केंद्रीय मंत्री शिवराज और सीएम मोहन ने किया 'नक्शा' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ
पवन सिलावट@RAISEN
मध्य प्रदेश में अब ड्रोन, सैटेलाइट और GIS जैसी उन्नत तकनीकों से शहरों की जमीन का सर्वे किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में शहरी सर्वेक्षण 'नक्शा' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने रायसेन से इस पायलट प्रोजेक्ट को पूरे देश में लॉन्च किया।
पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह योजना सिर्फ रायसेन या मध्य प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 23 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश इस योजना से जुड़े हैं और उनका इरादा था कि वह इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत रायसेन से करें।
वाटरशेड यात्रा की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण के महत्व को लेकर एक नई पहल 'वाटरशेड यात्रा' की शुरुआत भी की। साथ वाटरशेड यात्रा को भी हरी झंडी दी गई। इस यात्रा का उद्देश्य जल संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस दौरान नक्शा पायलट प्रोजेक्ट पर आधारित फिल्म दिखाई गई।
बंद नहीं होगी लाड़ली बहना योजना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि कांग्रेस पार्टी भले ही बंद हो जाए, लेकिन मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना और अन्य विकास योजनाएं हमेशा जारी रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नक्शा योजना से किसानों को लाभ मिलेगा, क्योंकि इस योजना के माध्यम से हर खेत को पानी और बिजली मुहैया कराई जाएगी।
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क्या है 'नक्शा' पायलट प्रोजेक्ट
नक्शा' कार्यक्रम के तहत भूमि सर्वेक्षण कार्य ड्रोन, सैटेलाइट और GIS तकनीक की सहायता से किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से शहरी इलाकों के भूमि रिकॉर्ड को अपडेट और सही किया जाएगा, जिससे भूमि विवादों की संख्या में कमी आएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि रिकॉर्ड को सही, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। केंद्रीय भूमि संसाधन विभाग ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत 'नक्शा' कार्यक्रम शुरू किया है। (“NAKSHA” National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations)
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सही और स्पष्ट होंगे जमीन के कागजात
यह परियोजना न केवल सरकारी भूमि रिकॉर्ड को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि किसानों को अधिक सुविधाएं और संसाधन भी प्रदान करेगी। इससे जमीन के कागजात सही और स्पष्ट होंगे। साथ ही जमीन खरीदने और बेचने में या सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी नहीं होगी। शहरों की भूमि का सही इस्तेमाल हो सकेगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। कुल मिलाकर, यह परियोजना ना केवल शहरी विकास में मददगार साबित होगी, बल्कि इससे मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में भूमि प्रबंधन में भी सुधार होगा।
इस पहल का उद्देश्य भू-सूचना के माध्यम से भूमि प्रबंधन में सटीकता और पारदर्शिता लाना है। यह कार्यक्रम आधुनिक तकनीक और डिजिटल साधनों के माध्यम से नागरिकों को उनके भूमि रिकॉर्ड तक सरल और सुरक्षित पहुंच प्रदान करेगा। इस पायलट प्रोग्राम से भूमि विवादों में कमी आएगी और नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।
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