पटवारियों की हड़ताल खत्म, भोपाल में मांगों पर हुई बात, तीन माह में काम करेगी सरकार
मप्र में पटवारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। विविध मांगों को लेकर यह हड़ताल पर थे, जिससे राजस्व काम ठप हो गया था। भोपाल में गुरुवार को विविध मांगों को लेकर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, प्रभारी कमिश्नर लैंड रिकॉर्ड अजय देव शर्मा व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज परिहार व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया, यह मांग पूरी कर दी
राजस्व विभाग ने बताया कि पुलिस में एफआईआर दर्ज होने से पहले मामले की जांच और समीक्षा करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा दूसरे भत्तों के भुगतान को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को जारी ईएसबी कैलेंडर में नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा कराने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
कैडर रिव्यू के लिए यह करेंगे
संघ की सबसे बड़ी मांगों में से एक कैडर रिव्यू लागू करना था। इस पर सरकार ने बताया कि इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। इसमें वित्त विभाग, राजस्व विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस शामिल होंगे। कमेटी की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले पटवारी संघ अपने सुझाव और आपत्तियां दे सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया को 90 दिनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई भर्ती और 100 फीसदी वेतन पर भी बात
संघ ने नए पटवारियों की विभागीय परीक्षा और 70, 80 व 90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने इन मांगों पर जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया है। साथ ही हड़ताल के दौरान की अवधि को कार्य अवधि मानकर वेतन देने के लिए भी आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है।
इसलिए हड़ताल की गई स्थगित
एमपी पटवारी संघ ने कहा कि अधिकारियों ने उनकी मांगों को गंभीरता से लिया है। संघ के प्रांताध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों की सहमति से हड़ताल को अगले तीन महीने के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। अब सभी पटवारी शुक्रवार से अपने काम पर वापस लौट जाएंगे।
23 हजार पटवारी हड़ताल पर थे
प्रदेश के 23 हजार पटवारी अपनी मांगों को लेकर जुलाई से आंदोलन (मप्र पटवारी हड़ताल) कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने 15 से 17 जुलाई तक तीन दिन का सामूहिक अवकाश लिया। इसके बाद दो दिन के सरकारी अवकाश के कारण भी काम प्रभावित रहा।
मांगें पूरी नहीं होने पर पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप (MP News) से खुद को अलग कर लिया और अधिकारियों के निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई (क्विक एक्शन) से भी दूरी बना ली। इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं आया। नाराज पटवारियों ने 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
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