पार्वती सिंचाई परियोजना से 500 करोड़ तक बढ़ेगी किसानों की आय, जलसंसाधन विभाग का दावा
The Sootr | Jun 27, 2025, 17:07 IST
Photograph: (the sootr)
सुठालिया में पार्वती नदी बांध परियोजना में 1375 करोड़ की लागत से बन रहा बांध अगले साल तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने लगेगा। विशेषज्ञों की राय है कि यह परियोजना इस क्षेत्र के किसानों का आर्थिक कायापलट कर देगी।
MP News : सुठालिया में पार्वती नदी बांध परियोजना के अंतर्गत 1375 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण किया जा रहा है। इस बांध का 75 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। इस बांध से अगले साल जुलाई 2026 तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। इससे इस क्षेत्र के किसानों की आय में 500 करोड़ तक की बढ़ोत्तरी होने की संभावनाएं जताई जा रही है। यह दावा जलसंसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बांध परियोजना से 49 हजार 800 हेक्टेयर जमीन सिंचित की जा सकेगी। बांध का निर्माण पूर्ण हो जाने पर किसान साल में तीन फसलें लेने में समक्ष हो जाएंगे। वे कम मुनाफे वाले फसलों की जगह ज्यादा मुनाफे वालीं फसलें बो सकेंगे। बारिश पर निर्भरता घटने से आमदनी में स्थिरता आएगी। आसपास के सभी गांवों की पेयजल की समस्या हल हो जाएगी। इस इलाके में ज्यादा रोजगार का सृजन होगा और जमीनों की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसका सीधा लाभ भूमि धारकों को मिलेगा।
इस परियोजना का लाभ 174 गांवों के एक लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा। बांध के कारण उन इलाकों में भी भूमिगत जल स्तर बढ़ जाएगा, जहां सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और सिंचाई विभाग ने परियोजना की बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक मंजूरियां जल्दी दिलाने के प्रयास किए हैं। उसके नतीजे अब दिखाई दे रहे हैं। तमाम मंजूरियां मिलने के कारण परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और यह अगले साल पूरी हो जाने की संभावना है।
यह खबरें भी पढ़ें...
मध्य प्रदेश में नवजातों और प्रसूताओं की मौतों पर चिंता, चौंकाने वाले हैं आंकड़े!
बाबा महाकाल की सवारी में दिखेगा नया रूप, हर सोमवार बदलेगी थीम, दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव
सुठालिया-पार्वती बांध परियोजना का निर्माण इस लिहाज से काफी मुश्किल रहा है कि नदी की सतह किनारों के मुकाबले काफी नीची है। यह पहाड़ी और पठारी इलाका है। दोनों किनारों की ओर ऊंचाई से निर्माण सामग्री को नीचे लाना एक कठिन काम है। पार्वती बांध की जल संधारण की वास्तविक क्षमता 187.54 घन मीटर है। यह 25.50 मीटर ऊंचा और 7.5 मीटर चौड़ा है। करीब 4 किमी लंबे इस बांध के 23 ब्लॉक में 20 गेट लगाए जा रहे हैं। इनमें से 16 ब्लॉक में कंक्रीट का काम चल रहा है।
जल संसाधन विभाग के सीई आरडी अहिरवार का कहना है कि यह सिंचाई परियोजना जुलाई 2026 तक पूरी हो जाएगी। अभी पूरी परियोजना के विभिन्न हिस्सों का 65-75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पंप हाउस वन का भी 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जो 22 हजार हेक्टेयर में सिंचाई करेगा। पंप हाउस टू पर भी तेजी से काम चल रहा है।
बांध परियोजना के साथ-साथ प्रेशराइज्ड पाइपलाइन बिछाने का काम भी चल रहा है, ताकि बांध बनते ही खेतों तक पानी की आपूर्ति आरंभ की जा सके। इस परियोजना में बांध निर्माण और प्रेशराइज्ड पाइपलाइन का काम दो अलग-अलग कंपनियां कर रही हैं। बांध निर्माण का कार्य मंतेना इंफ्रासोल कर रही है, वहीं प्रेशराइज्ड पाइपलाइन बिछाने का काम एचईएस सुठालिया जेवी कर रही है। भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइपलाइन के जरिए सिंचाई की नई तकनीक इस्तेमाल करने वाला मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है।
यह खबरें भी पढ़ें...
