चयनित पटवारियों को जल्द मिलेगी joining | Congress उठा रही सवाल

नवंबर 2022 में पटवारी सहित ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 के 9200 पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी किया था। 15 मार्च से 26 अप्रैल तक 78 परीक्षा सेंटर पर परीक्षाएं हुईं। इस परीक्षा के लिए 12 लाख 7963 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

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ATUL DWIVEDI
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पटवारी भर्ती का पूरा सच

आखिरकार आठ महीने बाद मप्र पटवारी परीक्षा में सिलेक्ट हुए उम्मीदवारों के लिए 15 फरवरी यानी गुरूवार का दिन राहत लेकर आया जब सरकार ने घोषणा की, कि जल्द ही चयनित पटवारियों को नियुक्तियां दी जाएंगी.....लेकिन इन आठ महीनों में कब क्या हुआ आइए इस वीडियो में आपको बताते हैं....

नवंबर 2022 में पटवारी सहित ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 के 9200 पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी किया था। 15 मार्च से 26 अप्रैल तक 78 परीक्षा सेंटर पर परीक्षाएं हुईं। इस परीक्षा के लिए 12 लाख 7963 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। 9 लाख 78 हजार 270 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए।

30 जून 2023 को रिजल्ट आया। 8617 चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी हुई। बाकी पदों के रिजल्ट रोके गए, लेकिन इसी दौरान ग्वालियर के एक ही सेंटर एनआरआई कॉलेज से 10 में 7 टॉपर के नाम सामने आने के बाद परीक्षा पर सवाल उठने लगे।

परीक्षा में धांधली के आरोप लगाते हुए लाखों छात्र प्रदेश के शहरों में सड़कों पर उतर गए। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले युवाओं की नाराजगी को भांपते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 जुलाई 2023 की शाम को परीक्षा की जांच कराने की घोषणा कर दी।

19 जुलाई 2023 को जस्टिस राजेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया। आयोग को जांच के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया, लेकिन इसके बाद जांच आयोग का कार्यकाल पहले 31 अक्टूबर और फिर 15 दिसंबर तक बढ़ गया। इसके बाद नई सरकार में कार्यकाल 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा सहित अन्य संभागों के छात्रों ने जांच आयोग के दफ्तर में आकर बयान दर्ज कराए। छात्रों ने परीक्षा में धांधली की आशंका वाले कई तथ्य पेश किए, लेकिन इनके पक्ष में कोई सबूत पेश नहीं कर पाए। जस्टिस वर्मा खुद अलग-अलग परीक्षा सेंटर पर गए।

जस्टिस वर्मा ने ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज सहित कुछ दूसरे परीक्षा सेंटर्स की भी जांच की। इसमें व्यापमं से मांगी गई जानकारी से यहां की पूरी प्रक्रिया को वेरिफाई किया गया। इसमें बताया गया है कि किसी खास सॉफ्टवेयर की मदद से यदि कोई सिस्टम को रिमोट पर ले लें, बस यही धांधली की आशंका है। बाकी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में कहीं कोई गड़बड़ी नजर नहीं आ रही है, लेकिन सिस्टम को रिमोट पर लिए जाने के संबंध में कोई पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सका है। और आखिरकार सरकार ने जस्टिस वर्मा की सौंपी गई रिपोर्ट को सही माना और नियुक्ति की घोषणा कर दी। 

वीडियो और भी हैं...

https://youtu.be/EviNwUFSY8w?si=O4mtaS34DUBlXort

https://www.youtube.com/live/lLdkFoY58k8?si=seGdTreWpFgdf421

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