नरोत्तम मिश्रा का लाखों का बकाया होगा माफ, कैबिनेट में प्रस्ताव लाएगी सरकार!
News In Short
- नरोत्तम मिश्रा के बंगले का किराया बढ़ने पर जुर्माना 30 गुना बढ़ा।
- सरकार जुर्माना माफी के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव ला सकती है।
- नरोत्तम मिश्रा और रामखेलावन का जुर्माना माफ किया जा सकता है।
- बंगला री-अलॉट करने की तैयारी की जा रही है।
- अफसरों के बीच जुर्माना माफी को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं।
News In Detail
मंत्री पद के साथ ही विधायकी भी खोने वाले दतिया के पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा के भोपाल वाले बंगले को दोबारा री-अलॉट करने की तैयारी है। इतना ही नहीं भारी पैनाल्टी के कारण लाखों का किराया भी माफ किया जा सकता है।
Sootr बताते हैं कि नियम साथ नहीं दे रहे, इसलिए बाकायदा कैबिनेट में प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। चलिए मामले को शुरू से समझते हैं।
पूर्व मंत्री का बंगला, विवाद और बढ़ता जुर्माना
दरअसल मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के साथ ही, मंत्री- विधायकों सहित अन्य कई श्रेणियों को सरकारी आवास देने की व्यवस्था है। इसी के तहत पिछली सरकार में गृहमंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा को भी बंगला अलॉट किया गया था।
B Type के इस बंगले का साधारण से किराया है- सिर्फ 3000 रुपए महीना। साल 2023 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद मिश्रा न तो मंत्री रहे और ना ही विधायक, लेकिन सरकारी बंगला उनके पास ही रहा।
कई बार आग्रह और पत्र जारी करने के बाद भी नरोत्तम मिश्रा ने ये बंगला नहीं छोड़ा तो उन पर इसका किराया और जुर्माना बढ़ता ही जा रहा है।
इधर... एक और पूर्व मंत्री रामखेलावन भी अपने बंगले पर काबिज रहे तो उनकी स्थिति भी नरोत्तम मिश्रा की तरह ही ओवर ड्यू वाली हो गई।
नरोत्तम मिश्रा पर जुर्माना 21 लाख तक पहुंचा
इधर जनवरी में कई कब्जाधारी पूर्व मंत्री, विधायक और अन्य अफसरों को बंगले खाली करने के नोटिस दिए गए। जिस पर पूर्व मंत्री रामखेलावन ने अपना बंगला तो खाली कर दिया, लेकिन जुर्माना नहीं दिया।
इसी दौरान कई अन्य लोगों ने भी बंगले खाली किए, मगर नरोत्तम मिश्रा बंगले पर जमे रहे। तो 30 गुना जुर्माने के हिसाब से अब उन पर करीब 21 लाख रुपए से भी ज्यादा का जुर्माना बन रहा है।
अभी यह है सरकारी बंगलों का किरायाB type: 3000 रुपए महीनाC type: 2400 रुपए महीना D type: 1800 रुपए महीना E type: 1500 रुपए महीना | |
अब बंगला भी मिलेगा और जुर्माना भी माफ!
Sootr बताते हैं कि हाल ही में नरोत्तम मिश्रा को वही बंगला री- अलॉट करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसकी पॉवर तो सीएम के पास होती है, लेकिन जुर्माना माफ करने की पॉवर नहीं होती।
तो मामला फंसा हुआ था, मगर पूर्व मंत्री रामखेलावन ने अपने ऊपर लगे जुर्माने को माफ करने की एप्लीकेशन लगाई तो कागज खंगाले गए। आखिर में पता चला कि पूर्व में एक मामले में कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर जुर्माने को माफ किया जा चुका है।
ऐसे में इस बार भी पूर्व मंत्री रामखेलावन के साथ नरोत्तम मिश्रा का जुर्माना भी माफ करने की राह निकल आई है। अब देखना यह है कि किस कैबिनेट में यह काम हो जाएगा।
IAS- IPS में खुसफुसाहट: तो हमें क्यों नहीं
इस मामले की भनक मिलते ही प्रदेश के उन IAS-IPS में खुसफुसाहट शुरू हो गई है, जो ट्रांसफर या रिटायरमेंट के बाद भी बंगलों में जमे हैं। चर्चाएं हैं कि जब नेताओं का जुर्माना माफ हो सकता है तो अफसरों का क्यों नहीं?
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