MPPSC राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 केस फिर लिस्ट नहीं, अब हाईकोर्ट में अवकाश
समझें क्या है पूरा मामला
- MPPSC राज्य सेवा मेंस 2025 का केस फिर लिस्ट नहीं हुआ।
- हाईकोर्ट में अब समर वेकेशन शुरू हो रहा है।
- मेंस परीक्षा जून 2025 से रुकी हुई है।
- परीक्षा नियम 2015 को चुनौती देने वाली याचिकाएं लंबित हैं।
- करीब साढ़े चार हजार उम्मीदवार परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
Indore. मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मेंस लंबी अटक गई है। इस केस को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर की साइट पर पहले 15 मई की तारीख संभावित दिखाई गई थी। लेकिन यह केस 15 मई को लिस्ट नहीं हुआ। यह केस चीफ जस्टिस की बेंच में चल रहा है।
अब यह मामला अधर में हो गया है, क्योंकि 15 मई ही अंतिम कार्यदिवस है। इसके बाद हाईकोर्ट में समर वेकेशन लग रहा है। यानी अब जून अंत के पहले इसमें सुनवाई नहीं हो सकती। इस परीक्षा में 158 पद हैं और करीब साढ़े चार हजार उम्मीदवार बीते जून 2025 से मेंस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
जून 2025 में होना थी मेंस
यह मेंस पहले 9 जून 2025 से शुरू होनी थी। लेकिन परीक्षा नियम 2015 को चुनौती देते हुए दो याचिकाओं के चलते मेंस पर रोक लग गई। जबलपुर हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2025 को सुनवाई करने के बाद आयोग को आदेश दिया कि बिना हाईकोर्ट की मंजूरी मेंस नहीं कराई जाए।
21 जुलाई को बंधी थी आस, फिर टूटी
इस मामले में उम्मीदवारों को 21 जुलाई 2025 को आस बंधी थी। तब हाईकोर्ट ने आयोग से कहा कि वह दो सप्ताह में मेंस का नया शेड्यूल पेश करे, इसे मंजूरी दी जाएगी। लेकिन यह अंतिम सुनवाई थी। इसके बाद केस 23 सितंबर, 9 अक्टूबर और 27 फरवरी 2026 को लिस्ट हुआ, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
हालांकि इसके बीच कई बार हाईकोर्ट की साइट पर नई संभावित तारीख दिखाई गई, लेकिन केस लिस्ट नहीं हुआ। इसमें पहले 6 अप्रैल 2026 की संभावित तारीख बताई गई थी, लेकिन इस तारीख में भी केस लिस्ट नहीं हुआ। फिर 15 मई की तारीख बताई गई, लेकिन इसमें भी केस लिस्ट नहीं हुआ।
सबसे बड़ा सवाल अब मेंस का क्या होगा
मेंस 2025 पहले 9 से 14 जून 2025 तक होनी थी, लेकिन तभी से होल्ड है। अब बड़ा सवाल यही है कि मेंस का क्या होगा और कब होगी? समस्या यह है कि आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2026 भी शेड्यूल है। इसका भी प्री हो चुका है और मेंस सितंबर माह में प्रस्तावित है।
अब यदि हाईकोर्ट जून में सुनवाई कर मेंस की मंजूरी देता है, तो भी इसे कराने में कम से कम 40 दिन का समय लगेगा। यानी अगस्त में ही संभव हो सकेगी। उधर सितंबर में 2026 की मेंस होनी है। इस केस के चलते पूरा मामला उलझ गया है।
परीक्षा नियम 2015 का बेवजह का पेंच
इस मामले में बेवजह का पेंच फंसा हुआ है। परीक्षा नियम 2015 को चुनौती दी गई है, जिसे केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग ने भी मान्य किया है। यह साल 2000 से ही लागू है।
यूपीएससी में भी यही नियम है और सुप्रीम कोर्ट भी इस नियम को मान्य कर चुका है। इस नियम के तहत यदि किसी ने परीक्षा के किसी भी स्तर पर आरक्षण रियायत का लाभ लिया है, तो वह अधिक अंक आने पर भी अपनी ही कैटेगरी में रहेगा। साथ ही अंकों के आधार पर अनारक्षित कैटेगरी की सीट का दावा नहीं कर सकेगा।
इसमें सबसे चर्चित मामला आईएएस टॉपर टीना डाबी का है। उन्हें प्री के अंक में आरक्षण रियायत का लाभ मिला था। इसके चलते मेंस में टॉप करने के बाद भी उन्हें आरक्षित कैटेगरी में ही जगह मिली थी।
ऐसे तो फिर 2026 मेंस भी रुकना चाहिए
परीक्षा नियम 2015 को लेकर जो पेंच फंसा है, अब जानकारों के मुताबिक यह नियम लागू है। इसी नियम से 2026 की प्री हुई और मेंस भी हो रही है। इसके पहले की भर्तियों में भी यही नियम रहा है। तो क्या पहले की भर्ती गलत थी और क्या 2026 की मेंस भी गलत हो रही है। ऐसे तो फिर सभी परीक्षाएं रुक जानी चाहिए थीं। जानकारों का कहना है कि इस मामले में उम्मीदवार बेवजह परेशान हो रहे हैं।
ये खबरें भी पढें....
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 में हताशा, सुनवाई की तारीख 15 मई की
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 केस आखिरकार हुआ लिस्ट, शेड्यूल मंजूरी का इंतजार
MPPSC फूड सेफ्टी ऑफिसर का रिजल्ट लंबा अटकने की आशंका, हाईकोर्ट में दो मामलों में याचिकाएं
NEET कराने वाले NTA प्रमुख प्रदीप जोशी का MPPSC चेयरमैन बनने से भर्ती तक रहा विवादों से नाता