प्रमोशन में आरक्षण पर एमपी हाईकोर्ट में 6 जनवरी को सुनवाई

Sandeep Kumar | Jan 05, 2026, 23:37 IST
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एमपी हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण पर 6 जनवरी को अहम सुनवाई होगी। कर्मचारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला पक्ष में आने से भर्ती प्रक्रिया को गति मिलेगी।

BHOPAL. प्रमोशन में आरक्षण को लेकर एमपी हाईकोर्ट में कल मंगलवार को अहम सुनवाई होगी। यह सुनवाई दोपहर 12 बजे से चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच के सामने होगी। प्रदेशभर के हजारों सरकारी कर्मचारियों में इस सुनवाई को लेकर उत्साह हैं। इन मामलों के दाखिल होने के बाद से विवादित नियमों के तहत पदोन्नतियों पर रोक लगी हुई है।



मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई

प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। 7 जुलाई को पहली सुनवाई के बाद से 13 पेशियों से सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार के नियम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं। राज्य सरकार अपने नियमों का समर्थन कर रही है। अब मामले से जुड़े अन्य पक्षकारों की ओर से मंगलवार को पक्ष रखा जाएगा।



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कल यानी 7 जनवरी मंगलवार को होने वाली सुनवाई को निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि कोर्ट से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो वर्षों से रुकी पदोन्नतियों का रास्ता साफ हो सकता है। आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इस सुनवाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।



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प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा लंबित

प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा मध्य प्रदेश में लंबित है। इसके कारण हजारों पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों के करियर भी प्रभावित हो रहे हैं। हाईकोर्ट के हर आदेश पर कर्मचारी, शासन और प्रशासन की नजर है। अब सभी की निगाहें मंगलवार दोपहर 12 बजे की सुनवाई पर हैं। मप्र हाईकोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है, यह देखना होगा। कर्मचारियों को राहत मिलती है या नहीं, यह भी साफ होगा।



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प्रमोशन पर रोक के कारण इतने पद खाली

राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता के. वैद्यनाथन ने बताया कि प्रदेश में 9.50 लाख पद स्वीकृत हैं। इनमें से 6.45 लाख पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रमोशन पर रोक के कारण लगभग 3 लाख पद खाली हैं। वर्ग-2 और वर्ग-4 के 2.90 लाख कर्मचारियों का प्रमोशन अटका हुआ है।





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