मध्य प्रदेश में ओबीसी प्रमाण-पत्र पर विवाद, एक साल की बजाय पांच साल की वैधता की मांग, सीएम को लिखा पत्र

Amresh Kushwaha | Jul 09, 2025, 17:03 IST
obc-caste-certificate-valid
मध्य प्रदेश में ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण की प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। लोगों की मांग है कि इसे 1 साल की बजाय 5 साल के लिए मान्य किया जाए।

मध्य प्रदेश में ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र (OBC caste certificate) की वैधता को लेकर एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र को एक साल की बजाय पांच साल तक मान्य किए जानें की मांग की जार रही है। यह मांग राज्य के समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन के जरिए उठाई जा रही है।



इस मांग का समर्थन करने वाले संगठन के नेताओं का कहना है कि ओबीसी छात्र-छात्राओं और अभ्यर्थियों को हर साल अपने प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण करवाना पड़ता है, जो उनके लिए एक अतिरिक्त बोझ बनता है।



ये खबर भी पढ़िए...27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सियासत, कांग्रेस नेताओं के बयान पर सीएम मोहन यादव का पलटवार



नवीनीकरण करवाने में होती है समय की बर्बादी

इस मामले में, समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन के मप्र संयोजक राम विश्वास कुशवाह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को बार-बार पत्र लिखकर यह मांग की है कि ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र की वैधता को पांच साल तक बढ़ाया जाए।



ये खबर भी पढ़िए...ओबीसी क्रीमीलेयर के केंद्र और मध्य प्रदेश के अलग-अलग मापदंड, १० साल में ९१ IAS की भर्ती पर रोक



जानें क्यों है नवीनीकरण की जरूरत

वर्तमान में ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र को नॉन क्रीमी लेयर (Non-Creamy Layer) के तहत हर साल बनवाना पड़ता है। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों को सरकारी सुविधाएं मिल सकें। लेकिन यह प्रक्रिया ओबीसी समुदाय के लिए तनाव और आर्थिक बोझ का कारण बन रही है। हर साल नई जानकारी के साथ नवीनीकरण के लिए दस्तावेजों का पुनः जांचना और सर्टिफिकेट प्राप्त करना, छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए एक परेशान करने वाली प्रक्रिया बन गई है।



ये खबर भी पढ़िए...मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग, कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा



इसको लेकर छिड़ा विवाद

ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण को लेकर प्रदेश में दो तरह की राय हैं। एक तरफ सरकार का कहना है कि प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्थिक रूप से कमजोर और नॉन क्रीमी लेयर वर्ग के लोग ही इसका लाभ उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन और कई अन्य कार्यकर्ता यह मानते हैं कि यदि प्रमाण-पत्र को पांच साल तक वैध किया जाए, तो यह समुदाय के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है।



सीएम से की गई अपील

समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन के मप्र संयोजक राम विश्वास कुशवाह ने सीएम मोहन यादव को कई बार पत्र लिखकर ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र को पांच साल तक वैध करने की अपील की है। उनका मानना है कि इस कदम से ओबीसी समुदाय को सरकारी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि इस मुद्दे पर एक बैठक आयोजित की जाए, ताकि इस पर व्यापक विचार-विमर्श हो सके।



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



ओबीसी प्रमाण पत्र | जाति प्रमाण पत्र | ओबीसी आरक्षण | OBC RESERVATION | Madhya Pradesh | मध्यप्रदेश | MP News | MP



Tags:
  • MP News
  • Madhya Pradesh
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • MP
  • मध्य प्रदेश
  • OBC
  • OBC RESERVATION
  • ओबीसी आरक्षण
  • जाति प्रमाण पत्र
  • Caste Certificate
  • ओबीसी प्रमाण पत्र