MP गजब है, फिर तैयार किया अनोखा मुजस्सिमा, 70% पुल बनाने के बाद नजर आई 33 KV लाइन, काम ठप

Amresh Kushwaha | Sept 20, 2026, 10:01 IST
श्योपुर में मेडिकल कॉलेज पुल अटका
श्योपुर में मेडिकल कॉलेज तक जाने वाला पुल 70 प्रतिशत बनने के बाद 33 केवी बिजली लाइन के कारण अटक गया है। पुराना रपटा भी पानी में डूबा है। छात्रों, डॉक्टरों और स्टाफ को अब रोज करीब 10 किमी अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • श्योपुर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने का पुल अटक गया है।
  • सीप नदी पर 19.87 करोड़ रुपए से नया पुल बन रहा है।
  • पुल का 70 प्रतिशत काम होने पर 33 केवी लाइन सामने आई।
  • पुराना रपटा पानी में डूबने से सीधा रास्ता भी बंद है।
  • छात्रों, डॉक्टरों और स्टाफ को अब 10 किमी ज्यादा घूमना पड़ रहा है।

मध्यप्रदेश के श्योपुर में मेडिकल कॉलेज में इस साल प्रवेश शुरू हुआ है। देशभर से छात्र अपने अभिभावकों के साथ कॉलेज पहुंच रहे हैं। वहीं, कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता ही अब सबसे बड़ी दिक्कत बन गया है। कॉलेज को जोड़ने वाला पुल बीते दो महीने से बंद पड़ा है।



पुल का काम क्यों रुका

मेडिकल कॉलेज लिंक रोड पर भूतेश्वर महादेव मंदिर के पास सीप नदी पर एक ऊंचा पुल बनाया जा रहा है। इस पुल की लागत 19 करोड़ 87 लाख रुपए है। पुल का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। वहीं, इसके ऊपर से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन अब निर्माण में बाधा बन गई है।



बिजली के खंभे और तार पुल के रास्ते में आ रहे हैं। इस वजह से एजेंसी आगे का काम ही नहीं कर पा रही है। जब तक लाइन और पोल नहीं हटते, तब तक पुल पर स्लैब नहीं रखा जा सकता। इसलिए निर्माण पूरी तरह ठप है।



15 किमी घूमकर कॉलेज तक

पुल का काम रुकने के साथ एक और मुसीबत सामने आ गई है। नदी का पुराना रपटा भी पानी में डूब गया है। इससे कॉलेज जाने का सीधा रास्ता पूरी तरह बंद है। अब छात्र, डॉक्टर, शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक करीब 15 किमी घूमकर कॉलेज पहुंच रहे हैं। लोगों को अब पाली रोड से रायपुर बायपास और रुपनगर होकर जाना पड़ रहा है।



श्योपुर बस स्टैंड से इस नए रास्ते की दूरी करीब 15 किमी है। जबकि जाटखेड़ा होकर कॉलेज जाने पर दूरी सिर्फ पांच किमी रह जाती है। यानी बिजली लाइन की वजह से लोगों को रोज करीब 10 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। नए छात्रों और उनके परिवार के लिए कॉलेज और शहर की पहली छवि ही अव्यवस्था वाली बन रही है।



कॉलेज भवन में भी थीं खामियां

मेडिकल कॉलेज के रास्ते में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कॉलेज भवन के निर्माण में भी कई कमियां सामने आई थीं। जांच समिति की रिपोर्ट में दो हॉस्टल पूरे नहीं होने की बात दर्ज थी। इसके अलावा बोरिंग, डीजी सेट, लिफ्ट और फैंसिंग से जुड़ी दिक्कतें भी थीं।



बारिश में भवन में पानी रिसने की शिकायत भी रिपोर्ट में शामिल थी। बाद में इनमें से कुछ कमियां दूर की गईं। अब कॉलेज को जोड़ने वाला पुल बिजली लाइन के कारण अटक गया है। इससे साफ है कि बड़े निर्माण कार्यों की योजना और मौके के सर्वे में गंभीर कमी रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि करोड़ों रुपए के पुल का निर्माण शुरू करने से पहले बिजली लाइन का सर्वे क्यों नहीं किया गया।



अधिकारी और डीन की बात

सेतु निर्माण विभाग श्योपुर की एसडीओ (Sub Divisional Officer) भुवना जोशी ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पुल का काम बिजली के पोल रास्ते में आने के कारण रुका है। उनके मुताबिक लाइन शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। इसका प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।



वहीं मेडिकल कॉलेज श्योपुर के डीन डॉ. विपेंद्र भदकारिया ने भी अपनी परेशानी बताई। उनके अनुसार कॉलेज का रास्ता बंद होने से सभी लोग परेशान हैं। डॉक्टर से लेकर स्टूडेंट तक हर कोई इस समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब तक ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है।



आगे क्या होगा

फिलहाल पुल का काम पूरी तरह बंद पड़ा है। बिजली लाइन शिफ्ट होने के प्रस्ताव पर मंजूरी का इंतजार है। जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक निर्माण शुरू होना मुश्किल है। इस बीच छात्रों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को रोज लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।



पुराने रपटे में पानी उतरने तक स्थिति और मुश्किल बनी रह सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में जल्द फैसला ले। कॉलेज तक सीधा और सुरक्षित रास्ता बहाल करना अब जरूरी हो गया है।



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