बिजली कनेक्शन के बदले रिश्वत मांगने वाला अफसर ससपेंड, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
एक ही थाने में 5 साल से तैनात पुलिसकर्मियों का होगा ट्रांसफर, जारी होगी लिस्ट
1. जो किसान अभी केवल मानसून पर आधारित फसल ही ले पा रहे थे, वे अब तीन फसलें ले सकेंगे।
2. एक फसल लेने के मुकाबले तीन फसलें लेने के कारण किसानों की प्रति हेक्टेयर आमदनी में एक लाख रुपए सालाना वृद्धि होने का अनुमान है।
3. पार्वती-सुठालिया परियोजना के बाद इलाके में 49,800 हेक्टेयर का रकबा पूरी तरह सिंचित हो जाएगा और इसमें तीन फसलें ली जा सकेंगी
4. इस तरह सिंचित क्षेत्र के किसानों को करीब 500 करोड़ रुपए सालाना की अतिरिक्त आमदनी होगी
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बांध परियोजना से 49 हजार 800 हेक्टेयर जमीन सिंचित की जा सकेगी। बांध का निर्माण पूर्ण हो जाने पर किसान साल में तीन फसलें लेने में समक्ष हो जाएंगे। वे कम मुनाफे वाले फसलों की जगह ज्यादा मुनाफे वालीं फसलें बो सकेंगे। बारिश पर निर्भरता घटने से आमदनी में स्थिरता आएगी। आसपास के सभी गांवों की पेयजल की समस्या हल हो जाएगी। इस इलाके में ज्यादा रोजगार का सृजन होगा और जमीनों की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसका सीधा लाभ भूमि धारकों को मिलेगा।
174 गांवों के एक लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ
यह खबरें भी पढ़ें...
मध्य प्रदेश में नवजातों और प्रसूताओं की मौतों पर चिंता, चौंकाने वाले हैं आंकड़े!
बाबा महाकाल की सवारी में दिखेगा नया रूप, हर सोमवार बदलेगी थीम, दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव
मुश्किल रहा है परियोजना का सफर
जुलाई 2026 से मिलेगा लाभ, 75 प्रतिशत काम पूरा
बांध परियोजना के साथ-साथ प्रेशराइज्ड पाइपलाइन बिछाने का काम भी चल रहा है, ताकि बांध बनते ही खेतों तक पानी की आपूर्ति आरंभ की जा सके। इस परियोजना में बांध निर्माण और प्रेशराइज्ड पाइपलाइन का काम दो अलग-अलग कंपनियां कर रही हैं। बांध निर्माण का कार्य मंतेना इंफ्रासोल कर रही है, वहीं प्रेशराइज्ड पाइपलाइन बिछाने का काम एचईएस सुठालिया जेवी कर रही है। भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइपलाइन के जरिए सिंचाई की नई तकनीक इस्तेमाल करने वाला मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है।
यह खबरें भी पढ़ें...
बिजली कनेक्शन के बदले रिश्वत मांगने वाला अफसर ससपेंड, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
एक ही थाने में 5 साल से तैनात पुलिसकर्मियों का होगा ट्रांसफर, जारी होगी लिस्ट
कैसे बढ़ेगी आमदनी
2. एक फसल लेने के मुकाबले तीन फसलें लेने के कारण किसानों की प्रति हेक्टेयर आमदनी में एक लाख रुपए सालाना वृद्धि होने का अनुमान है।
3. पार्वती-सुठालिया परियोजना के बाद इलाके में 49,800 हेक्टेयर का रकबा पूरी तरह सिंचित हो जाएगा और इसमें तीन फसलें ली जा सकेंगी
4. इस तरह सिंचित क्षेत्र के किसानों को करीब 500 करोड़ रुपए सालाना की अतिरिक्त आमदनी होगी
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA