MP में 10 साल पुराने प्रमोशन पर फंसा पेंच, कर्मचारी बोले- कैबिनेट सुधारे पदोन्नति नीति
Amresh Kushwaha | Aug 05, 2026, 16:16 IST
पदोन्नति नीति पर बवाल
मध्य प्रदेश में 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया में बड़ा पेंच फंस गया है। सीनियर और जूनियर कर्मचारियों को एक साथ मिले प्रमोशन से विसंगति पैदा हो गई है। कर्मचारी संगठन ने कैबिनेट से 5 साल की अर्हताकारी सेवा नियम में छूट देने की मांग उठाई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में 10 साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हुई है।
- पहला चरण पूरा होने के बाद नई विसंगति सामने आई है।
- सीनियर और जूनियर कर्मचारी एक साथ पदोन्नत हो गए हैं।
- अगली डीपीसी में 5 साल का अनुभव नियम रोड़ा बन रहा है।
- कर्मचारी संगठन ने कैबिनेट से नियम में छूट मांगी है।
डीपीसी में फंसा पेंच
मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने चिंता जताई है। संघ ने सरकार से नियमों में सुधार की मांग की है। आगामी डीपीसी (Departmental Promotion Committee) में राहत देने की अपील की गई है।
सितंबर 2026 और जनवरी 2027 में डीपीसी प्रस्तावित है। इसमें अर्हताकारी सेवा नियम में छूट मांगी गई है। इससे 30 साल से काम कर रहे अफसरों को राहत मिलेगी। दस साल पहले वाले कर्मचारियों का कैडर सही हो सकेगा।
क्या है मौजूदा नियम?
नियम में यह प्रावधान भी पहले से मौजूद है। उचित कारण होने पर कैबिनेट छूट प्रदान कर सकती है। यानी पांच साल से कम सेवा पर भी पदोन्नति संभव है। इसके लिए कैबिनेट का अनुमोदन आवश्यक होता है।
कर्मचारी संगठन का पक्ष
इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। सितंबर 2026 की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) में छूट देना न्यायोचित होगा। जनवरी 2027 की बैठक में भी सभी नामों पर विचार होना चाहिए।
10 साल का नुकसान
ऐसी स्थिति प्रदेश में पहले कभी उत्पन्न नहीं हुई थी। साल 2026 में प्रमोट हुए लोग पांच साल की सेवा पूरी नहीं करेंगे। इस कारण वे अगली डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
इसमें कर्मचारियों का कोई भी दोष नहीं है। नियमों की वजह से उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।
CM और CS से गुहार
इस फैसले से 10 साल के नुकसान की भरपाई होगी। निचले स्तर पर खाली पदों की संख्या भी बढ़ जाएगी। खाली पदों पर शासन नई सीधी भर्ती कर सकेगा। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
यह खबर क्यों जरूरी है?
सीनियर और जूनियर कर्मचारियों का एक ही पद पर पदोन्नत होना प्रशासनिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कैबिनेट द्वारा नियमों में ढील देने से न केवल कर्मचारियों को उनका वाजिब हक मिलेगा, बल्कि निचले स्तर पर पद खाली होने से नए बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह कदम सामाजिक और कानूनी नैतिकता के अनुकूल है।
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