शिवपुरी कृषि प्रशिक्षण केंद्र से स्मैक की 14 पुड़िया बरामद, प्राचार्य गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- शिवपुरी में कृषि प्रशिक्षण केंद्र प्राचार्य गिरफ्तार हुए।
- टेबल की दराज से स्मैक की 14 पुड़िया मिलीं।
- पुलिस ने मौके पर पंचनामा बनाकर सामान जब्त किया।
- आरोपी लक्ष्मीनारायण चौरसिया पर केस दर्ज हुआ।
- पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच कर रही है।
शिवपुरी में कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी टेबल की दराज से स्मैक की 14 पुड़िया बरामद हुई हैं। पुलिस ने मौके पर पंचनामा बनाकर सामान जब्त किया। आरोपी प्राचार्य का नाम लक्ष्मीनारायण चौरसिया बताया गया है। पुलिस ने उन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
शिवपुरी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य की टेबल से नशीला पदार्थ मिला। पुलिस को पहले से इसकी सूचना मिल चुकी थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में टेबल की दराज से स्मैक की पुड़िया बरामद हुईं।
एक सरकारी शिक्षण संस्थान के प्राचार्य के पास से नशीला पदार्थ मिलना बड़ी बात है। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
फोन पर मिली सूचना
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे उस समय शहर में गश्त पर थे। उन्हें मोबाइल पर एक सूचना मिली। सूचना थी कि प्रशिक्षण केंद्र के एक कर्मचारी के पास स्मैक की पुड़िया है। यह भी बताया गया कि वह पुड़िया छुपाने की कोशिश कर रहा है। सूचना गंभीर थी इसलिए थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने अपनी टीम के साथ तुरंत कृषि प्रशिक्षण केंद्र का रुख किया। पुलिस टीम बिना देर किए मौके के लिए रवाना हुई। टीम सीधे प्राचार्य कक्ष में पहुंची। वहां प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया मौजूद मिले। पुलिस को देखकर केंद्र में मौजूद स्टाफ भी हैरान रह गया।
टेबल की दराज से बरामदगी
केंद्र में मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचार्य की टेबल की दराज में स्मैक के पैकेट रखे हैं। पुलिस ने तुरंत दराज की तलाशी ली। दराज में सफेद पॉलिथीन के अंदर कागज की पुड़िया मिलीं।
कर्मचारियों ने ये पुड़िया निकालकर टेबल पर रख दी थीं। पुलिस ने मौके पर ही गिनती की। कुल 14 पुड़िया बरामद हुईं। पुड़िया खोलने पर अंदर भूरे रंग का पाउडर मिला। इसे स्मैक बताया गया। वजन करने पर यह 1.66 ग्राम निकला।
पुलिस ने पूरी बरामदगी प्रक्रिया का पंचनामा तैयार किया। इस दौरान दो स्वतंत्र गवाहों को भी मौके पर बुलाया गया। बरामद सामान को सील कर सुरक्षित रखा गया। आगे की जांच के लिए इसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
नशीला पदार्थ जब्त करने के बाद पुलिस ने जरूरी कागजी कार्रवाई की। पंचनामा और जब्ती पत्र तैयार किए गए। आरोपी को नोटिस भी दिया गया। लेकिन आरोपी ने कागजों पर साइन करने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने इनकार का अलग पंचनामा तैयार किया।
पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS – Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। यह एक्ट नशीले पदार्थों की खरीद, बिक्री और रखने से जुड़े अपराधों पर लागू होता है। इस एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। इसके साथ ही कार्यालय में लगे सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) कैमरे का डीवीआर (DVR – Digital Video Recorder) भी जब्त किया गया है।
जांच अभी जारी है
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक प्राचार्य तक कैसे पहुंची। यह भी देखा जा रहा है कि इसमें कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज की जांच से अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
इस बीच केंद्र के अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या स्मैक की सप्लाई का कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल आरोपी प्राचार्य पुलिस हिरासत में हैं। मामले की आगे की जांच जारी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर हैरानी है। एक सरकारी शिक्षण संस्थान में ऐसी घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नशे के खिलाफ पुलिस अभियान
मध्य प्रदेश में पुलिस लगातार नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रही है। कई जिलों में स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। शिवपुरी जैसे छोटे शहरों में भी नशे का जाल फैलता जा रहा है। पुलिस समय-समय पर संदिग्ध जगहों पर छापेमारी करती है।
इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। खासकर जब मामला किसी शिक्षण संस्थान से जुड़ा हो। शिक्षक और प्राचार्य समाज में सम्मानजनक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी संलिप्तता चिंता बढ़ाती है। प्रशासन को इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
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