सौरभ शर्मा केस: इनोवा से मिली डायरी खोलेगी बड़े नामों के राज, बड़ी कार्रवाई की तैयारी

Sourabh Bhatnagar | Feb 14, 2025, 10:31 IST
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ईडी की रिमांड पर चल रहे आरटीओ विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर से पूछताछ का सिलसिला जारी है। ईडी अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनसे यह जानकारी ली जा रही है

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हिरासत में लिए गए सौरभ शर्मा, चेतन सिंह और शरद जायसवाल से पूछताछ जारी है। इस मामले में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकदी से भरी कार में मिली डायरी ने बड़ा खुलासा किया है। डायरी में कई आरटीओ अधिकारियों और कई ज्वेलर्स के नाम दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आरोपियों से उनकी कंपनियों में भागीदारी और काले धन के स्रोत को लेकर पूछताछ की जा रही है।



वहीं, ईडी अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि उनके घर, फर्म और कंपनियों में आने-जाने वाले लोगों से उनके क्या संबंध थे और वे किस उद्देश्य से वहां आते थे। इन फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं।



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कंपनियों में भागीदारी की जांच

इस मामले की तह तक जाने के लिए शरद और चेतन से उनकी कंपनियों में भागीदारी और निवेश के स्रोतों पर गहन पूछताछ हो रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकदी कहां से आई और इसका उपयोग कहां किया जाना था। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह रकम और सोना किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं।



इनोवा कार से मिली डायरी से बड़ा खुलासा

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ईडी के दफ्तर में कड़ी निगरानी

गुरुवार को जांच एजेंसियों ने तीनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए जेपी अस्पताल ले जाया, ताकि उनकी सेहत की नियमित जांच की जा सके। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं, अरेरा हिल्स स्थित बीएसएनएल दफ्तर में ईडी की पूछताछ लगातार जारी है। सोमवार तक इन तीनों आरोपियों को रिमांड में रखकर जांच की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।



परिजनों की अर्जी खारिज, वकीलों को मिलने की अनुमति

ईडी ने गुरुवार को विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की कोर्ट में सौरभ, चेतन और शरद के परिजनों से मुलाकात की अर्जी का विरोध किया। एजेंसी का तर्क था कि आरोपियों के परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कंपनियां और संपत्तियां हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। कोर्ट ने इस आधार पर अर्जी को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने आरोपियों को अपने वकीलों से मुलाकात करने की अनुमति दी है, जिससे उन्हें कानूनी सहायता मिल सके।



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