भोज वेटलैंड के पास स्टॉकयार्ड पर NGT सख्त, 5 विभागों की कमेटी करेगी जांच, 6 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
भोपाल के भोज वेटलैंड (Bhoj Wetland) के पास बने कमर्शियल व्हीकल स्टॉकयार्ड मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने जांच के आदेश दिए हैं। NGT भोपाल बेंच ने पांच विभागों की संयुक्त समिति गठित कर छह हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। मामला रामसर साइट के फुल टैंक लेवल और बफर जोन के पास वाहन स्टोरेज से जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर है।
भोज वेटलैंड स्टॉकयार्ड मामले में NGT आदेश
भोपाल के भोज वेटलैंड (Bhoj Wetland) के समीप संचालित कमर्शियल व्हीकल स्टॉकयार्ड मामले में NGT ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। NGT सेंट्रल जोन बेंच भोपाल ने 29 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई की।
यह मामला ओरिजनल एप्लिकेशन नंबर 211/2026 (CZ) महेश कुमार बनाम कलेक्टर भोपाल और अन्य से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने की।
स्टॉकयार्ड को लेकर क्या आरोप हैं?
आवेदन में भोज वेटलैंड के फुल टैंक लेवल (FTL) के पास वाहन स्टॉकयार्ड संचालित होने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि बफर जोन के भीतर बड़े क्षेत्र में कमर्शियल वाहनों को खड़ा किया जा रहा है।
इसके लिए जमीन की क्लियरिंग और कॉम्पैक्शन किए जाने की बात कही गई है। आवेदन में प्राकृतिक ड्रेनेज और सतही जल प्रवाह प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। वेटलैंड की हाइड्रोलॉजी और इकोलॉजी पर संभावित प्रभाव का मुद्दा उठाया गया है।
पर्यावरण प्रभावों की होगी जांच
आवेदन में वाहनों से जुड़े प्रदूषण का भी उल्लेख किया गया है। याचिका के अनुसार बारिश के दौरान ऑयल, लुब्रिकेंट और अन्य प्रदूषक पदार्थ जल तंत्र तक पहुंच सकते हैं।
इससे भोज वेटलैंड के पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। यदि मौके पर वाहन धुलाई या सर्विसिंग जैसी गतिविधियां होती हैं तो इसकी भी जांच जरूरी बताई गई है। हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।
फोटो और सैटेलाइट इमेज का उल्लेख
आवेदन में 12 मई 2026 को लिए गए GPS फोटोग्राफ्स का भी उल्लेख किया गया है। इन तस्वीरों में बड़े क्षेत्र में वाहनों की कतारें दिखाई देने का दावा किया गया है।
याचिका में साइट के एक्सेस रोड पर लगे बोर्ड का भी जिक्र है। इसमें CI Stock Yard, CI Hyundai और CI Mahindra लिखा होने की बात कही गई है। इसके अलावा सैटेलाइट इमेजरी में भी बड़े स्टोरेज एरिया का उल्लेख किया गया है।
NGT ने बनाई संयुक्त समिति
NGT ने मामले में पर्यावरणीय मुद्दा मानते हुए संयुक्त समिति बनाई है। इस समिति में Central Pollution Control Board (CPCB), कलेक्टर भोपाल और मध्य प्रदेश स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी शामिल हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रतिनिधि भी समिति में रहेंगे। समिति मौके का निरीक्षण करेगी और वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। उसे छह सप्ताह में फैक्टुअल और एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी होगी।
आगे क्या होगा?
NGT ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। उन्हें छह सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करना होगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समिति का नोडल विभाग बनाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2026 को होगी।