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विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद गंवाने के बाद भी कुछ नेता अपने सरकारी बंगलों में जमे हुए हैं। बंगले का मोह उनका पीछा ही नहीं छोड़ रहा है। इस मामले में अफसर भी पीछे नहीं हैं।
हालांकि, BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के बेटों ने अपने सरकारी बंगले खाली कर दिए हैं। उन्हें सरकार की ओर से यह बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। इसी के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। उनके बेटे तुष्मुल झा ने सोशल मीडिया पर बताया कि अब उनका नया पता तुलसी टावर होगा।
तुष्मुल झा ने और क्या कहा
तुष्मुल झा ने लिखा कि उन्होंने बी-31, 74 बंगलों को खाली कर दिया है। यह पता उनका 2005 से था, लेकिन अब उनका नया पता तुलसी टावर होगा।
उन्होंने एमपी सरकार का धन्यवाद किया कि पिता के निधन के बाद उन्हें 18 महीने तक यहां रहने की अनुमति दी गई। बता दें कि हाल ही में संपदा संचालनालय ने उन्हें नोटिस भेजा था, जिसमें 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का कहा गया था।
इनका बंगला मोह नहीं हो रहा भंग
- इस घटना के बाद कुछ और नेताओं का नाम सामने आया है, जिन्होंने अभी तक सरकारी आवास खाली नहीं किया है।
- इनमें पूर्व मंत्री रामपाल, पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, और अन्य मंत्री जैसे नरोत्तम मिश्रा और अरविंद भदौरिया शामिल हैं।
- ये सभी नेता अभी भी सरकारी आवासों में रह रहे हैं, जबकि उन्हें भी नोटिस जारी किए गए थे।
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बंगला खाली न करने पर उठे सवाल
रामपाल सिंह शिवाजी नगर के लिंक रोड नंबर एक स्थित बंगला नंबर सी-15 में रह रहे हैं। इन नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवासों का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, और आने वाले दिनों में इस पर कार्रवाई की संभावना है।
बंगला खाली करने के लिए सरकार दिखाएगी सख्ती
सरकार अब उन नेताओं और अधिकारियों से सख्ती से बंगले खाली करवाने के लिए तैयार है, जिनकी पात्रता खत्म हो चुकी है। इस सूची में पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ( एमपी बीजेपी), पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया, और यशोधरा राजे सिंधिया जैसे नाम शामिल हैं।
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बंगला खाली न करने पर वसूला जाएगा भारी किराया
सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि इन नेताओं ने निर्धारित समय सीमा तक सरकारी बंगला खाली नहीं किया, तो भारी भरकम किराया वसूला जाएगा। पहले तीन महीने तक सामान्य किराया लिया जाएगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन महीनों में 10 गुना किरायाऔर फिर 30 गुना किराया वसूला जाएगा। विधि विभाग ने इस वसूली को मंजूरी दे दी है।
4 IAS समेत सात अफसरों को भी नोटिस
संपदा संचालनालय ने भोपाल में चार IAS अधिकारियों समेत कुल सात अफसरों को भी नोटिस भेजे हैं। इनमें कुछ IPS और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। ये अफसर भी सरकारी बंगले में बिना पात्रता के रह रहे हैं।
बिना पात्रता के बंगलों में रहने वाले विधायक
अभी कई विधायक भी ऐसे सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जिनकी श्रेणी उनके पद के हिसाब से नहीं है। इनमें से कई विधायक पूर्व मंत्री रहे हैं। इन नेताओं के पास बी और सी श्रेणी के बंगलों के बजाय उच्च श्रेणी के बंगले आवंटित किए गए हैं।
पात्रता से ऊपर के बंगलों में रहने वाले विधायक
यादवेन्द्र सिंह - विधायक टीकमगढ़, पूर्व मंत्री, बी-23 (74 बंगले)
राजेश शुक्ला बब्लू - विधायक बिजावर, सी-20, शिवाजी नगर
कांग्रेस विधायक अजय सिंह- चुरहट, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, सी-19, शिवाजी नगर
विधायक संजय पाठक- विजयराघवगढ़, पूर्व मंत्री, सी-26, शिवाजी नगर
सुरेन्द्र पटवा - विधायक भोजपुर, पूर्व मंत्री, बी-3 (74 बंगले)
अर्चना चिटनीस - विधायक बुरहानपुर, पूर्व मंत्री, सी-28, शिवाजी नगर
विधायक विक्रांत भूरिया- विधायक झाबुआ, सी-1 (74 बंगला)
ओमप्रकाश सखलेचा - विधायक जावद, पूर्व मंत्री, सी-16, शिवाजी नगर
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