एमपी निकाय चुनाव 2027 के नए नियम: उम्मीदवारों को पत्नी-टैक्स सहित देनी होंगी पूरी जानकारी
मध्यप्रदेश में निकाय चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को अब पहले से ज्यादा पारदर्शिता दिखानी होगी। अब उन्हें नामांकन भरते समय एक शपथ-पत्र देना जरूरी है।
इसमें उनकी पत्नी या पति का टैक्स रिटर्न, आय और अन्य जरूरी जानकारियां देना अनिवार्य है। अगर जानकारी अधूरी या गलत दी गई तो नामांकन रद्द हो सकता है।
उम्मीदवारों के लिए शपथ-पत्र क्यों जरूरी है?
किन-किन जानकारियों का देना होगा ब्यौरा?
हर उम्मीदवार को शपथ-पत्र में अपनी, अपने पति या पत्नी और तीन बच्चों की जानकारी देनी होती है। इसमें आय, टैक्स, लोन, सेविंग्स और संपत्तियों का पूरा विवरण देना जरूरी है।
इसके अलावा अगर कोई संयुक्त संपत्ति, शेयर या कंपनी में निवेश है, उसका भी ब्यौरा देना जरूरी है। शैक्षिक योग्यता की भी जानकारी मांगना अनिवार्य कर दिया गया है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
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ये नियम किस स्थिति में लागू होंगे?
प्रदेश में अगला बड़ा निकाय चुनाव साल 2027 में होना है। वहीं, यदि किसी नगर पालिका, नगर परिषद या नगर निगम में उपचुनाव होता है तो भी ये नियम लागू रहेंगे। सभी महापौर, पार्षद, अध्यक्ष समेत सभी पदों के इच्छुक उम्मीदवारों को शपथ-पत्र देना होगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है यह बदलाव
राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि इन नियमों से चुनावी प्रक्रिया ज्यादा सही और साफ होगी। जनता को अपने प्रत्याशी की सच्ची तस्वीर मिलेगी। उम्मीदवार के अपराध, संपत्ति और कर्ज का ब्यौरा आयोग के पास जमा होगा। इससे चुनावी धोखाधड़ी भी कम होगी और नेताओं पर जनता की निगरानी बढ़ेगी।
सोर्स-
मप्र राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना
मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम (नया संशोधन)
नगरीय विकास विभाग, मध्यप्रदेश
FAQ
- मप्र निकाय चुनाव के नए नियम क्या हैं?
अब हर उम्मीदवार को नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें आय, टैक्स, पत्नी या पति की जानकारी देना जरूरी होगा। - गलत या अधूरी जानकारी देने पर क्या होगा?
यदि किसी भी जरूरी जानकारी को छुपाया या गलत बताया गया तो नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। - नए नियम कब से लागू होंगे?
2027 के आगामी निकाय चुनाव या किसी भी उपचुनाव में ये नियम पूरी तरह से लागू रहेंगे।