राज्यसभा सांसदों को लोकसभा के मैदान में उतारेंगे मोदी, चुनाव लड़ने में पहला नाम सिंधिया, जानें कहां से लड़ सकते हैं चुनाव
Vikram Jain | Jan 25, 2024, 23:55 IST
राज्यसभा सांसदों को लोकसभा के मैदान में उतारेंगे मोदी, चुनाव लड़ने में पहला नाम सिंधिया, जानें कहां से लड़ सकते हैं चुनाव
पीएम मोदी राज्यसभा सांसद सिंधिया को लोकसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी में है।
अरुण तिवारी, BHOPAL. लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बीजेपी ने तैयारियां तेज कर दी है। बीजेपी ने प्रत्याशियों के नाम पर मंथन भी शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लोकसभा चुनाव में राज्यसभा सांसदों को मैदान में उतारने वाले हैं। खासतौर पर वे सांसद जो केंद्रीय मंत्री हैं उनको लोकसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी है। मोदी के इस फैसले का सबसे बड़ा असर पड़ेगा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर। यानी सिंधिया इस बार फिर लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार के रुप में नजर आएंगे। लेकिन सवाल ये है कि क्या सिंधिया गुना या ग्वालियर से चुनाव लड़ने का जोखिम उठाएंगे। या फिर वे ऐसी सीट की तलाश में हैं जो उनके लिए जीत की गारंटी हो। तो वो कौन सी सीट हो सकती है, आइए आपको बताते है।
सिंधिया को चाहिए सेफ सीट
ज्योतिरादित्य सिंधिया को सेफ सीट की दरकार है। यानी वो सीट जहां पर उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। इसके पीछे ठोस वजह है। 2019 में सिंधिया अपनी परंपरागत सीट गुना से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। उनको उनके ही करीबी बीजेपी उम्मीदवार केपी यादव ने आसान शिकस्त दे दी थी। 2024 में वे बीजेपी के प्रत्याशी हो सकते हैं। अब हम आपको इसका पूरा गणित बताते हैं। गुना से सिंधिया का चुनाव लड़ना मुश्किल है क्योंकि 5 साल पहले ही वे वहां से अपनी हार देख चुके हैं, दूसरी बात बीजेपी भी नहीं चाहेगी कि 2019 में महल की दीवार को ढहाने वाले केपी यादव का टिकट काटकर किसी और को दिया जाए फिर चाहे वे सिंधिया ही क्यों न हों। सिंधिया के लिए दूसरी सीट ग्वालियर है लेकिन यहां भी पेंच है। यहां पर सवाल ये है कि क्या यह सीट सिंधिया की जीत की गारंटी हो सकती है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। दूसरा यहां से संघ के करीबी शेजवलकर का टिकट काटना आसान नहीं होगा। तो अब सिंधिया के लिए सेफ सीट कौन सी है। पहली सेफ सीट हो सकती है भोपाल, लेकिन यहां पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की नजर है। दूसरी सेफ सीट है इंदौर। यह सीट बीजेपी की परंपरागत सीट मानी जाती है। यहां मराठी वोटर बड़ी संख्या में है। इस सीट पर सिंधिया का पुराना संबंध भी रहा है। इसीलिए सिंधिया जीत की गारंटी मानी जाने वाली इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
दरअसल, मोहन कैबिनेट के मंत्री प्रद्म्न सिंह तोमर ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर खुलासा किया है। मंत्री तोमर ने 'महाराज' यानि सिंधिया के चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि जो वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा, वो कहां से चुनाव लड़ेंगे।
सिंधिया ने चंबल में दिया कांग्रेस को तगड़ा झटका
इससे पहले सिंधिया ने चंबल में कांग्रेस को एक बार फिर से बड़ा झटका दे दिया था। इस बार सिंधिया ने मुरैना जिले के तमाम पदाधिकारी समेत 228 कांग्रेसियों को बीजेपी में शामिल करके कांग्रेस की हालत खराब कर दी है। पिछले दिनों सिंधिया ने मुरैना से कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश मावई को भी बीजेपी में शामिल करके कांग्रेस को करारा झटका दिया था। अब राकेश मावई की अगुवाई में ही 228 कांग्रेसियों ने बीजेपी ज्वाइन करके कांग्रेस को अलविदा कह दिया है।
सिंधिया को चाहिए सेफ सीट
ज्योतिरादित्य सिंधिया को सेफ सीट की दरकार है। यानी वो सीट जहां पर उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। इसके पीछे ठोस वजह है। 2019 में सिंधिया अपनी परंपरागत सीट गुना से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। उनको उनके ही करीबी बीजेपी उम्मीदवार केपी यादव ने आसान शिकस्त दे दी थी। 2024 में वे बीजेपी के प्रत्याशी हो सकते हैं। अब हम आपको इसका पूरा गणित बताते हैं। गुना से सिंधिया का चुनाव लड़ना मुश्किल है क्योंकि 5 साल पहले ही वे वहां से अपनी हार देख चुके हैं, दूसरी बात बीजेपी भी नहीं चाहेगी कि 2019 में महल की दीवार को ढहाने वाले केपी यादव का टिकट काटकर किसी और को दिया जाए फिर चाहे वे सिंधिया ही क्यों न हों। सिंधिया के लिए दूसरी सीट ग्वालियर है लेकिन यहां भी पेंच है। यहां पर सवाल ये है कि क्या यह सीट सिंधिया की जीत की गारंटी हो सकती है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। दूसरा यहां से संघ के करीबी शेजवलकर का टिकट काटना आसान नहीं होगा। तो अब सिंधिया के लिए सेफ सीट कौन सी है। पहली सेफ सीट हो सकती है भोपाल, लेकिन यहां पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की नजर है। दूसरी सेफ सीट है इंदौर। यह सीट बीजेपी की परंपरागत सीट मानी जाती है। यहां मराठी वोटर बड़ी संख्या में है। इस सीट पर सिंधिया का पुराना संबंध भी रहा है। इसीलिए सिंधिया जीत की गारंटी मानी जाने वाली इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
दरअसल, मोहन कैबिनेट के मंत्री प्रद्म्न सिंह तोमर ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर खुलासा किया है। मंत्री तोमर ने 'महाराज' यानि सिंधिया के चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि जो वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा, वो कहां से चुनाव लड़ेंगे।
सिंधिया ने चंबल में दिया कांग्रेस को तगड़ा झटका
इससे पहले सिंधिया ने चंबल में कांग्रेस को एक बार फिर से बड़ा झटका दे दिया था। इस बार सिंधिया ने मुरैना जिले के तमाम पदाधिकारी समेत 228 कांग्रेसियों को बीजेपी में शामिल करके कांग्रेस की हालत खराब कर दी है। पिछले दिनों सिंधिया ने मुरैना से कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश मावई को भी बीजेपी में शामिल करके कांग्रेस को करारा झटका दिया था। अब राकेश मावई की अगुवाई में ही 228 कांग्रेसियों ने बीजेपी ज्वाइन करके कांग्रेस को अलविदा कह दिया है।
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