क्रिकेट के भगवान Sachin Tendulkar पहुंचे महेश्वर, बुनाई कला और कल्चरल हेरिटेज से हुए रूबरू
सचिन तेंदुलकर अपनी बेटी सारा तेंदुलकर (Sara Tendulkar) और परिवार के साथ मध्यप्रदेश के महेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने महेश्वरी साड़ियों के बुनकरों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साड़ियों की बुनाई प्रक्रिया को समझा और इस पारंपरिक कला के महत्व पर चर्चा की।
सचिन तेंदुलकर ने महेश्वर में महेश्वरी साड़ियों की बुनाई प्रोसेस को नजदीक से देखा उन्होंने इस पारंपरिक कला के महत्व को समझा और इसकी तकनीक को सराहा और बुनकरों से साड़ियों की बनावट और उनके इतिहास पर विस्तार से बातचीत की।
सचिन तेंदुलकर ने महेश्वर की सांस्कृतिक और हेंडीक्राफ्ट हेरिटेज को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने इस क्षेत्र की रिच आर्ट और संस्कृति को नेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की जरूरत पर जोड़ दिया।
सचिन तेंदुलकर ने महेश्वर किले के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और वहां की हिस्टोरिकल रिचनेस और कल्चरल हेरिटेज को देखा। किले की आर्किटेक्चर और हिस्ट्री ने उन्हें इम्प्रेस किया।
सचिन ने नर्मदा नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक किले और देवी अहिल्याबाई की राजगद्दी का भी दौरा किया। (अहिल्या फोर्ट महेश्वर) यहां उन्होंने श्रद्धा से अपना माथा टेका और किले के महत्व को भी समझा।
सचिन तेंदुलकर के महेश्वर दौरे से लोकल टूरिज्म में एक्साइटमेंट देखने को मिला। सैलानी बड़े उत्साह से इस हिस्टोरिकल साइट का दौरा करने पहुंचे। उनके स्वागत में स्थानीय लोग भी खुश नजर आए और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि देखी गई।
सचिन (Sachin Tendulkar) ने स्कूली बच्चों से मुलाकात की और उनसे शैक्षणिक जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ शिक्षा के महत्व पर चर्चा की।