टेक होम राशन के लिए 134 करोड़ रुपए मंजूर किए, लेकिन यह राशि अब तक जारी नहीं हुई है।



विभाग और मिशन के बीच पत्राचार, हल नहीं

महिला एवं बाल विकास विभाग और मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के बीच लगातार पत्राचार और फोन पर चर्चा होती रही है। बावजूद इसके कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों की तरफ से सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि संयंत्र बंद हैं। यह भी स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि सप्लाई कब तक शुरू होगी।



इस मामले में आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग ने 9 जिलों के कलेक्टरों को भी पत्र भेजे हैं।



समीक्षा जारी, राहत का इंतजार

विभागीय स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। टेक होम राशन की आपूर्ति के संबंध में एसआईएलएम (SILM) के साथ चर्चा चल रही है। विभाग की प्राथमिकता है कि बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मिलने वाले पोषण सहयोग में कम से कम व्यवधान आए। लेकिन जमीन पर अभी तक राहत नहीं पहुंची है।



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