सिविल जज भर्ती नियमों को चुनौती पर जवाब पेश, 12 फरवरी को अगली सुनवाई

Pooja Kumari | Feb 08, 2024, 09:09 IST
Jabalpur
याचिकाकर्ता वर्षा पटेल और अन्य की ओर से दायर याचिका में हाईकोर्ट की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने 23 जून 2023 को संशोधन करके ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए सभी योग्यताएं अनारक्षित वर्ग के समतुल्य किए जाने को चुनौती दी गई थी।

BHOPAL. मध्यप्रदेश सिविल जज भर्ती नियमों की वैधानिकता को चुनौती देने के याचिका पर हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जवाब पेश कर दिया गया है। बता दें कि चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विाल मिश्रा की युगलपीठ ने जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए उसकी प्रति सभी पक्षदारों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। याचिका पर अंतिम सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की गई है।



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ओबीसी (OBC) वर्ग को मात्र 14 फीसदी आरक्षण


याचिकाकर्ता वर्षा पटेल और अन्य की ओर से दायर याचिका में हाईकोर्ट की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने 23 जून 2023 को संशोधन करके ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए सभी योग्यताएं अनारक्षित वर्ग के समतुल्य किए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि न्यायिक सेवा में ओबीसी (OBC) वर्ग को मात्र 14 फीसदी आरक्षण दिया गया है।



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7 फरवरी को हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जवाब पेश


एलएलबी परीक्षा में बिना एटीकेटी के 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करना और तीन वर्ष के वकालत के अनुभव के साथ सिविल जज परीक्षा के लिए पात्रता निर्धारित है। साक्षात्कार में 50 अंकों में से 20 अंकों की अनिवार्यता है। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को संलग्न कर उनकी सुनवाई एक साथ करने के निर्देश भी दिए। याचिका की सुनवाई के दौरान बीते बुधवार यानी 7 फरवरी को हाईकोर्ट प्रशासन की तरफ से जवाब पेश किया गया। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए।



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