MP उच्च शिक्षा विभाग का बुरा हाल: 80% शिक्षकों के पद खाली, अतिथि के भरोसे चल रही पढ़ाई
Amresh Kushwaha | Sept 07, 2026, 12:40 IST
MP में 80% शिक्षकों के पद खाली
मध्य प्रदेश के 19 सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 2103 पद हैं। इनमें से सिर्फ 420 पर नियमित शिक्षक हैं। 80 फीसद यानी 1683 पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी भर्ती अधूरी है, पढ़ाई गेस्ट फैकल्टी के भरोसे चल रही है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है।
- 2103 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 420 पर शिक्षक कार्यरत हैं।
- करीब 80 फीसद यानी 1683 पद अब भी खाली हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी भर्ती पूरी नहीं हुई।
- पढ़ाई का जिम्मा बड़े स्तर पर अतिथि विद्वानों पर टिका है।
यह आंकड़ा कुल स्वीकृत पदों का करीब 80 फीसद है। इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से पढ़ाई की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का पूरा जिम्मा अतिथि विद्वानों पर आ गया है। वहीं जो नियमित शिक्षक मौजूद हैं, उन पर भी कई तरह के अकादमिक और प्रशासनिक काम का दबाव है। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख भी बेअसर
आज भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। नियमित भर्ती की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस देरी का सीधा असर विश्वविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग (National Assessment and Accreditation Council) पर भी पड़ रहा है। कम शिक्षकों के चलते ग्रेडिंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
बीयू में अतिथि विद्वानों के सहारे पढ़ाई
विभाग के मुताबिक बीयू के सभी 105 पद स्वीकृत श्रेणी में आते हैं। इसके बावजूद अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में फिलहाल विश्वविद्यालय ने अस्थायी रास्ता निकाला है। बीयू ने 15 सितंबर तक अतिथि विद्वानों से आवेदन मांगे हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में भी पढ़ाई गेस्ट फैकल्टी के भरोसे ही चलेगी।
चार नए विश्वविद्यालयों में हालात सबसे खराब
वहीं, ये सभी पद पूरी तरह खाली पड़े हैं। इन नए विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की जिम्मेदारी पूरी तरह अतिथि विद्वानों पर टिकी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नए विश्वविद्यालयों में शुरुआत से ही नियमित भर्ती न होना आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकता है।
प्रदेशभर के आंकड़ों पर एक नजर
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 156 में से 130 पद रिक्त हैं। विक्रम विश्वविद्यालय में 161 में से 112 पद खाली हैं। वहीं डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय में 113 में से 106 पद रिक्त बताए गए हैं। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि समस्या किसी एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है।
आगे क्या हो सकता है असर
यह खबर क्यों जरूरी है
खबर पूरी तरह तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। यह किसी संस्था या व्यक्ति की छवि खराब करने के इरादे से नहीं लिखी गई है। इसका मकसद सिर्फ सही जानकारी देना और जागरूकता बढ़ाना है। यह भारतीय संविधान, कानून और डिजिटल नैतिकता के सभी मानकों का पालन करती है।
FAQ
- मध्य प्रदेश में सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के कितने पद खाली हैं?
प्रदेश के 19 सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 2103 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 420 पदों पर नियमित शिक्षक कार्यरत हैं, बाकी करीब 1683 पद यानी लगभग 80 फीसद पद खाली हैं।
दागी को प्रभार दिया तो नपेंगे एसपी, जा सकती है कप्तानी
मध्य प्रदेश पुलिस को जल्द मिलेंगे 17 नए डीएसपी, इनमें 65% महिलाएं शामिल
MP में अफसरों को 10 साल बाद तो मिला प्रमोशन, लेकिन करना पड़ रहा वही पुराना काम
ई-अटेंडेंस पर बढ़ा विवाद, 3.5 लाख शिक्षकों ने किया बहिष्कार, कहा- डेटा चोरी का खतरा
Rajasthan Top News: 3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस
By Ashish Bhardwaj
EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी
By Arun Tiwari
13 से 16 अक्टूबर तक होगी सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा, जानें कब मिलेगा एडमिट कार्ड
By Ashish Bhardwaj
CG Top News : खरोरा अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री पर बवाल, बालोद में एसिड अटैक और हाईकोर्ट का अहम फैसला समेत पढ़े छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें
By Umeshwari Baghel
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
By Ashish Bhardwaj
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर
By Raghvendra Singh Rathore
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
By Sanjay Gupta