PSC आंदोलन बाउंडओवर केस : ASI के बयान के बाद DCP जोन 3 कोर्ट कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक

Sanjay Gupta | Jun 18, 2025, 14:59 IST
psc-andolan-boundover-case
मध्य प्रदेश PSC आंदोलन के बाउंडओवर केस में ASI भरत सिंह के बयान में गड़बड़ी मिली है। गड़बड़ी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने DCP जोन 3 कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

मप्र लोक सेवा आयोग के बाहर दिसंबर 2024 में महाआंदोलन हुआ था। इस महाआंदोलन के नेतृत्वकर्ता राधे जाट थे। राधे जाट के खिलाफ संयोगितागंज पुलिस ने बाउंडओवर की कार्रवाई की थी। बता दें कि राधे जाट पर बाउंडओवर की कार्रवाई विवादों में आ चुकी है। मामला अब हाईकोर्ट इंदौर के पास पहुंच गया है।



ये खबर भी पढ़िए...जबलपुर में नकली नोट छापने के मास्टरमाइंड पर बड़ा खुलासा, बड़ी संख्या में नकली नोट जब्त



हाईकोर्ट ने लगाई डीसीपी कोर्ट कार्रवाई पर रोक



डीसीपी और एएसआई को बनाया है पक्षकार

पीएससी आंदोलन के बाद इस मामले में संयोगिता पुलिस ने जाट को आदतन अपराधी बताया था। इसके साथ ही, राधे जाट को बाउंडओवर के लिए नोटिस जारी किए थे। लेकिन संयोगितागंज पुलिस के सहायक उप निरीक्षक ASI भरत सिंह के बयान ही DCP जोन 3 हंसराज सिंह की कोर्ट में प्रतिपरिक्षण में फेल हो गए। इसमें डीसीपी कोर्ट ने कार्रवाई नहीं की। इस पर अब याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। याचिका में डीसीपी, एएसआई दोनों को पार्टी बनाया गया।





ये खबर भी पढ़िए... मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विभाग के ट्रांसफर खतरे में, एक लाया स्टे तो बाकी भी तैयार



यह हुआ पूरा विवाद

सिंह पर केस करने का लगा आवेदन

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जयेश गुरनानी ने डीसीपी कोर्ट में आवेदन दिया। आवेदन में लिखा कि कानून के अनुसार कोर्ट में बयान गलत साबित होने पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होता है। तत्काल गिरफ्तारी होती है। ऐसे में सिंह के बयान से साफ है कि कूटरचित हस्ताक्षर से यह केस पेश हुआ है तो उन पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।



ये खबर भी पढ़िए...इंदौर की बिजली कटौती से सीएम मोहन नाराज, मंत्री, ACS ने MD सिंह से कहा बार-बार एक कारण मत बताओ



ASI सिंह ने लगाया आवेदन, फिर से परीक्षण हो

इसी दौरान लगे इस आवेदन से हड़कंप मच गया। तत्काल सिंह ने डीसीपी को एक आवेदन दिया है। आवेदना में कहा गया कि मुझसे प्रतिपरिक्षण में घुमा घुमाकर सवाल पूछे गए। मैंने उस समय चश्मा भी नहीं पहना था। मेरी तबीयत भी खराब थी, इसलिए हड़बड़ाहट में कुछ प्रश्नों के उतर भूलवश गलत दे दिए गए। इसलिए न्यायहित में फिर प्रति परिक्षण कराया जाए। इसके बाद डीसीपी कोर्ट से नोटिस जारी हुए। इसमें सिंह के आवेदन को मंजूर करते हुए 6 जून को फिर से प्रतिपरिक्षण के लिए केस लगाया गया। इसके लिए जाट और उनके अधिवक्ता को नोटिस दिए गए। लेकिन उनका तर्क है कि एक बार प्रतिपरिक्षण होने के बाद फिर से नहीं हो सकते हैं। एक सीनियर पुलिस अधिकारी द्वारा जूनियर पुलिस अधिकारी का बचाव किया जा रहा है। साथ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃



🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



PSC आंदोलन बाउंडओवर केस | DCP Court | radhe jat | highcourt stay | MP News



Tags:
  • MP News
  • मध्य प्रदेश
  • हाईकोर्ट
  • highcourt stay
  • DCP Court
  • radhe jat
  • PSC आंदोलन बाउंडओवर केस
  • बाउंडओवर