NEET कराने वाले NTA प्रमुख प्रदीप जोशी का MPPSC चेयरमैन बनने से भर्ती तक रहा विवादों से नाता
Sanjay Gupta | May 13, 2026, 11:45 IST
nta chief pradeep joshi controversy mppsc
नीट यूजी 2026 रद्द होने के बाद एनटीए प्रमुख प्रोफेसर प्रदीप जोशी फिर चर्चा में हैं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग चेयरमैन रहते हुए भी उनका नाम कई विवादों से जुड़ा रहा। उनके पीएससी चेयरमैन, यूपीएससी चेयरमैन से एनटीए के कार्यकाल में कई विवाद उठते रहे हैं।
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
साल 2024 में भी (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) नीट पेपर लीक का मुद्दा उठा था। तब मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, लेकिन सीमित असर बताते हुए पूरी परीक्षा रद्द नहीं की गई थी। इन सब विवादों के बाद भी चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप जोशी चुप हैं। साल 2023 से वह इस पद पर हैं। वहीं, यह उनका पहला विवाद नहीं है।
NTA प्रमुख प्रदीप जोशी मूल रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के हैं। उनकी पढ़ाई यूपी के कानपुर में हुई। उनकी पहली बड़ी नियुक्ति मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के चेयरमैन पद पर साल 2006 में हुई थी। इस नियुक्ति की नोटशीट तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के सचिव रहे आईएएस इकबाल सिंह बैंस ने चलाई थी।
तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था व सुरक्षा) ए.के. सोनी ने जोशी की नियुक्ति के लिए रिपोर्ट भेजी थी। इसमें साफ लिखा था कि जोशी का संबंध बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से होना ज्ञात हुआ है। इनका चरित्र और छवि अच्छी है। जोशी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष रहे हैं।
MPPSC चेयरमैन पद पर उनका कार्यकाल साल 2006 से 2011 तक रहा। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ पीएससी चेयरमैन बने और फिर 2015 से 2020 तक यूपीएससी चेयरमैन रहे। इसके बाद एनटीए में पहुंचे थे।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में उनके कार्यकाल के दौरान साल 2009 में सबसे बड़ा प्रोफेसर भर्ती घोटाला हुआ था। इसमें 350 पदों पर सीधे प्रोफेसर भर्ती हुई। इसमें आज कई बड़े पदों पर बैठे लोग शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट में भी आया कि नियुक्तियां गलत हुई थीं। साथ ही, चयनित हुए 54 लोगों के पास जरूरी सर्टिफिकेट नहीं थे। निजी सर्टिफिकेट को ही मान्य किया गया, लेकिन इसके बाद भी मामले को दबा दिया गया था।
साल 2021 में जब वह यूपीएससी चेयरमैन थे, तब स्पीकर ओम बिरला की बेटी स्वाति का केस उछला था। आरोप लगे कि बेटी को वेटिंग लिस्ट से अंतिम चयन सूची में जगह दी गई है। बाद में सफाई दी गई कि रिक्त पद बढ़ने से उन्हें जगह दी गई थी।
एनटीए का साल 2024 भी विवादों में रहा। तब भी पेपर लीक का मुद्दा उठा था। वहीं, तब एजेंसी और सरकार ने कहा कि इसका असर केवल कुछ सेंटर तक सीमित रहा, इसलिए उन सेंटरों पर ही दोबारा परीक्षा कराई गई। इसके बाद मामला ठंडा हो गया था।
हालांकि तत्कालीन डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह पर गाज गिरी और उन्हें जून 2024 में पद से हटा दिया गया था। वहीं, जोशी पर कोई असर नहीं पड़ा और वह पद पर बने रहे। अब नीट यूजी 2026 में फिर बड़ा विवाद हो गया और इस बार पूरी परीक्षा ही रद्द करनी पड़ गई।
एनटीए देश की सबसे बड़ी सरकारी एजेंसी है, जो करोड़ों छात्रों का भविष्य तय करती है। यह नीट यूजी, नीट पीजी, CUET, CUET PG, JEE और CLAT जैसी अहम प्रवेश परीक्षाएं कराती है। इसमें हर साल करोड़ों छात्र शामिल होते हैं। देश भर की यूनिवर्सिटीज से लेकर आईआईटी, मेडिकल कॉलेज और लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन इसी के जरिए होते हैं।
उधर NTA के प्रमुख प्रदीप जोशी भले ही छात्र जीवन में एबीवीपी में रहे हैं, लेकिन अब उनके विवादों को देखते हुए एबीवीपी ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही कहा है कि सीबीआई जांच के दौरान जो भी साक्ष्य, नेटवर्क एवं दोषी व्यक्ति सामने आएं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं विश्वासघातपूर्ण है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक को तत्काल अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए।
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- नीट यूजी 2026 रद्द होने के बाद एनटीए पर सवाल उठे हैं।
- एनटीए प्रमुख प्रदीप जोशी पहले भी विवादों में रहे हैं।
- MPPSC चेयरमैन रहते प्रोफेसर भर्ती विवाद हुआ था।
- यूपीएससी चेयरमैन रहते भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।
- एनटीए देश की बड़ी प्रवेश परीक्षा एजेंसी मानी जाती है।
साल 2024 में भी (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) नीट पेपर लीक का मुद्दा उठा था। तब मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, लेकिन सीमित असर बताते हुए पूरी परीक्षा रद्द नहीं की गई थी। इन सब विवादों के बाद भी चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप जोशी चुप हैं। साल 2023 से वह इस पद पर हैं। वहीं, यह उनका पहला विवाद नहीं है।
PSC चेयरमैन के लिए चली थी राजनीतिक चिट्ठी
तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था व सुरक्षा) ए.के. सोनी ने जोशी की नियुक्ति के लिए रिपोर्ट भेजी थी। इसमें साफ लिखा था कि जोशी का संबंध बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से होना ज्ञात हुआ है। इनका चरित्र और छवि अच्छी है। जोशी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष रहे हैं।
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PSC का सबसे बड़ा प्रोफेसर भर्ती घोटाला
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में उनके कार्यकाल के दौरान साल 2009 में सबसे बड़ा प्रोफेसर भर्ती घोटाला हुआ था। इसमें 350 पदों पर सीधे प्रोफेसर भर्ती हुई। इसमें आज कई बड़े पदों पर बैठे लोग शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट में भी आया कि नियुक्तियां गलत हुई थीं। साथ ही, चयनित हुए 54 लोगों के पास जरूरी सर्टिफिकेट नहीं थे। निजी सर्टिफिकेट को ही मान्य किया गया, लेकिन इसके बाद भी मामले को दबा दिया गया था।
यूपीएससी चेयरमैन रहते समय यह विवाद
नीट यूजी 2024 भी विवादित रहा, डीजी हटे
हालांकि तत्कालीन डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह पर गाज गिरी और उन्हें जून 2024 में पद से हटा दिया गया था। वहीं, जोशी पर कोई असर नहीं पड़ा और वह पद पर बने रहे। अब नीट यूजी 2026 में फिर बड़ा विवाद हो गया और इस बार पूरी परीक्षा ही रद्द करनी पड़ गई।
करोड़ों छात्रों का भविष्य तय करती है एनटीए
ABVP ने की जांच और जिम्मेदारों के इस्तीफे की मांग
साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं विश्वासघातपूर्ण है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक को तत्काल अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए।
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