भोपाल में प्रोफेसर सीख रहे हैं- कैसे बचाएं अपनी बौद्धिक संपदा, विशेषज्ञों ने कहा- समय रहते कराएं पेटेंट

Ravi Awasthi | Oct 30, 2025, 21:19 IST
workshop
भोपाल NITTTR में में मध्य प्रदेश के 45 प्रोफेसर बौद्धिक संपदा संरक्षण के गुर सीख रहे हैं। वर्कशॉप में शोध और आविष्कार के पेटेंट कराने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

Bhopal. भोपाल में प्रदेशभर के कॉलेजों के 45 से अधिक प्राध्यापक एक खास प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे अपनी बौद्धिक संपदा को सुरक्षित रखने के तरीके सीख रहे हैं। यह वर्कशॉप NITTTR सभागार में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में शोध और आविष्कार के पेटेंट कराने की प्रक्रिया बताई जा रही है। प्राध्यापकों को पेटेंट की कानूनी उपयोगिता और सुरक्षा उपाय समझाए जा रहे हैं।



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“समय पर पेटेंट कराएं, नहीं तो कोई और उठा सकता है लाभ”

राजेश्वरी ने कहा कि किसी भी शोध या नवाचार के पीछे वर्षों की मेहनत होती है। अगर समय रहते उसे पेटेंट नहीं कराया गया, तो कोई और व्यक्ति या संस्था उस पर अधिकार जताकर अनुचित लाभ ले सकती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने नवाचारों का समुचित दस्तावेजीकरण और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।



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उच्च शिक्षा विभाग की पहल

यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला उच्च शिक्षा विभाग की विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। पहले दिन योजना के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने विषय की उपयोगिता और पेटेंट प्रक्रिया की मूल बातें बताईं। तकनीकी सलाहकार डॉ. आज़ाद मंसूरी ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के विभिन्न प्रकारों और उनके पंजीकरण की रूपरेखा पर जानकारी दी।



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पॉलिटेक्निक शिक्षा में नवाचार पर नई कार्यशाला 1 से

इधर, पॉलिटेक्निक शिक्षा में नवाचार और क्रियान्वयन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शनिवार से NITTTR सभागार में शुरू होगी। इसका शुभारंभ विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।



बौद्धिक संपदा पर प्रशिक्षण ले रहे 45 प्राध्यापक भी इस नई कार्यशाला में शामिल होंगे। इनमें गुना, धार, झाबुआ, दतिया, अशोकनगर, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, सीधी, शहडोल, रीवा आदि जिलों के प्रोफेसर्स शामिल हैं।



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