मस्जिद में चाकूबाजी, अलविदा की नमाज के दौरान आपस भिड़े लोग, जानें ऐसा क्या हुआ
पवन सिलावट@रायसेन
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज (Begumganj, Raisen) की मकबरा मस्जिद में शुक्रवार को अलविदा की नमाज (Alvida Namaz) के दौरान चाकूबाजी की घटना सामने आई। इस हमले में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की वजह से मस्जिद में समुदाय के लोगों ने देरी से नमाज अदा की।
इस वजह हुआ था विवाद
चाकूबाजी में चार घायल, एक की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष शकील अहमद और युवक सैयद सावेश अली के बीच काली पट्टी बांधने को लेकर बहस हो गई। शकील अहमद ने सवाल किया कि सावेश ने पट्टी बांधने से पहले त्योहार कमेटी से अनुमति क्यों नहीं ली। बहस बढ़ते-बढ़ते हिंसक हो गई और शकील अहमद, उनके भाई लईक पठान और नवेद पठान ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। इस हमले में सैयद नवेद अली सैयद अहद अली सैयद शारिक अली और सावेश अली घायल हो गए।
नमाज में एक घंटे की देरी
सैयद नवेद अली की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे रायसेन जिला अस्पताल (Raisen District Hospital) रेफर किया गया। अन्य तीन घायलों का इलाज बेगमगंज सिविल अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद मस्जिद में भगदड़ मच गई और नमाज रोक दी गई। घायलों के खून से मस्जिद का फर्श लाल हो गया था। इस वजह से करीब एक घंटे बाद अलविदा की नमाज अदा की गई।
पुलिस ने तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया
बेगमगंज के थाना प्रभारी राजीव उइके ने बताया कि सैयद सावेश अली की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों आरोपियों पर धारा 296 (धार्मिक उपासना में विघ्न डालना), धारा 115(2) (हत्या के प्रयास की योजना बनाना), धारा 118(1) (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 351(2) (धमकी देकर चोट पहुंचाना), धारा 3(5) बीएनएस (Bharatiya Nyay Sanhita) के तहत मामला दर्ज किया है।
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क्या है वक्फ संशोधन विधेयक
वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर देशभर में मुस्लिम समुदाय के कई वर्गों में असहमति देखी जा रही है। इस विधेयक में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े नए प्रावधान शामिल हैं, जिनका कुछ समूह विरोध कर रहे हैं। इस बीच मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शुक्रवार 28 मार्च को जुम्मे की नमाज काली पट्टी बांधकर पढ़ने की अपील की थी। इसी दौरान ये घटना सामने आई।
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