सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम की जान, सतना में कुपोषण से मौत पर सात कर्मचारियों को नोटिस

Aman Vaishnav | Apr 24, 2026, 13:24 IST
Share
satna malnutrition baby death health workers notice
satna malnutrition baby death health workers notice

22 अप्रैल को सतना में कुपोषण के कारण एक चार महीने की बच्ची की मौत हुई थी। बताया जा रहा है कि यह घटना प्रशासन की अनदेखी और सही इलाज न मिलने से हुई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया है।

क्या आज के दौर में भी बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं? ये वाकई सोचने वाली बात है। एक तरफ सरकार कुपोषण मुक्त समाज बनाने के दावे करती है। दूसरी तरफ सतना से आई यह खबर व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है।

ऐसी घटनाएं बताती हैं कि योजनाएं कागजों से निकलकर गरीबों तक नहीं पहुंच रही हैं। यह मामला प्रशासन के लिए एक चिंताजनक संकेत है।

9adb4df9-29b
9adb4df9-29b


कुपोषण से चार महीने की बच्ची की मौत

सतना जिले में बुधवार 22 अप्रैल को एक चार महीने की बच्ची की कुपोषण के कारण मौत हुई थी, जबकि उसका जुड़वां भाई अब भी गंभीर हालत में है। दोनों बच्चे पिछले 15 दिनों से उल्टी, दस्त, बुखार और डायरिया से परेशान थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चों को समय पर सही इलाज और पोषण नहीं मिला था। इसी वजह से उनकी हालत और बिगड़ती गई। इसके बावजूद बच्चों का इलाज जुगुलपुर गांव में एक झोलाछाप के पास ही चल रहा था।

chaild-12-548922
chaild-12-548922


मां बोली सरकारी योजना का फायदा नहीं मिला

मृत बच्ची की मां विमला ने बताया कि उन्हें सिर्फ टीकाकरण का ही लाभ मिला था। इसके अलावा कोई और सरकारी योजना का फायदा नहीं हुआ। आशा कार्यकर्ता ने भी नियमित संपर्क नहीं किया, जिससे समय पर सही सलाह और मदद नहीं मिल पाई।

शारीरिक कमजोरी से पिलाया बकरी का दूध

जांच में यह भी सामने आया कि मां की शारीरिक कमजोरी की वजह से वह बच्चों को स्तनपान नहीं करा पा रही थीं। इसके बजाय उन्हें बकरी और गाय का दूध पिलाया जा रहा था, जो इस उम्र के बच्चों के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।

जन्म से लेकर छह महीने तक बच्चे के लिए केवल मां का दूध ही सही पोषण का स्रोत होता है, लेकिन परिवार को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाया था।

Malnutrition: ओडिशा के 12 जिलों में कुपोषण दर राष्ट्रीय से अधिक, सबसे अधिक  कुपोषित बच्चे मालकानगिरी में - Malnutrition rate in Odisha higher than  national rate
Malnutrition: ओडिशा के 12 जिलों में कुपोषण दर राष्ट्रीय से अधिक, सबसे अधिक कुपोषित बच्चे मालकानगिरी में - Malnutrition rate in Odisha higher than national rate


सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने लापरवाही पाए जाने पर सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा है।

जन्म के समय ही कम था वजन

जांच रिपोर्ट के अनुसार सुप्रांशी और उसके भाई नैतिक का जन्म के समय वजन 2 किलोग्राम और 1.90 किलोग्राम था, जो सामान्य से कम था।

दोनों की हालत गंभीर थी इसलिए उन्हें रीवा रेफर किया जा रहा था, लेकिन एंबुलेंस में शिफ्ट करते समय सुप्रांशी की मौत हो गई थी।

इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। जैसे की बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग नहीं की गई थी।

मेडिकल ऑफिसर पर लगे आरोप

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयागांव की आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा शुक्ला पर आरोप लगे हैं। उन्होंने नियमित स्क्रीनिंग नहीं की और उच्च जोखिम वाले शिशुओं की पहचान में लापरवाही बरती थी।

इसके अलावा उल्टी, दस्त, कुपोषण और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण होने के बावजूद सही तरीके से ट्रैकिंग और फॉलोअप नहीं किया गया था।

साथ ही परिजनों को समय पर बेहतर इलाज के लिए रेफर भी नहीं किया गया। न ही एएनएम, सीएचओ और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की भी कमी रही थी।

इसी मामले में इन्हें नोटिस जारी किया गया

  • आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. धनेश द्विवेदी
  • सेंट्रल मेडिकल ऑफिसर डॉ. धनेन्द्र पाण्डेय
  • ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर देवमुनि पटेल
  • सेक्टर सुपरवाइजर कमलेश चंद्र सिंह
  • सीएचओ डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता
  • उप स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर की एएनएम विद्या चक्रवर्ती
इसके अलावा सीएमएचओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों को तय समय सीमा में जवाब देने को कहा है। विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ये खबरें भी पढ़िए...

एमपी न्यूज:एमपी में कुपोषण, मंत्री ने माना, 33% बच्चों में वजन कम

कुपोषण न्यूज : 33% बच्चे कम वजन, 8 साल से नहीं बढ़ी आंगनवाड़ी की पोषण राशि

बीवी-बच्चे पालने की हैसियत नहीं तो शादी न करें, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बयान

भारत में बीमारियां बदल रहीं पैटर्न, हर 15 दिन में कोई न कोई बीमारी करती है परेशान

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • स्वास्थ्य विभाग
  • सतना
  • कुपोषण न्यूज
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • कुपोषण
  • एमपी में कुपोषण
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच