एमपी में 10 मार्च से शुरू होगा सरस्वती अभियान, ओपन स्कूल से जुड़ेंगी स्कूल छोड़ चुकी बेटियां

Sandeep Kumar | Mar 06, 2026, 22:40 IST
Saraswati Abhiyan
एमपी में 10 मार्च से 'सरस्वती अभियान' शुरू हो रहा है। इसके तहत स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को राज्य ओपन स्कूल प्रणाली से शिक्षा का अवसर मिलेगा। यह अभियान महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देगा।

BHOPAL. मध्यप्रदेश में पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘सरस्वती अभियान’ शुरू किया है। यह अभियान बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य उन बालिकाओं को फिर से पढ़ाई से जोड़ना है, जो सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक कारणों से स्कूल छोड़ चुकी हैं।



10 मार्च को सीएम मोहन यादव करेंगे शुरुआत

अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ 10 मार्च को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। विभाग स्कूल त्यागी बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने की कार्ययोजना और नए प्रयासों की जानकारी भी साझा करेगा।



MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें



मार्गदर्शन और मेंटोरिंग की सुविधा दी जाएगी

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार इस अभियान में बालिकाओं को राज्य ओपन स्कूल प्रणाली से पढ़ाई का अवसर मिलेगा। वे 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे सकेंगी। उन्हें अध्ययन सामग्री, संपर्क कक्षाएं, मार्गदर्शन और मेंटोरिंग की सुविधा दी जाएगी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाएं स्कूल छोड़ देती हैं। पढ़ाई छूटने के बाद उन्हें दोबारा शिक्षा का अवसर नहीं मिलता। इससे उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है और भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। यह समस्या ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में ज्यादा गंभीर है।



'द सूत्र' फिर 100 फीसदी सही, MPPSC ने जारी किया लाइब्रेरियन 2022 का रिजल्ट



राज्य ओपन स्कूल में होगा नामांकन

अभियान के तहत पहले स्कूल त्यागी बालिकाओं का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें राज्य ओपन स्कूल में नामांकित किया जाएगा। वे परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन प्राप्त करेंगी। नियमित काउंसलिंग से उन्हें परीक्षा पास करने में मदद मिलेगी। परीक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें आगे की शिक्षा या रोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि यह अभियान बालिकाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाएगा।



एमपी में एक साल में 69 हजार मजदूरों की मौत, सभी की उम्र 60 से कम, विभाग करेगा जांच



एमपी आईएएस ट्रांसफर: सीएस अनुराग जैन अवकाश पर, सबसे बड़ी लिस्ट के लिए अभी और इंतजार



महिला सशक्तिकरण पर फोकस

सरकार का लक्ष्य बालिका शिक्षा दर बढ़ाना है। ड्रॉप-आउट को कम करना और महिला सशक्तिकरण को गति देना है। इस अभियान से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने में मदद मिलेगी। सरस्वती अभियान के जरिए शिक्षा से वंचित बालिकाओं को अवसर मिलेगा। वे परिवार और समाज के विकास में भी भूमिका निभा सकेंगी।



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • महिला सशक्तिकरण
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • सरस्वती अभियान