भोपाल पहुंची केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम, शत्रु संपत्ति के दायरे में आ सकती हैं 1500 करोड़ की संपत्तियां
भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खान की ओर से औकाफ-ए-शाही के तहत घोषित की गईं कई वक्फ संपत्तियां शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती हैं। इनमें जामा मस्जिद, लंगर खाना, मक्का-मदीना की रुबात, 17 मस्जिदें और सैकड़ों एकड़ जमीन शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की शत्रु संपत्ति कार्यालय की टीम इन संपत्तियों का आकलन कर रही है।
निजी संपत्तियों का वक्फ में बदला
नवाब हमीदुल्ला खान ने मर्जर एग्रीमेंट के दौरान अपनी कई निजी संपत्तियों को वक्फ संपत्तियों के रूप में घोषित किया था। इन संपत्तियों का इस्तेमाल प्रशासन नवाब के परिवार द्वारा किया जाता रहा है।
शत्रु संपत्ति बनने की पृष्ठभूमि
वर्तमान स्थिति और जांच
केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने भोपाल में संपत्तियों के प्रबंधन, किराएदारों, और वर्तमान कब्जों की स्थिति की जांच शुरू की है। यह भी देखा जा रहा है कि औकाफ-ए-शाही संपत्तियों में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। 90% वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीद-फरोख्त की घटनाएं सामने आई हैं।
घर बचाओ संघर्ष समिति का हस्तक्षेप
घर बचाओ संघर्ष समिति ने शत्रु संपत्ति कार्यालय से दुकानदारों से किराए की वसूली रोकने की मांग की है। उन्होंने स्पष्टता मांगी है कि किराया किस खाते में जमा किया जाए और संपत्तियों का हस्तांतरण कैसे होगा।वहीं मक्का स्थित रुबात का प्रबंधन औकाफ-ए-शाही के पास है, जबकि मदीना की रुबात अब सऊदी अरब सरकार के नियंत्रण में है। भोपाल की 1 हजार 500 करोड़ रुपए की वक्फ संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित हो सकती हैं। इन संपत्तियों के प्रबंधन, उपयोग, और अतिक्रमण की स्थिति को लेकर गहन जांच जारी है।
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